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“जूडस” जिसने ईसा मसीह से धोखा कर मौत के मुंह में ढकेला – वो केरल के चुनाव में क्या कर रहा है!



सुदूर दक्षिण में केरल एक ऐसा राज्य है जहां बारी बारी से लेफ्ट और कांग्रेस की सरकारें बीते कई दशक से बनती-बिगड़ती आ रही हैं। सिर्फ सरकार बनना या ना बनना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितनी बड़ी चिंता इस राज्य में हिंदू आबादी का अल्पसंख्यक हो जाना है। हकीकत ये है कि केरल में मुस्लिम और ईसाई आबादी को मिला दें तो हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएगा। लेफ्ट और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देते हुए बीते दशकों में मुस्लिमों और ईसाईयों को ना सिर्फ पनपाया है बल्कि धर्मांतरण के जरिए आबादी की मूल पहचान को ही बदल कर रख दिया है। अगर उत्तरी केरल को मिनी अरब कहा जाने लगा है तो ईसाईयत पूरे केरल में दिखाई पड़ती है। हिंदुओं को इस राज्य में योजनाबद्ध तरीके से अल्पसंख्यक के स्तर पर ला खड़ा किया गया है।


चूंकि मौसम चुनावी है इसलिए सियासी प्याज के छिलके उतर रहे हैं। मानसून के दौरान बांधों के दरवाजे ना खोलकर बाढ़ के जरिए केरल की जनता को मौत के मुंह में ढकेलने वाली वामपंथी सरकार की कलई खुल रही है।


केरल में 6 अप्रैल को विधानसभा के लिए मतदान होना है। भारतीय जनता पार्टी यहां पर खुद को एक विकल्‍प के तौर पर पेश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यहां पर चुनावी सभाएं कर रहे हैं। पीएम मोदी ने केरल की मौजूदा सरकार की तुलना जुडस से की है। आपको बता दें कि केरल में मुस्लिम और ईसाई धर्म को मानने वालों की अच्‍छी खासी है। इसमें भी ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो पूर्व में हिंदू थे और कांग्रेस और लेफ्ट की सरकारों के दौर में उनका धर्मपरिवर्तन खूब हुआ है।



अब सवाल ये है कि जूडस कौन है जिसका जिक्र पीएम मोदी ने अपने भाषण में किया।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'UDF ने तो सूरज की किरणों को भी नहीं छोड़ा। LDF के बारे में तो यह कहा जा सकता कि जूडस ने भगवान यीशु को चांदी के कुछ टुकड़ों के लिए धोखा दिया,। LDF ने सोने के कुछ टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया।



जूडस ईसा मसीह के बनाए 12 धर्मप्रचारकों में से एक था। कहा जाता है कि जूडस ने यीशु को धोखा दिया और चंद चांदी के सिक्‍कों के लालच में यीशु के विरोधियों का साथ दिया। गोस्पेल ऑफ जॉन में कहा गया है कि जूडस ही अनुयायियों के पैसों वाले थैले को लेकर गया था। इस कहानी में किस ऑफ जूडस का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि उसने प्रधान पादरी के सैनिकों के सामने यीशु की पहचान को उन्‍हें चूम कर उजागर किया था। इसके बाद पादरी ने यीशु को पोंटिस पिलेट के सैनिकों को सौंप दिया था, जिसके बाद उन्‍हें बंदी बना लिया गया था।


जूडस की मौत के संबंध में काफी विरोधाभास है। इसके अलग-अलग विवरण सामने आते हैं। एक कहानी में बताया गया है कि जूडस अपने किए कृत्‍य पर काफी दुखी हुआ और उसने पैसों से भरा थैला पादरी को वापस कर दिया था। इसके बाद उसने आत्‍महत्‍या कर ली थी। एक अन्‍य विवरण में कहा गया है कि जो पैसों का थैला जूड को मिला था उससे उसने एक खेत खरीदा लेकिन वहां पर वो सिर के बल गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। कुछ में यहां तक कहा गया है कि जब जूडस द्वारा किए गए विश्‍वासघात के बारे में अन्‍य 11 धर्म प्रचारकों को जानकारी हुई तो उन्‍होंने ही उसको पत्‍थर मार-मार खत्‍म कर दिया था।



कुछ कथाओं में जूडस को रथ के पहिए के नीचे कुचलकर मारने की भी बात सामने आती है। जूडस ने चांदी के महज 30 टुकड़ों के लिए यीशु को धोखा दे दिया था। कहा जाता है कि यीशु को पहले से ही इस बारे में पता था कि उनके साथ क्‍या होने वाला है। इसके बाद भी उन्‍होंने ये सोचकर कुछ नहीं किया क्‍योंकि उन्‍हें लगता था कि प्रभु की यही इच्‍छा है। कहा ये भी जाता है कि जूडस के शरीर में एक शैतानी आत्‍मा ने प्रवेश कर उससे वो सब कुछ कराया जो उसको नहीं करना चाहिए था।


कुल मिलाकर केरल में चुनावी पारा चरम पर है। लेफ्ट और कांग्रेस की अदला बदली के बीच बीजेपी लगातार अपनी जड़े जमाने की कोशिश में है। मेट्रो मैन ई.श्रीधरन भारतीय जनता पार्टी के सीएम पद के चेहरे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि परिवर्तन के मूड में बैठी केरल की जनता दक्षिण भारत के अतिंम छोर पर भी उसका कमल खिला देगी।


टीम स्टेट टुडे



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