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काशी का लख्खा मेला और नाटी इमली में भरत मिलाप – ये नहीं देखा तो क्या देखा!




काशी के लक्खा मेले में शुमार नाटी इमली के भरत मिलाप काशी की काफी मशहूर रामलीला है। विजयादशमी के दूसरे दिन नाटी इमली इलाके में गोधूलि बेला में सूर्यास्त के पहले होने वाला विश्व विख्यात ‘भरत मिलाप’ का मंचन किया गया । नाटी इमली स्थित ऐतिहासिक मैदान में लीला के अवसर पर कुंवर अनंतनारायण सिंह भी उपस्थित रहे ।





श्री चित्रकूट रामलीला समिति के तत्वावधान में भरत मिलाप की यह लीला विगत 478 वर्षों से अनवरत होती आ रही है। लीला के 478वें संस्करण के लिए भरत मिलाप मैदान सजाया गया।



लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की मेला प्रांगण में प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों को देखने को आतुर भीड़ नियंत्रित करने के लिए मैदान से मुख्य मार्ग की ओर बैरिकेडिंग की गई। भरत मिलाप का नजारा ऐसा है कि एक तरफ भरत, शत्रुघ्न अपने भाईयों के स्वागत के लिए जमीन पर लेट जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ राम और लक्षमण उनकी ओर मिलने को दौड़ पड़ते हैं। चारों भाईयों के मिलन के बाद जयकारे लगने लगते हैं। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया ।


टीम स्टेट टुडे



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