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अयोध्या में भूमिपूजन अनुष्ठान आरंभ, जानिए क्या क्या हुआ 3 अगस्त को , सीएम योगी ने परखीं व्यवस्थाएं



अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए सोमवार को गौरी-गणेश पूजा से तीन दिन का अनुष्ठान शुरू हो गया है। राम मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या में रामजन्म जैसा उल्लास है।



भूमिपूजन से पहले की रस्में सोमवार को ‘गौरी गणेश’ पूजा के साथ शुरू हुईं। सबसे पहले हिंदू धर्म में सभी प्रमुख अवसरों के लिए अनिवार्य माने जाने वाले गणेश पूजा हुई। तीन दिवसीय अनुष्ठानों का समापन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले ‘भूमिपूजन’ के साथ होगा। पूजा सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसमें 11 पुजारियों ने मंत्रों का जाप किया जबकि विभिन्न अन्य मंदिरों में ‘रामायण पाठ’ आयोजित किए गए।



गौरी-गणेश पूजा के बाद माता सीता की कुलदेवी छोटी देवकाली और भगवान राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली की आराधना की गई। अयोध्या में स्थित दोनों धर्म स्थलों पर ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने यजमान की भूमिका में पूजन शुरू कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूजन के साथ राम जन्मभूमि परिसर में भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई है।



पूजन कार्यक्रम के लिए रामलला की पोशाक तैयार हो गई हैं। भगवान सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल और बुधवार को हरी पोशाक पहनेंगे। भूमि पूजन पर भगवान राम हरी रंग की पोशाक पहनेंगे। भगवान राम, उनके भाई-लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न 5 अगस्त को राम मंदिर के ‘भूमिपूजन’ के अवसर पर रत्नजड़ित पोशाक पहनेंगे।



राम मंदिर निर्माण में देश के हर कोने की मिट्टी और हर कोने का जल इस्तेमाल होगा। अब तक देश की 100 पवित्र नदियों के करीब 1500 स्थानों से जल अयोध्या पहुंच चुका है। इसमें गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, झेलम, सतलुज, रावी, चिनाब, व्यास सहित कई नदियां हैं साथ ही कई पवित्र कुंडों का जल भी अयोध्या लाया गया है। इसके अलावा करीब 2000 पवित्र स्थानों की मिट्टी अयोध्या पहुंची है।



अयोध्या के प्रत्येक परिवार तक राममंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम के प्रसाद को पहुंचाने की तैयारी हो रही है। इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी बीजेपी सांसद लल्लू सिंह ने ली है। इसके लिए साढ़े तीन लाख लड्डू के पैकेट के शहर के विभिन्न स्थानों पर तैयार किए जा रहे हैं।


श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया कि कई संत अयोध्या पहुंच गए हैं। परमानंद महाराजा आ गए हैं। वीएचपी के प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश चंद्र आ गए हैं। हरिद्वार से भी अखाड़ों के कई महंत आ गए हैं। मंगलवार शाम तक सभी लोग आ जाएंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी और दूसरे पदाधिकारी भी मंगलवार रात तक आ जाएंगे। इस आयोजन में हमने देश की 36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संतों को निमंत्रण भेजा है। नेपाल के संत भी आयोजन में शामिल होंगे। जनकपुर का बिहार, यूपी, अयोध्या से रिश्ता है। जानकी मंदिर के महंत आएंगे। हमने संतों को बुलाया है कुछ लोग संतों को ही दलित कहते हैं। जिन्हें कुछ लोग दलित कहते हैं वह साधु हो गए है, ऐसे भी अनेक लोग भूमि पूजन में आ रहे हैं। भारत की भूगोल का हर हिस्से से प्रतिनिधित्व यहां होगा। संत महात्मा मिलाकर करीब 175 लोग होंगे।


सीएम योगी आदित्यनाथ भी तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंचे। भूमि पूजन के लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। अब सभी को 5 अगस्त का बेसब्री से इंतजार है।



यूपी सीएम ने इस दौरान भूमि पूजन स्थल के अलावा हनुमानघड़ी मंदिर का दौरा भी किया। इस बीच उन्होंने ट्वीट किया, ‘अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल सोभा कै खानी’।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के साथ-साथ देश और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जब प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में लगभग 500 सालों की इस परीक्षा के परिणाम के साथ भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। सीएम ने कहा कि कार्यक्रम के महत्व को समझते हुए, यहां अयोध्या में कार्यों का अवलोकन करने के लिए मैं स्वयं आया हूं। सीएम ने कहा कि बाहर व्यवस्था आदि देखने, निरीक्षण करने के लिए हम यहां आए हैं, कहीं भी कोई कोताही न बरती जाए, हम लोगों ने इसके लिए पूरी तत्परता के साथ तैयारी की है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल को मजबूती से लागू करने पर प्रशासन का मुख्य फोकस है। यहां केवल वे ही आमंत्रित हैं जिन्हें आना चाहिए। सभी भक्त आना चाहते हैं लेकिन पीएम इन सभी का प्रतिनिधित्व करेंगे।



5 अगस्त को अयोध्या पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके लिए मंदिर में सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत राजू दास ने बताया कि पीएम मोदी पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। यहां उनके लिए विशेष पूजा की व्यवस्था रहेगी। महंत राजू दास ने कहा कि पीएम के शेड्यूल में हनुमानगढ़ी में 7 मिनट का समय दिया गया है। इसमें प्रधानमंत्री का आना-जाना शामिल है, प्रधानमंत्री को पूजन में करीब 3 मिनट का समय लगेगा। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी 5 अगस्त को 11- 11:15 बजे अयोध्या पहुंचेंगे।



अयोध्या में न सिर्फ भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा बल्कि इसके साथ राम नगरी अयोध्या का भी कायाकल्प होगा। भारतीय रेलवे ने बताया कि नए अयोध्या स्टेशन के पहले चरण का निर्माण जून, 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे ने बताया कि स्टेशन दिखने में राम जन्मभूमि मंदिर जैसा होगा और यहां आने वाले यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।



पहले चरण में प्लेटफॉर्म संख्या 1, 2/3 का काम, मौजूदा बरामदा, सीढ़ियों और पैसेज आदि का काम व परिसर निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस स्टेशन के निर्माण को 2017-18 में मंजूरी मिली थी और इसे बनाने में करीब 104 करोड़ रुपये की लागत आएगी।


अयोध्या से शिल्पी / सुमित की रिपोर्ट

टीम स्टेट टुडे



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