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नामीबिया से हवाई जहाज पर भारत लाए जाएंगे आठ चीते, पीएम रिमोट से खोलेंगे गेट


भोपाल, 8 सितंबर 2022 : भारत लाए जा रहे आठ चीतों की नामीबिया में क्वारेंटाइन अवधि पूरी हो गई है। अब वे लाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। नामीबिया में उन्हें एक महीने विशेष बाड़े में रखकर टीकाकरण किया है। बताया जा रहा है कि 16 सितंबर को चीता लेकर मालवाहक हवाई जहाज जोहान्सवर्ग से उड़ान भरेगा और दिल्ली पहुंचेगा। 12 से 14 घंटे में चीता ग्वालियर या जयपुर पहुंच जाएंगे। वहां से वायुसेना के चौपर लेकर उड़ेंगे और कूनो पालपुर नेशनल पार्क में बनाए हेलिपैड पर उतरेंगे। यहां मुख्य बाड़े के अंदर स्थित छोटे बाड़े में दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीतों को रिमोट का बटन दबाकर आजाद करेंगे। इन बाड़ों में उन्हें एक महीना क्वारेंटाइन रखकर मुख्य बाड़े में छोड़ा जाएगा। सूत्र बताते हैं कि नामीबिया से जिस बाक्स में चीते लाए जा रहे हैं, उसका गेट रिमोट से खुलेगा। चीता को छोड़ने के लिए बाड़े में अलग गेट रहेगा। जिससे सटाकर बाक्स रखा जाएगा।

एक महीने चीतल मारकर खाएंगे चीते

क्वारेंटाइन अवधि में चीतों के बाड़ों में कम उम्र के चीतल छोड़े जाएंगे, ताकि वे उन्हें मारकर खा सकें। अधिकारियों का कहना है कि नए प्राणी को लेकर उनका डर भी खत्म होगा। क्योंकि अफ्रीका में चीतल नहीं पाए जाते हैं। उन जैसे ही दूसरे शाकाहारी वन्यप्राणियों को चीता मारकर खाते हैं। चीता परियोजना के अध्ययन में यह बात आ चुकी है और विशेषज्ञ यह भी बता चुके हैं कि वह चीतल को भी मारने में सक्षम है।

बेहोश नहीं किया जाएगा

सूत्र बताते हैं कि नामीबिया से विशेष बाक्स में बंद करके चीते लाए जाएंगे। एक बाक्स में एक चीता रहेगा, जिनमें उजाले के लिए छेद रखे जाएंगे। बाक्स में शिफ्ट करते हुए चीतों को बेहोश किया जा सकता है पर वे आधा से एक घंटे में होश में आ जाएंगे और फिर उन्हें बेहोश नहीं किया जाएगा।

तीन माह बाद खुले जंगल में छोड़ेंगे

चीतों का तीन माह तक व्यवहार देखा जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो तीन माह बाद एक नर चीता को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। उसे रेडियो कालर लगाई जाएगी और लगातार मानीटरिंग की जाएगी। करीब चार माह की सफलता के बाद एक मादा चीता को छोड़ा जाएगा।

पांच साल तक आएंगे चीते

दक्षिण अफ्रीका व नामीबिया से चीता लाने का सिलसिला पांच साल तक चलेगा। अभी नामीबिया से आठ व दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता आ रहे हैं। इसके बाद आबादी बढ़ाने के लिए और चीते लाए जाएंगे।

कूनो में वंशवृद्धि पर नौरादेही होगी आबाद

कूनो पार्क में चीतों की वंशवृद्धि होने के बाद सागर के नौरादेही अभयारण्य में चीते शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए अभयारण्य को अभी से तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मंदसौर के गांधीसागर अभयारण्य में शिफ्टिंग होगी।

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