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बिना गठबंधन अपने दम पर दिखा मायावती का भरोसा- पांचवीं बार बीएसपी की सरकार



बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती मीडिया के सामने आईं तो पूरे तेवर में थीं। एक झटके में विरोधी पार्टियों के धुर्रे उड़ाते हुए मायावती ने कहा कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कांग्रेस अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही है जिसमें सफल नहीं होगी।


मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ ही समाजवादी पार्टी भी इन दिनों जनता को लुभाने का नाटक कर रही है। मायावती ने प्रदेश की जनता पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब बीजेपी और सपा के झांसे में कोई नहीं आएगा। यह दोनों दल सिर्फ चुनाव को हिंदू-मुस्लिम का मामला बनाना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि हमें पूर्ण बहुमत मिलेगा, जैसा कि हमें 2007 में मिला था।


अपने शासनकाल का जिक्र करते हुए मायावती ने भरोसा जताया कि जनता बीएसपी सरकार के दौर को याद करती है और प्रदेश की जनता उन्हें पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाएगी।



मायावती ने कहा कि बीजेपी ने अपने आधे वादे भी पूरे नहीं किए। साथ ही गरीबों को मिल रहे फ्री राशन चुनावी एजेंडा बताते हुए कहा कि चुनाव के बाद मुफ्त राशन मिलना बंद हो जाएगा।


मायावती ने कहा कि बीएसपी बातें कम और काम में ज्यादा विश्वास करती है। जबकि बीजेपी को जनता के दुख दर्द की परवाह नहीं है। मंहगाई और डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों पर भी मायावती ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला।


मायावती ने कहा अयोध्या और जिन्ना के बहाने भाजपा व सपा साठगांठ करके बयानबाजी कर रहे हैं। हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण का अंदर अंदर प्रयास किया जा रहा है। स्वार्थ की राजनीति के लिए दोनों दल हर हथकंडा अपना रहे हैं। बसपा इस राजनीति की पोषक व पूरक नहीं है।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने 300 व सपा ने 400 सीटें जीतने का ऐलान किया है, तब तो चुनाव आयोग को यहां 1000 सीटों पर चुनाव कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, मेट्रो आदि योजनाएं उनके कार्यकाल में ही पूरी हो जाती यदि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने रोड़ा न अटकाया होता।


मायवती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग समाजवादी पार्टी की तरह कांग्रेस के कई चुनावी वादों पर आसानी से विश्वास नहीं करने वाले हैं। अगर कांग्रेस ने अपने चुनावी वादों का 50 प्रतिशत भी पूरा किया होता तो वह केन्द्र, यूपी और देश के अधिकांश राज्यों में सत्ता से बाहर नहीं होते।


चुनावी गठबंधन की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए मायावती ने कहा कि किसी भी दूसरी पार्टी के साथ किसी भी प्रकार का कोई चुनावी समझौता नहीं करेगी। हम अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। हम तो समाज के सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाने के लिए समझौता कर रहे हैं। यह गठबंधन स्थायी है। किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने का इरादा नहीं है। बहुजन समाज पार्टी अकेले अपने दम पर उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीट पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी।



परिवारवाद पर मायावती ने की बड़ी टिप्पणी


बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताना चाहती हूं कि यदि उनका अपना परिवार नहीं है तो मेरा भी परिवार पार्टी व सर्व समाज है। योगी संन्यासी का चोला पहनकर एक धर्म के लोगों काम करते हैं, जबकि वे सभी की नि: स्वार्थ सेवा करती रही है। पार्टी उत्तराधिकारी के सवाल पर कहा कि उनका स्वास्थ्य अभी ठीक है, समय आने पर उत्तराधिकारी तय करूंगी। यह भी कहा कि बसपा यूपी विधानसभा चुनाव में किसी दल से समझौता नहीं करेगी। बसपा से जो नेता निकाले गए हैं यदि वे बड़े नेता होते तो निकालते ही क्यों? उन्होंने यह भी कहा कि बसपा से सिर्फ नेता अकेला जाता है कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं। कांग्रेस के 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते महिलाओं को लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण तो दे नहीं पाई? यहां टिकट बांटने की वजह कुछ और है। कांग्रेस अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में ये वादा क्यों नहीं कर रही?


मायावती के तेवरों से साफ दिखा कि बीएसपी बीते चुनावों से सबक लेकर 2022 के लिए खास रणनीति के साथ मैदान में उतरने वाली है।


टीम स्टेट टुडे



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