google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

कारोबारियों को आपराधिक मुकदमों में राहत, दो करोड़ से ऊपर टैक्स होने पर ही चलेगा केस


नई दिल्ली, 17 दिसम्बर 2022 : जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक में कारोबारियों को बड़ी राहत दी गई। अब दो करोड़ से ऊपर की कर राशि होने पर ही कारोबारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा। अभी यह सीमा एक करोड़ रुपये की थी। बिना मैन्यूफैक्चरिंग किए या सेवा दिए बगैर फर्जी बिल से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले को आपराधिक मुकदमों से कोई छूट नहीं दी गई है।

जुर्माने की राशि में भी मिली राहत

कारोबारियों को जुर्माने की राशि में भी राहत दी गई है। अभी जुर्माना कर राशि के 50 प्रतिशत से लेकर 150 प्रतिशत तक लगाया जाता है। अब यह जुर्माना कर राशि के 25 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक होगा। काउंसिल के फैसले के मुताबिक, जीएसटी नेटवर्क पर गैर पंजीकृत कारोबारी भी अब ई-कामर्स पोर्टल पर सप्लाई दे सकेंगे। वे अपने राज्य में ही ई-कामर्स कंपनियों को सप्लाई दे पाएंगे। ई-कामर्स कंपनी को वस्तुओं की सप्लाई करने के लिए अभी जीएसटी नेटवर्क पर पंजीकृत होना जरूरी है। छोटे कारोबारियों की तरफ से इस प्रविधान को बदलने की मांग की जा रही थी।

किसी भी वस्तु पर नहीं बढ़ा जीएसटी

शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वर्चुअल तरीके से हुई बैठक में किसी भी वस्तु पर जीएसटी बढ़ाने का फैसला नहीं किया गया। दाल के छिलके और अन्य पशुचारा पर लगने वाले पांच प्रतिशत जीएसटी को समाप्त कर दिया गया। इंश्योरेंस से जुड़े नो क्लेम बोनस को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया। बायो फ्यूल को प्रोत्साहित करने के लिए पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथाइल अल्कोहल पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर पांच प्रतिशत करने का भी फैसला किया गया।

सिर्फ आठ आइटम पर किया गया विचार

वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक के एजेंडा पर 15 आइटम थे, लेकिन सिर्फ आठ आइटम पर विचार किया जा सका। बाकी सात आइटम पर काउंसिल की आगामी बैठक में विचार होगा। बैठक में जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हो सकी। वैसे ही, आनलाइन गेमिंग, हार्स रेसिंग व कैसिनो की जीएसटी दरों को लेकर काउंसिल की बैठक में कोई चर्चा नहीं की गई।

चार शर्तों को पूरा करने पर ही गाड़ी मानी जाएगी एसयूवी

काउंसिल की बैठक में स्पो‌र्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) की परिभाषा को स्पष्ट किया गया, ताकि उन पर 22 प्रतिशत का सेस लगाने में कोई दिक्कत न हो। चार खूबियों वाली गाड़ी को ही एसयूवी मानने का फैसला किया गया। पहली खूबी यह होगी, वह गाड़ी एसयूवी के रूप में प्रचलित हो। दूसरी खूबी होगी कि गाड़ी की लंबाई 4000 मीटर से अधिक हो। तीसरी खूबी कम से कम 1500 सीसी क्षमता की तो चौथी खूबी 170 एमएम का ग्राउंड क्लीयरेंस हो।

अभी कई राज्यों में परिभाषा स्पष्ट नहीं होने से आटो कंपनियों को दिक्कतें हो रही थीं। इन चार शर्तों के नहीं होने पर 22 प्रतिशत सेस नहीं लगेगा। अभी एसयूवी पर 28 प्रतिशत जीएसटी और 22 प्रतिशत सेस लगता है। काउंसिल की बैठक में एसयूवी की तरह मल्टी यूटिलिटी व्हीकल्स (एमयूवी) की परिभाषा भी तय करने का फैसला किया गया।

2 views0 comments

Comentarios


bottom of page