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Twitter पर 'योगीजी' नंबर वन, कोई बता रहा कानून का राज- कोई कर रहा दंगाइयों का हिसाब


लखनऊ, 14 अक्टूबर 2022 : एक ओर मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ बाढ़प्रभावित लोगों का दर्दबांटने के लिएजमीन से आसमानएक किए हुएथे तो दूसरीओर इंटरनेट मीडियाके ट्विटर प्लेटफार्मपर उनकी लोकप्रियताआसमान छू रहीथी। नतीजा यहरहा कि रातसाढ़े नौ बजेतक #YogiJiNo1 ट्रेंड उड़ान भरतेहुए साढ़े 27 हजारका आंकड़ा पारकर गया। यानीइतने लोग इसटाप ट्रेंडिंग हैशटैगसे जुड़ चुकेथे।

इंडियन आफ दईयर अवार्ड दिएजाने पर मिलरही बधाई

ट्विटर पर बड़ीसंख्या में लोगमुख्यमंत्री योगी कोइंडियन आफ दईयर अवार्ड दिएजाने पर बधाईदे रहे थेतो कई योगीराज-कानून राजकी परिभाषा बतानेके साथ योगीजीका नारा बुलंदकरने में लगेथे। योगीजी नम्बरवन हैशटैग केसाथ साध्वी प्राचीने लिखा, 'यूपीमें दंगाइयों काहिसाब हो रहाहै, भ्रष्टाचार इतिहासकी किताब होरहा है।' योगीदेवनाथ में भीएक के बादएक कई ट्वीटकरते हुए इंडियनदेर रात तकइस हैशटैग केसाथ लोगों केट्वीट करने काअनवरत सिलसिला जारीरहा।

आपदा कीघड़ी में हरपीड़ित के साथखड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने अक्टूबर मेंआई बाढ़ कोअप्रत्याशित त्रासदी बताते हुएकहा कि किसीको भी घबरानेया परेशान होनेकी आवश्यकता नहींहै। आपदा कीइस घड़ी मेंसरकार पीड़ितों केसाथ है औरउन्हें हर संभवसहायता प्रदान की जाएगी।अक्टूबर में जबफसल कटने कासमय है, रामलीलाका दौर चलरहा है, ऐसेसमय में लोगछतों पर रहनेको विवश हैं।ऐसे लोगों कोराहत देना सरकारकी प्राथमिकता है।आपदा में हुएनुकसान की भरपाईमें कोई कोरकसर नहीं छोड़ीजाएगी।

मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर व गोरखपुरजिलों के बाढ़प्रभावित इलाकों का हवाईसर्वेक्षण किया। इस दौरानडुमरियागंज के भनवापुर, हरैया के हेंगापुर, धनघटा के छपरामगर्वी और गोरखपुरके लालडिग्गी मेंबाढ़ पीड़ितों सेमुलाकात की। अभिभावकके तौर परन केवल उनकाहाल जाना, बल्किदुख-दर्द साझाकरते हुए राहतसामग्री भी वितरितकी। उन्होंने आश्वस्तकिया कि तीन-चार दिनमें बाढ़ कापानी कम होनेलगेगा। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिकअधिकारियों को अतिरिक्तनाव, स्टीमर वमानव श्रम लगाकरराहत सामग्री बंटवानेऔर फसलों काजायजा लेकर रिपोर्टदेने के निर्देशदिए, ताकि किसानोंको समय सेक्षतिपूर्ति की धनराशिभुगतान की जासके। बाढ़ प्रभावितगांवों में आवश्यकतानुसारसामुदायिक रसोई कीव्यवस्था की जाएया फिर सुबह-शाम भोजनके पैकेट उपलब्धकराए जाएं।

सरकार आर्थिक सहायतादेने को भीतैयार

सीएम योगीने कहा किआपदा में जिनलोगों ने भीअपने परिजनों कोखोया है, उनकेप्रति सरकार कीपूरी संवेदना है।बाढ़ से जनहानिपर पीड़ित परिवारको चार लाखरुपये, गंभीर रूप सेघायल या अंग-भंग होनेपर 60 हजार सेलेकर 2.5 लाख रुपयेतक की सहायतादी जाएगी। क्षतिग्रस्तमकानों के लिएमुख्यमंत्री आवास योजनाके तर्ज पर 1.20 लाख रुपये मकान बनानेके लिए दिएजाएंगे।

किसानों, पशुपालकों केनुकसान की होगीभरपाई

मुख्यमंत्री ने कहाकि पशुपालकों औरकिसानों के नुकसानकी भरपाई केलिए सर्वे करायाजा रहा है।क्षतिग्रस्त मौसमी फसलों केलिए 18 हजार रुपएप्रति हेक्टेयर औरबारहमासी फसलों पर 22500 रुपयेप्रति हेक्टेयर कीदर से सहायताराशि दी जाएगी।मवेशियों के मरनेपर भी चारहजार रुपये सेलेकर 37500 रुपये तक कीसहायता राशि पशुपालकोंको दी जाएगी।मुर्गी और मत्स्यपालकों को हुएनुकसान की भीभरपाई होगी।

दिवाली से पूर्वहो जाए मरम्मतऔर सैनेटाइजेशन काकाम

सीएम योगीने अधिकारियों कोबाढ़ का पानीउतरने के साथही स्वच्छता, सैनेटाइजेशनऔर छिड़काव काअभियान युद्ध स्तर परशुरू करने केनिर्देश दिए। कहाकि दिवाली सेपूर्व बाढ़ सेक्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मतकराते हुए शुद्धपेयजल, विद्युत आपूर्ति बहालीसमेत हर व्यवस्थापुख्ता कर दीजाए।

तटबंध का प्रस्तावस्वीकृत, बाढ़ प्रभावितोंको अन्यत्र बसाएं

गोरखपुर में बाढ़पीड़ितों के बीचपहुंचे मुख्यमंत्री ने सरयूनदी पर बैरिया-सरिया तटबंध बनानेके प्रस्ताव कोस्वीकृत करने कीघोषणा की। उन्होंनेकहा कि सरयू-राप्ती के संगमक्षेत्र बड़हलगंज को आगामीवर्षों में बाढ़की विभिषिका सेबचाने के लिएसरकार दोबारा सर्वेकराकर कार्ययोजना बनाएगी।संतकबीरनगर में मुख्यमंत्रीने कहा किधनघटा तहसील क्षेत्रमें नदी तटबंधके उस पाररहने वाले लोगोंको इस पारसुरक्षित स्थान पर बसानेकी कार्ययोजना बनाईजाए। अधिकारी इसपर गंभीरता सेविचार करें।

दो तरहकी किट मेंराहत सामग्री

मुख्यमंत्री ने बतायाकि राहत सामग्रीदो तरह कीकिट में दीजा रही है।किट में 10 किलोचावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एकलीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूनाचना, एक किलोगुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, एकपैकेट माचिस, एकपैकेट मोमबत्ती, दोनहाने का साबुनशामिल है। इसकेअलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमताके दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट कीएक तारपोलीन शीटभी दी जारही है। पशुओंको प्रतिदिन 5 किलोचारा उपलब्ध करानेका निर्देश पशुपालनविभाग को दियागया है।

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