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जदयू नेता ने भाजपा को ललकारा, बोले- 2017 में की गई भूल को 2024 में सुधारेगी पार्टी


कानपुर, 06 नवम्बर 2022 : जदयू के राष्ट्रीयअध्यक्ष राजीव रंजन उर्फललन सिंह नेभाजपा को ललकारतेहुए आने वालेलोकसभा चुनाव में पार्टीप्रत्याशी उतारने का एलानकिया है। उन्होंनेमहंगाई, अग्निपथ योजना औरयूपी में ट्रैक्टरट्राली में सवारीन बिठाने केनियम पर भाजपासरकार को कठघरेमें खड़ा कियाहै। उन्होंने कहाकि 2017 में यूपीविधानसभा चुनाव में पार्टीसे उम्मीदवार नहींउतारकर भूल कीथी, जिसके लिएमाफी मांगते हैंऔर अब इसभूल काे 2024 मेंपार्टी सुधारेगी।

घाटमपुर के जनतामहाविद्यालय में आयोजितकार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधितकरते हुए उन्होंनेकहा कि सरकाररेलवे, एयरपोर्ट सबका निजीकरणकर रही है।दो गुजराती बेचरहे हैं औरदो खरीद रहेहैं। नाम नलेते हुए कहाकि 2014 के बाददुनिया के दूसरेसबसे अमीर आदमीबन गए। अबएनडीए खत्म होगया है औरभाजपा सभी दलोंके खिलाफ है।आने वाले 2024 केचुनाव में भाजपाको देश सेविदा करना है।

उन्होंने कहा किउज्वला योजना का सिलिंडरखाली ढनढना रहाहै। पहले 400 काएक सिलिंडर थाऔर अब 1400 रुपएका हो गयाहै। 2014 में पीएमबनने पर मोदीने कहा थाकी हर सालदो करोड़ लोगोंको रोजगार देंगे।आठ साल होगए अब हिसाबतो दीजिएगा।

राजीव रंजन नेकहा कि भाजपासरकार देश कीमूल समस्या महंगाई, बेरोजगारी को दूरकरने के लिएधार्मिक उन्माद का प्रचारकरती है। एकडॉलर 83 रुपए काहो गया हैऔर वित्तमंत्री आईएमएफकी बैठक मेंकह रही हैंकि रुपया नहींगिर रहा बल्किडॉलर मजबूत होरहा है। ऐसेलोग देश चलारहे हैं। गुजरातमें मोदी मुख्यमंत्रीथे और मनमोहनसिंह प्रधानमंत्री तबरुपया डॉलर केमुकाबले 50 से 56 हुआ था।तब मोदी कहतेथे कि उन्हेंएक मिनट पीएमरहने का हकनहीं है औरपूछते थे कीपाकिस्तान और श्रीलंकाकी करेंसी क्योंनहीं गिर रहीहै।

जदयू राष्ट्रीयअध्यक्ष ने कहाकी बिहार सरकारकी तीन-तीनयोजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार नेअपनाया है। चाहेवो हर घरजल योजना होया फिर हरघर बिजली। पूर्वराष्ट्रीय अध्यक्ष का नामलिए बिना उन्हेंभाजपा का एजेंटबताया और कहाकि उनकी वजहसे जदयू दोबाराएनडीए में 2017 मेंशामिल हुई। इसकेचलते भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव मेंबिहार में 40 में 39 सीटें मिलीं।

उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में दिखानेको कोशिश कीगई कि नीतीशकुमार का जनाधारखत्म हो गया।जदयू 42 सीट परचुनाव हारी औरनीतीश कुमार नेसीएम बनने सेइन्कार कर दिया।प्रधानमंत्री के बारबार आग्रह परउन्होंने सीएम पदकी शपथ ली।इसके बाद भाजपाके लोग दिखावाकरने लगे थेकि उपकार कीवजह से वोसीएम हैं। 9 अगस्तको अपमान नहींसहने का फैसलालिया गया औरअब 2014 की तरहमहागठबंधन तैयार किया जाएगा। 2015 मेंनीतीश कुमार द्वाराबनाए गठबंधन केचलते केवल बिहारमें 42 सभाएं करनी पड़ीथीं और भाजपाको सिर्फ 53 सीटमिली थीं।

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