google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

लुलु माल विवाद पर सीएम योगी का बयान, बोले- बना दिया गया राजनीति का अड्डा


लखनऊ, 19 जुलाई 2022 : सोमवार को प्रदेशभर के अधिकारियों को छोटी-छोटी घटनाओं को गंभीरता से लेने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लुलु माल का उदाहरण भी दिया। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में खुले एक नए माल को राजनीति का अड्डा बना दिया गया है। उसके नाम पर सड़क पर प्रदर्शन हो रहे हैं। बेवजह बयानबाजी की जा रही है। इस मामले को लखनऊ प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। इसी तरह उन्होंने पिछले दिनों कन्नौज में हुई हिंसक घटना का जिक्र किया। कहा कि इसमें अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई, जो कि स्वीकार नहीं की जाएगी।

दरअसल, राजधानी लखनऊ का लुलु माल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ बीते रविवार को इस माल का उद्घाटन किया था और इसे पिछले सोमवार से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। उद्घाटन के बाद माल के भीतर नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हो गया। वायरल हो रहे वीडियो में करीब आधा दर्जन लोग जमीन पर बैठ नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हिंदू संगठन इस लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मंडल, रेंज, जोन और जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा के सुगम व शांतिपूर्ण आयोजन, स्वतंत्रता सप्ताह के सफल आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से हुई इस विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस, जनता दर्शन और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के थाना, तहसील व जिला स्तर की रैंकिंग के अनुसार अधिकारियों को कार्यप्रणाली को बेहतर करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यातायात बाधित कर सड़कों पर किसी प्रकार के धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक जुलूसों या यात्राओं में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन कड़ी कार्रवाई करें।

सीएम योगी ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे संप्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखें। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टालरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठितजन के साथ संवाद करें।
0 views0 comments

Comments


bottom of page