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अयोध्या में चप्पे चप्पे पर इतनी फोर्स क्यों लगी है – याद है 5 जुलाई 2005 का वो दिन!



अयोध्या में आज गुरु पूर्णिमा और राम जन्मभूमि पर आतंकी हमले की 15वीं बरसी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 5 जुलाई 2005 को राम जन्मभूमि परिसर पर फिदायीन हमला किया गया था। जिसमें सभी पांचो आतंकी सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में मारे गए थे। तब से अयोध्या हाई अलर्ट पर रही है। फिदायीन हमले की बरसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अयोध्या की सुरक्षा खड़ी कर रखी है। साथ ही आज गुरु पूर्णिमा है ऐसे में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी तरीके के आयोजन में भीड़ को प्रतिबंधित किया गया है।



अयोध्या के प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान जारी है। अयोध्या में स्थानीय लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा बल आईडी चेक करके अयोध्या में लोगों को प्रवेश दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने आज के दिन बाहरी लोगों के प्रवेश को निषेध कर रखा है।


जिला प्रशासन का कहना है की कोरोना संक्रमण को देखते हुए किसी भी तरीके के धार्मिक आयोजन को रोका गया है। जिससे भीड़ नहीं हो और संक्रमण से बचा जा सके। वहीं सरयू स्नान पर भी रोक लगाई गई है। आज के दिन गुरु पूर्णिमा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते रहे हैं लेकिन इस बार अयोध्या के मठ मंदिर और सरयू घाट सूने हैं।



एसपी सिटी विजय पाल सिंह ने अयोध्या की सिक्योरिटी का जायजा भी लिया है। एसपी सिटी विजय पाल सिंह का कहना है की अयोध्या में आज गुरु पूर्णिमा और राम जन्म भूमि पर आतंकी हमले की 15 वी बरसी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


आप को याद दिला दें कि 5 जुलाई 2005 को अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर में आतंकी हमला हुआ था। इस आतंकी हमले में दो आतंकी मारे गए थे जबकि कई सुरक्षा कर्मी घायल हुए थे। इस मामले में डॉक्टर इनफान, मोहम्मद शकील, मोहम्मद नसीम, फारुक और मोहम्मद अजीज मुख्य आरोपी थे। आतंकी हमले की जांच में पुलिस ने इन पांचों को हमले की साजिश रचने, आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस हमले को अंजाम देने वाले दो आतंकी मौके पर ही सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराए थे।

लश्कर के ये आतंकी भक्त के रुप में अयोध्या में घुसे थे और पूरे इलाके की रेकी टाटा सूमो से की थी। आतंकियों ने हमले से पहले राम मंदिर के दर्शन भी किए थे और फइर गाड़ी में सवार होकर जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए घुसकर ग्रेनेड फेंक कर हमला किया था।


रामलला विराजमान के प्रभाव और ईश्वर की असीम अनुकंपा से आतंकियों के हमले में फेंका गया ग्रेनेड रामलला के तंबू रुपी मंदिर के पास गिरा जरुर लेकिन फटा नहीं था।

आपको ये भी बता दें कि 2019 के दिसंबर महीने में जैश के आतंकियों ने अपने चीफ मसूद अजहर के इशारे पर अयोध्या में हमले की साजिश रची थी। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के मैसेज को इंटरसेप्ट किया था और एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया था।


अयोध्या से शिल्पी/सुमित

टीम स्टेट टुडे




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