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डा. संजय निषाद (मत्स्य मंत्री यूपी) ने ब्राजील के उद्यमियों के सामने रखी में जनकल्याणकारी योजनाएं

Updated: Dec 14, 2022


ब्राजील की अर्थव्यवस्था भी मत्स्य क्षेत्र पर निर्भर, उत्तप्रदेश में मांगा सहयोग


प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और नीली क्रांति मछुआ समाज के लिए बनी रीढ़

लखनऊ, 13 दिसम्बर 2022 : अगले साल फरवरी में आयोजित होने वाली यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निमंत्रण को लेकर मंगलवार को कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग) डॉ संजय कुमार निषाद जी ने ब्राजील की व्यावसायिक राजधानी सोआ पोलो में उद्यमियों, व्यापारी संघों के पदाधिकारियों और गणमान्य जनों को संबोधित करते हुए कहा कि, आज ब्राजील में इस भव्य सभा के सामने बोलना वास्तव में गर्व की बात है, जिसका एक इतिहास, संस्कृति और आर्थिक परिदृश्य है जिसने दुनिया में एक अलग स्थान बनाया है। उन्होंने कहा की वह भगवान श्रीराम के आत्म बालसखा महाराजा गुह्यराज निषाद के वंशज डॉ. संजय कुमार निषाद, मत्स्य मंत्री निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते, मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि ब्राजील में विशाल मत्स्य पारिस्थितिकी तंत्र है और अनुमानित 3.5 मिलियन ब्राजीलियाई लोग मत्स्य पालन और जलीय कृषि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। मैं उत्तर प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र और निवेश करने के लिए उपलब्ध अवसरों पर कुछ अवलोकन साझा करूंगा।


श्री निषाद ने उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में जल संसाधन/स्रोत विभिन्न रूपों में उपलब्ध हैं। 2027 तक राज्य की जनसंख्या 263.8 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है जिसमें 170 मिलियन मछली उपभोक्ता होंगे, जिन्हें सालाना लगभग 1.18 मिलियन टन मछली की आवश्यकता होगी। मछली उत्पादन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों के इष्टतम और सतत उपयोग द्वारा यूपी की निर्यात क्षमताओं का निर्माण करने के लिए, जलाशयों में प्रभावी मछली पकड़ने, एक्वा-टूरिज्म को बढ़ावा देने, जलाशयों में पिंजरों की स्थापना के लिए प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप और उन्नत वैज्ञानिक पद्धति के उपयोग में निवेश करने का अवसर है।

राज्य के प्रमुख कार्यक्रम 'नीली क्रांति' और भारत सरकार की 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से, मछली उत्पादन और इसके आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार हुआ है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन में योगदान करते हुए मूल्य श्रृंखला में हितधारकों को छुआ है। मछली उत्पादनमें राज्य के योगदान के कारण उत्तर प्रदेश को भारत सरकार द्वारा 2020-21 में 'सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय राज्य' का पुरस्कार दिया गया।

उत्तर प्रदेश में परंपरागत रूप से 18% मछुआरे आबादी है, जिनकी आजीविका मत्स्य पालन की विभिन्न गतिविधियों पर निर्भर करती है और किसी भी आगामी मत्स्य परियोजनाओं के लिए आवश्यक जनशक्ति के रूप में योगदान कर सकती है। उत्तर प्रदेश अपने व्यापक प्राकृतिक जल संसाधनों, सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन, मूल्य श्रृंखला में लाभार्थियों को प्रोत्साहन, नीतिगत समर्थन, कुशल/अकुशल कार्यबल और आर्थिक योगदानकर्ता के रूप में मत्स्य पालन की मान्यता के साथ विभिन्न चिन्हित गतिविधियों में निवेश के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। इस प्रतिष्ठित मंच से मैं आपसे उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन के विशाल परिदृश्य में निवेश करने का आग्रह करता हूं और 'यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023' के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करता हूं।



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1 Comment


Unknown member
Dec 14, 2022

hello

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