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10 प्वाइंट में समझिए I.N.D.I.A की तीसरी बैठक में क्या-क्या हुआ


मुंबई, 01 अगस्त 2023 : विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की तीसरी बैठक मुंबई में संपन्न हुई। गठबंधन ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में जहां तक संभव हो, हम मिलकर भाजपा का मुकाबला करेंगे। आईएनडीआईए ने 13 सदस्यीय एक समन्वय समिति का गठन किया है, जो आगे का फैसला करेगी। विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की समन्वय समिति में विभिन्न दलों के 13 नेताओं को शामिल किया गया है। इस समिति का काम आगामी निर्णय लेने का होगा।

इस समिति में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, डीएमके नेता एमके स्टालिन, आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, जेएमएम नेता हेमंत सोरेन, आप नेता राघव चड्ढा, सपा नेता जावेद अली खान, जदयू नेता लल्लन सिंह, सीपीआई नेता डी राजा, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती शामिल हैं।

विपक्षी दलों की बैठक में तय हुआ है कि सीट शेयरिंग का फॉर्मूल जल्द ही तय होगा और सबकी सहमति से सीटों का बंटवारा किया जाएगा।

आईएनडीआईए की बैठक में निर्णय लिया गया कि इसमें शामिल सभी पार्टियां देश के अलग-अलग भाषाओं में 'जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया' थीम पर ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करेंगी। विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की मुंबई में तीसरी बैठक है। गठबंधन की पहली बैठक पटना और दूसरी बैठक बेंगलुरु में संपन्न हुई थी। इस तीसरी बैठक का एजेंडा गठबंधन का लोगो और प्रवक्ताओं की नियुक्ति करना है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए से भाजपा की सरकार घबरा गई है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रतिशोध की राजनीति करती है।

इधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गठबंधन के नेताओं से कहा कि हमें दो अक्टूबर को अपना घोषणापत्र जारी करना चाहिए। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए एक कॉमन एजेंडा तैयार करने का आग्रह किया। इस बैठक के पहले दिन यानी कि 31 अगस्त को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विपक्षी नेताओं के लिए एक रात्रिभोज का आयोजन किया।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा हमें एनडीए की रणनीति को जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। विपक्ष की बैठक में देश में जल्द चुनाव कराए जाने को लेकर आशंका जताई गई। बता दें कि केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की। हालांकि, इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है, अभी तक स्पष्ट नहीं है।

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