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मैनपुरी और रामपुर उपचुनाव जीत कर बड़ा सियासी संदेश देना चाहेगी भाजपा


लखनऊ, 08 नवम्बर 2022 : उत्तर प्रदेश में हुएलोक सभा उपुचनावमें आजमगढ़ औररामपुर के समाजवादीपार्टी के गढ़ोंको ध्वस्त करनेऔर लखीमपुर खीरीकी गोला गोकर्णनाथविधानसभा सीट फिरपार्टी की झोलीमें डालने केबाद भारतीय जनतापार्टी अब मैनपुरीलोक सभा वरामपुर व खतौलीविधान सभा सीटोंपर होने वालेउपचुनावों को पूरीआक्रामकता से लड़ेगी।मैनपुरी लोक सभाऔर रामपुर विधानसभा सीटें अबतक भाजपा केलिए अभेद्य दुर्गसाबित हुई हैं।भाजपा के लिएइन दोनों सीटोंपर खोने केलिए कुछ भीनहीं है लेकिनइन्हें जीतने के खासराजनीतिक मायने होंगे औरसंदेश भी।

यूपी मेंपांच दिसंबर कोहोंगे उपचुनाव

मैनपुरी लोक सभाऔर रामपुर वखतौली विधान सभासीटों पर पांचदिसंबर को उपचुनावहोंगे। मैनपुरी लोक सभासीट सपा संस्थापकमुलायम सिंह यादवके निधन औररामपुर विधान सभा सीटमोहम्मद आजम खांकी विधान सभासदस्यता समाप्त होने केकारण रिक्त हुईहैं। सपा अध्यक्षअखिलेश यादव परइन दोनों सीटोंपर पार्टी कादबदबा कायम रखनेकी चुनौती होगी।

सपा कोमिल सकता सहानुभूतिका लाभ

2019 के लोकसभा चुनाव मेंमुलायम सिंह यादवजैसे कद्दावर नेताने सपा-बसपागठबंधन की बदौलतयादव और शाक्यबाहुल्य मैनपुरी सीट 94389 वोटोंसे जीत हासिलकी थी। हालांकि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव मेंभाजपा ने मैनपुरीलोक सभा क्षेत्रकी पांच मेंसे दो विधानसभा सीटें- मैनपुरीऔर भोगांव कोजीतकर सपा केगढ़ में अपनीउपस्थिति का अहसासकराया था। सपाको मैनपुरी लोकसभा सीट परमुलायम सिंह यादवके निधन सेउपजी सहानुभूति कालाभ मिलने कीसंभावना है।

त्रिकोणीय मुकाबले मेंभाजपा मिल सकतालाभ

भाजपा के रणनीतिकारमान रहे हैंकि आजमगढ़ जिलेकी सभी विधानसभा सीटें सपाके खाते मेंदर्ज होने केबावजूद लोक सभाउप चुनाव मेंत्रिकोणीय मुकाबले में मैनपुरीसीट पर केसरियाध्वज फहराया था।इसे देखते हुएमैनपुरी में जहांउसके दो विधायकहैं, यदि पार्टीआक्रामकता से चुनावलड़ती है तोपरिणाम उसके पक्षमें आ सकताहै। मैनपुरी सीटपर भाजपा कीओर से पिछड़ीजाति का उम्मीदवारउतारे जाने कीसंभावना है। उम्मीदवारको लेकर पार्टीमें मंथन जारीहै।

आजम कासफाया करने उतरेगीभाजपा

रामपुर लोक सभासीट पर कब्जाजमाने के बादभाजपा अब बढ़ेमनोबल से रामपुरविधान सभा सीटको जीत करयहां आजम खांके सियासी प्रभावका सफाया करनाभी चाहेगी। वर्ष 1996 में हुए विधानसभा चुनाव कोअपवाद मानें तोरामपुर सीट परआजम का दबदबापिछले चार दशकोंसे कायम रहाहै। 1996 में आजमरामपुर सीट कांग्रेसके अफरोज अलीखां से हारगए थे।

पसमांदा मुसलमानों मेंपैठ की कोशिश

मुस्लिम बहुल रामपुरसीट पर अपनेसमीकरण साधने के लिएभाजपा पसमांदा (पिछड़े) मुसलमानों के बीचपैठ बनाने कीरणनीति को अमलीजामा पहना रहीहै। रामपुर फतहकरने के लिएपार्टी इस धारणापर भी कामकर रही हैकि यदि वहांआजम के शुभचिंतकोंकी बड़ी संख्याहै तो मुस्लिमबिरादरी में उनकेसताये हुए लोगोंकी भी कमीनहीं है।

खतौली सीट परभी दमखम सेलड़ेगी भाजपा

मुजफ्फरनगर दंगे मेंभाजपा विधायक विक्रमसैनी को सजामिलने के बादउनकी सदस्यता रदहोने से रिक्तजिले की खतौलीसीट पर भीभाजपा पूरे दमखमसे चुनाव लड़ेगी।वर्ष 2012 व 2017 में हुएविधान सभा चुनावोंमें भाजपा नेयहां कड़े मुकाबलेमें रालोद कोहराया था। विक्रमसैनी की सीटको रिक्त घोषितकराने के सिलसिलेमें रालोद अध्यक्षजयंत चौधरी नेजिस तरह कीसक्रियता दिखाई, भाजपा इससीट पर फिरअपना परचम लहराकर सपा-रालोदगठबंधन को भीसबक सिखाना चाहेगी

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