अगले हफ्ते से लगेगी स्पूतनिक कोविड वैक्सीन, अब 12 से 16 हफ्ते बाद लगेगी कोविशील्ड की दूसरी खुराक



आ गई स्पूतनिक


कोरोना से लड़ाई के लिए भारत के बाजार में अगले हफ्ते से स्पुतनिक-वी वैक्सीन की बिक्री शुरू हो जाएगी। ये जानकारी नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने दी है। इसके साथ ही जुलाई से इस वैक्सीन का उत्पादन भी भारत में शुरू हो जाएगा। डॉ. पाल के मुताबिक एफडीए, डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित कोई भी वैक्सीन की कंपनी भारत आ सकती है। आयात लाइसेंस 1-2 दिनों के भीतर दे दिया जाएगा। इस समय कोई भी आयात लाइसेंस लंबित नहीं है।



कोविशील्ड की खुराक का अंतर बढ़ा


सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह ने कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतर बढ़ाकर 12-16 हफ्ते यानी करीब 4 महीने करने की सिफारिश की है। अभी कोविशील्ड टीके की दो खुराकें 4-8 हफ्ते के अंतराल पर दी जाती हैं। सरकार ने इन सिफारिशों को मान लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन के दो डोज के बीच के गैप को 6 से 8 हफ्ते से बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया है। ये फैसला कोविड वर्किंग ग्रुप की तरफ से की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।


हालांकि, कोवैक्सिन की खुराकों के लिए बदलाव की अनुशंसा नहीं की गई है।

गर्भवती महिलाओं को मिला विकल्प


सरकारी पैनल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का कोई भी टीका लगवाने का विकल्प दिया जा सकता है और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद किसी भी समय टीका लगवा सकती हैं।



कोरोना संक्रमितों के लिए बढ़ा समय


एनटीएजीआई ने यह भी कहा है कि जो लोग कोविड-19 से पीड़ित रह चुके हैं और जांच में उनके सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, उन लोगों को स्वस्थ होने के बाद छह महीने तक टीकाकरण नहीं करवाना चाहिए। राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह के सुझाव टीकाकरण को देखने वाले कोविड-19 संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह को भेजे जाएंगे।


क्या वैक्सीन की कमी के चलते लिया फैसला


सरकारी पैनल की इस सिफारिश को कुछ लोग वैक्सीन की किल्लत से भी जोड़कर देख सकते हैं। वैक्सीन की कमी के चलते महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों में बीते कुछ दिनों से टीकाकरण प्रभावित हुआ है। कहा जा रहा है कि देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को देखते हुए सरकारी पैनल ने कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने की सिफारिश की है।


पता था दूसरी लहर आएगी


इस सवाल पर कि क्या वैज्ञानिक इससे अंजान थे कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी? डॉ. पॉल ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी, यह बार बार बताया गया हालांकि दूसरे शब्दों में, क्योंकि पैनिक नहीं फैलाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को प्रधानमंत्री भी देश को उभरती दूसरी लहर के बारे में बताया था, बिना पैनिक किए। डॉ. पॉल ने कहा कि पीक का साइज क्या होगा इसका कोई अनुमान नहीं लगा पाएगा। लेकिन पीक आएगा और फिर वायरस आएगा इसका पता था।


टीम स्टेट टुडे


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