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प्रियंका के अभियान को UP में झटका, सिर्फ एक जिले से ही गुजरेगी भारत जोड़ो यात्रा


लखनऊ, 13 सितंबर 2022 : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीकी राष्ट्रीय महासचिवतथा उत्तर प्रदेशकी प्रभारी प्रियंकागांधी वाड्रा प्रदेशमें हाशिए परचली गई कांग्रेसको फिर सेखड़ा करने केअभियान में लगीहैं। विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तर प्रदेश में 403 प्रत्याशी उतारने वाली प्रियंकाके अभियान कोअपने ही झटकादे रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्वराष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीइन दिनों भारतजोड़ा यात्रा परहैं, वह देशके अन्य राज्योंमें कम सेकम सात दिनतक संपर्क कररहे हैं, लेकिनउत्तर प्रदेश मेंसिर्फ चार दिनमें ही भारतजोड़ो यात्रा कोसमाप्त कर देंगे।कांग्रेस बेशक महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता जैसेमुद्दों को लेकरभारत जोड़ो यात्रापर निकली होलेकिन यह साफहै कि उसकालक्ष्य 2024 में होनेवाला लोक सभाचुनाव है।

रायबरेली भी हाथसे निकलने काखतरा

पुराने कांग्रेसी केरलके वायनाड सेसांसद राहुल गांधीके उत्तर प्रदेशमें भारत जोड़ोयात्रा के कार्यक्रमसे काफी निराशहैं। उनका माननाहै कि 80 लोकसभासदस्य देने वालेउत्तर प्रदेश मेंसिर्फ चार दिनकी भारत जोड़ोयात्रा से कांग्रेसका भला नहींहोने वाला है।उत्तर प्रदेश मेंकभी दबदबा बनानेवाली कांग्रेस अबसिर्फ रायबरेली तकही सिमट गईहै। अमेठी कोगंवाएं उनको लगभगपांच वर्ष होनेवाले हैं। अबतो लग रहाहै कि रायबरेलीभी चला जाएगा।

उत्तर प्रदेश मेंसिर्फ बुलंदशहर सेगुजरेगी भारत जोड़ोयात्रा

कांग्रेस ने भारतजोड़ो यात्रा काजो रोडमैप घोषितकिया है, उसकेमुताबिक यह यात्राउस उत्तर प्रदेशके 75 जिलों मेंसे सिर्फ एकबुलंदशहर से होकरगुजरेगी जिसकी सियासी ताकतका अहसास इसकथन से हीलगाया जाता रहाहै कि दिल्लीका रास्ता यूपीसे ही होकरगुजरता है। कुल 3570 किलोमीटर की यात्राउत्तर प्रदेश मेंबमुश्किल 100-110 किलोमीटर का फासलाकरीब चार दिनोंमें तय करेगी।

राहुल गांधी केनिर्णय से कांग्रेसीहैरान

कांग्रेस के पूर्वराष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीभारत जोड़ो यात्राके तहत 20 लोकसभासीटों वाले केरलमें 18 दिन रहेंगेतो 80 सीटों वालेउत्तर प्रदेश मेंसिर्फ चार दिन।कांग्रेस के वरिष्ठनेता से लेकरकार्यकर्ता भारत जोड़ोयात्रा के रोडमैपको लेकर परेशानहै। उनका एकही सवाल हैकि उत्तर प्रदेशको लेकर प्रियंकाजी काफी मेहनतकर रही हैं।उत्तर प्रदेश कांग्रेसके भविष्य कोलेकर वह जी-जान सेजुटी हैं, लेकिनदेश की राजनीतिकी दशा-दिशातय करने वालेगृह राज्य उत्तरप्रदेश से आखिरराहुल गांधी नेकदम क्यों खींचलिए हैं।

सोनिया गांधी प्रदेशसे पार्टी कीएकमात्र सांसद

राहुल गांधी केपिछला लोक सभाचुनाव अमेठी सेहारने के बादकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधीप्रदेश से पार्टीकी एकमात्र सांसदहैं। रायबरेली सीटपर सोनिया सेमुकाबले को नसपा ने औरन ही बसपाने प्रत्याशी उताराथा। हाल केविधान सभा चुनावमें भी कांग्रेससिर्फ दो सीटऔर ढाई प्रतिशतवोट पर सिमटगई। जिस उप्रमें कांग्रेस अपनेअस्तित्व की लड़ाईलड़ रही हो, वहां भारत जोड़ोको एक संकुचितदायरे में सीमितकर देने कोपार्टी के नेतारणनीतिक चूक औरराजनीतिक अदूरदर्शिता मान रहेहैं।

पोल भीखुलने का डर

कांग्रेस के कईनेता और कार्यकर्तातो मान रहेहैं कि उत्तरप्रदेश की अनदेखीकरने से तोयही संदेश निकलताहै कि पार्टीका अब उत्तरप्रदेश पर फोकसनहीं है। कांग्रेसके वरिष्ठ नेताऔर पूर्व विधायकभूधर नारायण मिश्रमानते हैं किअच्छा होता यात्राको उत्तर प्रदेशप्र में औरविस्तार मिलता। यात्रा कोलेकर हम लोगोंकी राय नहींली गई।

दबी जुबानसे पार्टी केकुछ नेताओं कायह भी कहनाहै कि भारतजोड़ो यात्रा कोउप्र में सिर्फएक जिले तकसीमित रखना रणनीतिकचूक नहीं, बल्किसोची-समझी रणनीतिहै। उप्र मेंकांग्रेस का अबकुछ बचा तोहै नहीं, इसलिएयात्रा को जान-बूझकर उप्र मेंविस्तार नहीं दियागया कि कहींपोल न खुलजाए।

प्रमोद कृष्णम कीमांग- अयोध्या, काशी, मथुरा से भीगुजरे भारत जोड़ोयात्रा

कांग्रेस के वरिष्ठनेता और पूर्वसांसद आचार्य प्रमोदकृष्णम कहते हैंकि उत्तर प्रदेशन सिर्फ बड़ाराज्य है बल्कियह गंगा-जमुनीतहजीब का केंद्रहै। मैं तोचाहूंगा कि भारतजोड़ो यात्रा अयोध्या, काशी, मथुरा औरदेवा शरीफ जैसेस्थानों से भीगुजरे। सिर्फ मैं नहीं, कांग्रेस के बहुतसारे कार्यकर्ता चाहतेहैं कि भारतजोड़ो यात्रा काप्रदेश में विस्तारहोना चाहिए।

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