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जब सरकार टोल बूथ हटा देगी तो कैसे कटेगा टोल टैक्स ? मंत्री जी ने बनाया मास्टर प्लान

Mar 18, 2021
2 min read


भारत में एक साल के भीतर वो दिन आएगा जब टोल टैक्स कटेगा लेकिन काटते हुए कोई दिखेगा नहीं। ये हम नहीं केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि मैं एक वर्ष के भीतर सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश के सभी भौतिक रूप से टोल बूथ हटा दिए जाएंगे। जीपीएस इमेजिंग के आधार पर टोल का पैसा इकट्ठा किया जाएगा।

गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा


अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा। इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी।


कब कौन से वाहन हटेंगे


नितिन गडकरी का कहना है कि 15 वर्ष के बाद वाणिज्यिक वाहनों को पंजीकरण से हटाया जाएगा। 20 वर्ष के बाद प्राइवेट वाहनों को पंजीकरण से हटाया जाएगा। केंद्र, राज्य, नगर निगम, पंचायतों, एसटीयू, सार्वजनिक उपक्रमों और संघ और राज्य के साथ स्वायत्त निकायों के सभी वाहनों को 15 साल के बाद पंजीकरण से हटाया जाएगा और स्क्रैप किया जाए।



कितने वाहन कितने पुराने


गडकरी ने कहा कि 20 वर्ष से अधिक पुराने 51 लाख वाहन हैं 15 वर्ष से अधिक पुराने 34 लाख वाहन और वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना 15 वर्ष से अधिक पुराने 17 लाख वाहन हैं। वाहन फिट करने के लिए तैयार हैं। पुराने वाहन 10-12 गुना अधिक वायु प्रदूषण करते हैं और सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम भरे हैं।

उन्‍होंने कहा कि हम स्वैच्छिक वाहन बेड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, जो पुराने वाहनों को स्क्रैप करेगा और नए वाहनों को खरीदते समय आर्थिक रूप से लोगों का समर्थन करेगा। इस नीति से स्क्रैप सेंटर, ऑटो उद्योग और इससे जुड़े उद्योग लाभान्वित होंगे।


अब तक फास्टैग


नितिन गडकरी ने ये भी कहा कि देश के 93 प्रतिशत वाहन फास्टैग का उपयोग कर टोल का भुगतान करते हैं, लेकिन शेष 7 प्रतिशत वाहनों ने दोगुने टोल का भुगतान करने के बावजूद फास्टैग नहीं लगवाया है। अगर वाहनों में फास्टैग फिट नहीं हैं तो टोल चोरी और जीएसटी चोरी का मामला है। फास्टैग टोल प्लाजा पर शुल्क के इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा प्रदान करता है। 16 फरवरी 2021 से फास्टैग के बिना वाहनों को देश भर में इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा पर दोगुना टोल शुल्क देना पड़ रहा है।


टोल शुल्क की वसूली जीपीएस इमेजिंग के जरिए की जाएगी। इससे देश में टोल नाकों पर लगने वाली कतारों व समय व ईंधन की बर्बादी से बचा सकेगा।


टीम स्टेट टुडे


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