लव जेहादियों से परेशान सुभाष ने खत्म किया शंकरानी का किस्सा



बहराइच की शंकरानी का प्रेम प्रसंग गांव में फकीरे के बेटे छुटकऊ से चल रहा था। शंकरानी महज 16 साल की थी। ये बात उसके पिता सुभाष को नापसंद थी। सुभाष ने अपनी नाबालिग बेटी की शादी अपनी ही बिरादरी के एक लड़के से थाना दरगाह इलाके में करा दी। शादी के बाद भी शंकरानी अपने प्रेमी छुटकऊ से मोबाइल पर बातचीत करती रही । एक दिन कॉल्स डिटेल्स के जरिए शंकरानी के पति को सच्चाई पता चली तो वो उसे मायके छोड़ आया।


कुछ दिन बाद सुभाष ने अपनी बेटी को अपने प्रेमी के साथ देख लिया। जिस पर उसने थाना रिसिया में छुटकऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने धारा 354,504,506, IPC व 3(2) 5(A) SC/ST एक्ट के तहत छुटकऊ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।



मामला अदालत पहुंचा तो शंकरानी अपने प्रेमी के पक्ष में ही बयान देने पर अड़ गई। इससे सुभाष आहत हुआ और उसने 27 -28 जून की रात अपनी बेटी की गला दबा कर हत्या कर दी और फिर हंसिए से उसका गला काट कर बोरे में भरकर बाग में शव को फेंक दिया।


चूंकि गांव का प्रधान मोहम्मद यार खां छुटकऊ का ही पक्ष लेता था जो उसी के धर्म का था इसलिए सुभाष ने अपनी लड़की की हत्या के बाद थाना रिसिया में शिकायत दर्ज कराई 27 -28 जून की रात करीब 02 बजे इब्राहिम पुत्र मो0 यार खान और अन्य उसके घर में घुसे और कनपटी पर रिवाल्वर लगाकर घर का जेवर लूटने के साथ ही शंकरानी उर्फ पूजा के मुँह में कपड़ा ठूंसकर उठा ले गये। बाद में उन्ही लोगों ने शंकरानी की हत्या कर दी।


शंकरानी के पिता सुभाष की तहरीर पर थाना रिसिया में धारा 302,394,452 और 3(2) SC/ST एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।

जब पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल की जांच शुरु की तो उसे वादी सुभाष के घर से लड़की का दुपट्टा और रस्सी मिली जिससे मामला पुलिस की नजर में संदिग्ध हो गया।


कड़ाई से पूछताछ करने पर सुभाष ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया और बताया कि उसने ही अपनी इज्जत बचाने के लिये अपनी पुत्री की हत्या कर प्रधान व कोटेदार को फंसाने के लिये इसे हत्या का रूप दिया था ।


पुलिस की तफ्तीश में दूध का दूध पानी का पानी गया। असली हत्यारा भी पकड़ा गया। लेकिन इस घटना से ये भी साफ हो गया है कि बहराइच के कई इलाके खासतौर से ग्रामीण इलाके जहां मुस्लिम बहुतायत में वहां लव जेहाद बहुत ही संगठित तरीके से चल रहा है। सुभाष हिंदू है। उसकी नाबालिक बेटी को फकीरे के बेटे छुटकऊ ने ना सिर्फ अपने प्रेमजाल में फंसाया बल्कि गांव का मुस्लिम प्रधान और उसके साथी अपनी कौम की गलत हरकतों पर पर्दा डालते रहे। सिर्फ इतना ही नहीं लड़की की शादी हो जाने के बाद भी जिस तरह मुस्लिम युवक लड़की को अपने जाल में फंसाए रहा वो हिंदू समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

टीम स्टेट टुडे



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