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BJP में संगठनात्मक बदलाव से बदलेंगे राजनीतिक समीकरण


लखनऊ, 26 मार्च 2023 : लोकसभा और नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले भाजपा में हुए प्रदेश व क्षेत्र स्तर पर संगठनात्मक बदलाव ने गोरखपुर भाजपा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण के बदलाव की नींव भी तैयार कर दी है। कहने को तो गोरखपुर क्षेत्र के चार वरिष्ठ नेताओं (डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सुभाष यदुवंश, त्रयंबक त्रिपाठी व ओमप्रकाश श्रीवास्तव) को प्रदेश टीम में जगह मिली है, लेकिन क्षेत्रीय अध्यक्ष के बदल जाने से क्षेत्र की टीम में गोरखपुर के वर्चस्व पर लंबे समय बाद विराम लग गया है।

पार्टी गतिविधियों का केंद्र नहीं रहा गोरखपुर

इस बदलाव के बाद पार्टी गतिविधियों का केंद्र अब गोरखपुर नहीं रहेगा, क्योंकि यह पद सात साल के अंतराल के बाद जिले से ही नहीं मंडल से बाहर चला गया है। 2018 से क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे डा. धर्मेंद्र सिंह गोरखपुर से थे तो इससे पहले भी यह दायित्व गोरखपुर के ही उपेंद्र दत्त शुक्ल के पास था। उन्हें संसदीय उपचुनाव का प्रत्याशी बनाने के लिए पार्टी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिलाया गया था।

उपेंद्र जब चुनाव हार गए तो उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई और अब जब डॉ. धर्मेंद्र को क्षेत्रीय अध्यक्ष पद से हटाया गया है तो उन्हें भी प्रदेश कार्यकारिणी में वही पद दिया गया है। संतकबीरनगर जिले के सुभाष यदुवंश और त्रयंबक त्रिपाठी को प्रदेश कार्यकारिणी में न केवल दोबारा जगह मिली है, बल्कि प्रमोशन भी मिला है। सुभाष प्रदेश मंत्री से महामंत्री तो त्रयंबक प्रदेश मंत्री उपाध्यक्ष बना दिए गए हैं। ओमप्रकाश श्रीवास्तव को प्रभारी प्रकोष्ठ एवं विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

आजमगढ़ में अब हारने को तैयार नहीं भाजपा

उपचुनाव के जरिये पहली बार भाजपा के खाते में आई आजमगढ़ संसदीय सीट के भाजपा नेता सहजानंद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब सपा के मजबूत गढ़ आजमगढ़ को वह कमजोर कड़ी बने रहने देने के लिए हरगिज तैयार नहीं। चूंकि नए क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय क्षेत्रीय महामंत्री का दायित्व पहले से संभाल रहे थे, ऐसे में पार्टी को उन्हें यह जिम्मेदारी देने में कोई हिचक नहीं हुई। इस बदलाव के बाद अब सबकी नजर नई क्षेत्रीय टीम पर होगी, जिसका गठन नवमनोनीत क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय करेंगे। उनकी टीम में शामिल होने के लिए आजमगढ़ मंडल के कार्यकर्ताओं का जबरदस्त दबाव उन पर रहेगा।

उपलब्धि भरा रहा डॉ. धर्मेंद्र का कार्यकाल

क्षेत्रीय अध्यक्ष के तौर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा। उनके नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को गोरखपुर क्षेत्र में शानदार सफलता मिली थी। 13 सीटों में 10 सीट पर पार्टी का परचम लहराया था। डॉ. सिंह के नेतृत्व 2022 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर-बस्ती मंडल में पार्टी को 41 में से 36 सीटें मिली थीं। बीते वर्ष आजमगढ़ संसदीय सीट के उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ की जीत का श्रेय भी पार्टी ने डॉ. धर्मेंद्र को दिया था।

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