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यूपी को नहीं चाहिए गर्वंमेंट ऑफ दा फैमिली, बाय दा फैमिली फॉर दा फैमिली

Feb 12, 2022
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कन्नौज, 12 फरवरी 2022 : इत्रनगरी में चौथी बार आए प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने कहा कि पहले चरण के मतदान से एक और बात साफ की है कि दो दिन से घोर परिवारवादियों को सपने दिखना बंद हो गए हैं। पता है क्यों, इसलिए कि उनकी नींद हराम हो गई है। वो लोग सोच रहे थे कि जातिवाद और संप्रदायवाद फैलाकर वोटों को बांट देंगे। लेकिन, मुझे खुशी है कि यूपी के लोग माफियावादियों और दंगावादियों के खिलाफ एकजुट होकर वोट कर रहे हैं।

ये एकजुटता ही दंगावाद से मुक्ति के पक्ष में है, ये एकजुटता कानून व्यवस्था के पक्ष में है, ये एकजुटता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के पक्ष में है। वह शनिवार की दोपहर कन्नौज की तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अन्नूर्पणा मंदिर परिसर मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

आप देखिए कैसे कैसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, इनके ज्यादातर उम्मीदवार हिस्ट्रीशीटर हैं और उनकी तो हालत ऐसी है कि कई लोग तो जेल से ही चुनाव लड़ रहे हैं। साथियों लोकतंत्र की व्याख्या करते हुए विश्व में एक बात कही जाती है- गर्वंमेंट ऑफ दा पीपुल, बाय दा पीपुल और फॉर दा पीपुल यानी जनता का जनता के लिए और जनता द्वारा शासन। हमारी देश की घोर परिवावादी पार्टियों ने लोकतंत्र के मंत्र को ही बदल दिया। ये लोग क्या कहते हैं- उनका सूत्र क्या है- परिवार का, परिवार के लिए और परिवार द्वारा शासन, गर्वंमेंट ऑफ दा फैमिली, बाय दा फैमिली फॉर दा फैमिली। इसलिए यूपी के लोगों ने फिर ठान लिया है कि अपने परिवार के स्वार्थ में काम करने वाले लोग अब उत्तर प्रदेश में नहीं चाहिये। यूपी के लोगों को तो पब्लिक की सेवा करने वाले लोग चाहिये, परिवार की सेवा करने वाले नहीं।

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