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डंके की चोट पर यूपी ने बनाई नई पहचान-मोदी


लखनऊ, 10 फरवरी 2023 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का शुभारंभ किया। निवेशकों के इस महाकुंभ में उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक मानचित्र पर तेजी से उभरते उस उत्तर प्रदेश की निखरती हुई तस्वीर पेश की जिसे देश-दुनिया के निवेशक उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। यह कहते हुए कि आज भारत अगर दुनिया के लिए ब्राइट स्पॉट है तो देश के विकास को गति देने में उत्तर प्रदेश अहम नेतृत्व दे रहा है। यह भी बताना नहीं भूले कि दुनिया के बड़े-बड़े देशों से ज्यादा सामर्थ्य अकेले 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में है।

राजधानी की वृंदावन योजना में बनाए गए भव्य पंडाल में इस तीन दिवसीय महासम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कारपोरेट घरानों के दिग्गजों सहित देश-विदेश के 10 हजार छोटे बड़े निवेशक और इस आयोजन के 10 पार्टनर देशों समेत 40 देशों के 400 प्रतिनिधि उपस्थित थे।

28 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने आर्थिक विकास की राह पर दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ते भारत के साथ कदम मिलाकर चलते उप्र के बारे में देश-दुनिया की बदली धारणा का जिक्र किया और इसकी वजहें भी बताईं।

उन्होंने कहा कि अपने सांस्कृतिक वैभव और समृद्ध विरासत के बावजूद उप्र के साथ कुछ बातें जुड़ गई थीं। लोग कहते थे कि उप्र में विकास होना मुश्किल है। यहां कानून व्यवस्था सुधरना नामुमकिन है। इस बीमारू राज्य में आए दिन हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। हर कोई उप्र से निराश हो चुका था लेकिन पिछले पांच-छह वर्षों में इस प्रदेश ने डंके की चोट पर नई पहचान बनाई है।

मोदी के यह कहते ही हाल में मौजूद श्रोताओं ने इस गर्वोक्ति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब उप्र सुशासन से पहचाना तथा बेहतर कानून व्यवस्था, शांति और स्थिरता के लिए जाना जाता है, जहां संपत्ति का सृजन करने वालों के लिए नित नए अवसर बन रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सोच भी बदली

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहल के सुखद परिणामों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इससे बिजली से लेकर कनेक्टिविटी तक हर क्षेत्र में सुधार आया है। बहुत जल्द उप्र पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला पहला राज्य बनेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिये उत्तर प्रदेश की पहुंच समुद्र तक हो रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सरकारी सोच व रवैये तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए हुए सार्थक बदलावों से आज उप्र आशा का केंद्र बन चुका है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का नया चैंपियन

उप्र में प्रतिभाओं की प्रचुरता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने यहां शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में किये गए कार्यों को गिनाया तो प्रदेश को देश में हो रही स्टार्ट अप क्रांति का अग्रदूत बताया। केंद्र सरकार के बजट में हरित विकास के लिए की गईं घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उप्र इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ट्रांसफारमेशन के लिए विकसित की जा रही नई सप्लाई और वैल्यू चेन का नया चैंपियन बनकर उभरा है।

कई क्षेत्रों में यूपी की धमक

मोदी ने भदोही के कालीन और बनारस के सिल्क क्लस्टर को उप्र को भारत का टेक्सटाइल हब बनाने का श्रेय देने के साथ जब मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में उप्र की धमक का अहसास कराया तो पंडाल में फिर तालियां गूंजीं। यह भी कहा कि उप्र डिफेंस कारिडोर भारतीय सेना को स्वदेशी रक्षा उपकरणों व तकनीकों से लैस करने की प्रतिबद्धता को साकार करेगा।

उप्र में असीम संभावनाएं

उप्र में कृषि, डेयरी, मात्स्यिकी क्षेत्रों व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाओं को रेखांकित करने के साथ प्रधानमंत्री ने निवेशकों से अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि एक तरफ डबल इंजन सरकार का इरादा और दूसरी ओर संभावनाओं से भरा उप्र। इससे बेहतर साझेदारी हो ही नहीं सकती। इसलिए समय गंवाए बिना उप्र और भारत की समृद्धि में हिस्सेदार बनें।

  • उप्र की उपलब्धियां और इरादे भी गिनाए

  • उप्र में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में हुआ प्रशंसनीय काम

  • कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 16 लाख से अधिक युवा हुए दक्ष

  • एसजीपीजीआई लखनऊ और आइआइटी कानपुर में शुरू हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कोर्स

  • नैक मूल्यांकन में इस बार प्रदेश के चार विश्वविद्यालयों ने लोहा मनवाया

  • आने वाले वर्षों में 100 इनक्यूबेटर और 33 स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर की स्थापना का लक्ष्य।

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