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अगर आपके गाड़ी है या जुगाड़ी हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्कीम का फायदा लीजिए



भारत में एक से बढ़कर एक एस्स्प्रेस वे – हाइवे बन रहे हैं। हर दिन तकनीक बदल रही है और बदल रहा है सफर का तरीका भी। एक से एक शानदार गाड़ियां लोगों को अपनी तरफ खींच रही हैं। पुरानी गाड़ियों का मोह छूटे या ना छूटे नई गाड़ी की चाह हर किसी के मन में आती ही है।


ऐसे में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल ऑटोमॉबिल स्क्रैपिंग पॉलिसी की शुरुआत की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इससे देश में एक सकारात्मक परिवर्तन आएगा। देश की अर्थव्यवस्था के लिए मॉबिलिटी बड़ा फैक्टर है, आर्थिक विकास में भी यह काफी मददगार है।


नेशनल आटोमोबाइल स्‍क्रैपिंग नीति से देश के आटोमोबाइल सेक्टर को एक नई पहचान देगी। खराब और प्रदूषण फैलाने वाले व्‍हीकल्‍स को वैज्ञानिक तरीके से सड़क से हटाने में ये नीति अहम भूमिका निभाएगी।


क्या कहा है प्रधानमंत्री मोदी ने


नई स्क्रैपिंग पॉलिसी वेस्ट टू वेल्थ का मंत्र आगे बढ़ाएगी। देश के लिए अगले 25 साल काफी अहम हैं, जिस तरह टेक्नोलॉजी बदल रही है उसके मुताबिक हमें बदलाव करना है। हम क्लाइमेट चेंज की चुनौती का सामना भी कर रहे हैं, इसलिए अपने हित में बड़े कदम उठाने जरूरी हैं।


इस पॉलिसी से सामान्य परिवारों को हर प्रकार से बहुत लाभ होगा। सबसे पहला लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। यह सर्टिफिकेट जिसके पास होगा, उसे नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।


इसके साथ ही सर्टिफिकेट प्राप्तकर्ता को रोड टैक्स में भी कुछ छूट दी जाएगी। दूसरा लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी की मैंटेनेंस कॉस्ट, रिपेयर कॉस्ट, फ्यूल एफिशिएंसी में भी बचत होगी।


तीसरा लाभ सीधा जीवन से जुड़ा है। पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी। चौथा फायदा यह होगा कि इससे हमारे स्वास्थ्य पर प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें भी कमी आएगी।


यह पॉलिसी देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास के हमारे वादे को भी दर्शाती है। आज एक तरफ भारत डीप ओशियन मिशन के माध्यम से नई संभावनाओं को तलाश रहा है, तो वहीं सर्कुलर इकॉनॉमी को भी प्रोत्साहित कर रहा है। कोशिश यह है कि विकास को हम टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाएं।



500 फिटनेस सेंटर बनेंगे : गडकरी


केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के हिसाब से वाहनों को एक फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। इसके लिए देशभर में लोक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में 400 से 500 व्हीकल फिटनेस सेंटर बनेंगे। वहीं, 60 से 70 रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर होंगे। सरकार की कोशिश है कि फिटनेस टेस्ट के लिए व्हीकल को 150 से 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर नहीं ले जाना पड़े।


वेस्‍ट टू वेल्‍थ की तरफ है नई स्‍क्रैप नीति


पीएम ने नई स्‍क्रैप नीति को वेस्‍ट टू वेल्‍थ की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्‍होंंने कहा कि इससे न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था को भी तेजी मिलेगी। उन्‍होंंने बताया कि ये नीति हमारे जीवन से जुड़ी हुई है। पुरानी गाड़ियों की वजह से होने वाले हादसों को इस नीति के तहत रोका जा सकेगा। जिसके पास स्‍क्रैप सर्टिफिकेट होगा उसको रजिस्‍ट्रेशन के नाम पर दिया जाने वाला पैसा नई गाड़ी की खरीद पर नहीं लगेगा। साथ ही नई गाड़ी खरीदने वालों को कई दूसरी तरह की छूट भी मिलेंगी।



व्‍हीकल्‍स स्‍क्रैपिंग इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करना होगा


पीएम मोदी ने अपने ट्वीट कर कहा कि ये नीति अनफिट और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़क से हटाने में सहायक होगी। ये पूरी तरह से पयार्वरण के हित को देखते हुए बनाई गई है। इस सम्‍मेलन का सबसे बड़ा मकसद व्‍हीकल स्‍क्रैपिंग इन्फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करना है। ये भविष्‍य में बेहतर पर्यावरण के लिहाज से बेहद जरूरी है।


टीम स्टेट टुडे


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