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भारत-चीन की सीमा पर 2 लाख जवान तैनात, केंद्र सरकार ने दिया पलटवार का आदेश

Jun 29, 2021
2 min read


दुनिया को कोरोना वायरस से खत्म करने का षडयंत्र रचने वाला चीन एक बार फिर भारतीय सीमा पर दुस्साहस की फिराक में है।


बीते वाकयों से सबक लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार चीन को उसी की भाषा में जवाब दे रही है। पिछली बार भी जब चीन के सैनिकों ने निहत्थे भारतीय सैनिकों पर हमला किया था तब भारतीय सैनिकों ने चीन के चालीस से ज्यादा जवान मौत के घाट उतार दिए थे।


अब चीन की आक्रामकता के खिलाफ भारत ना सिर्फ चीन को तरेर कर देख रहा है बल्कि बुरी नजरों को नेस्तनाबूद भी कर रहा है। इसी क्रम में चीन से लगी सीमा पर 50,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है।


जानकारी के मुताबिक अब सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या दो लाख हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 40 फीसद ज्यादा है। हाल में तिब्बत में चीन की ओर से अपने मौजूदा एयर फील्ड को मजबूत करने की कोशिशों को देखते हुए भारत की तैयारी और भी मायने रखती है।


कैसे बदली है सीमा पर फोर्स की तस्वीर


पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा पर जिम्मेदारी संभालने वाली मथुरा की 1-स्ट्राइक कॉर्प्स को चीन सीमा पर तैनात किया गया।


हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लगे और कम विवादित माने जाने वाले सेंट्रल सेक्टर पर भी कम से एक डिवीजन तैनात है। एक डिवीजन में कम से कम 10,000 सैनिक होते हैं।


पानागढ़ की माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स को सीमा के ईस्टर्न सेक्टर पर तैनात किया गया है।


ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स कही जाने वाले सत्रहवीं माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स को ईस्टर्न सेक्टर पर तैनाती के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पलटवार करने की जिम्मेदारी दी गई है।


नई तैनाती से पाकिस्तान की सीमा पर तैनात रहने वाले जवानों की तादाद कम होगी, लेकिन ऐसे जवानों की तादाद बढ़ेगी, जो जरूरत के मुताबिक, उत्तर से पश्चिम तक की सीमा पर पहुंच सकेंगे।


पहाड़ों पर हमले में सक्षम माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स को करीब एक दशक पहले सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन अब तक इसमें केवल एक ही डिवीजन थी। अब सरकार इसे मजबूती देने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।


चीन के खिलाफ भी ऑफेंसिव डिफेंस स्ट्रैटिजी


भारत ने पहले सीमा पर चीनी अतिक्रमण रोकने के लिए सैनिक तैनात कर रखे थे, लेकिन अब दल-बल में भारी वृद्धि करके जवाबी हमला करने और चीनी सीमा में प्रवेश करने की क्षमता भी हासिल कर ली है। एक सूत्र ने कहा कि भारत अब चीन के खिलाफ भी 'ऑफेंसिव डिफेंस' की रणनीति अपनाने में नहीं हिचकेगा। इसके लिए एक घाटी से दूसरे घाटी तक सैनिकों और हल्के हॉवित्जर तोपों को लाने-ले जाने में हेलिकॉप्टरों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।


इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भारतीय सेना को स्पष्ट आदेश दे दिया है कि अगर चीन के तरफ से कोई भी ऐसी हरकत होती है जो भारत के खिलाफ हो तो तत्काल पूरी क्षमता से उसका जवाब दिया जाए। अब चीन की कोई हरकत बर्दाश्त नहीं होगी।


टीम स्टेट टुडे


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