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2008 में मंदी के वक्तट भारत में था पॉलिसी पैरालिसिस का माहौल


गांधीनगर, 29 जुलाई 2022 : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शुक्रवार को गांधीनगर में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी। साथ ही इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) और NSE IFSC-SGX कनेक्ट भी लॉन्च किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्‍त भारत के बढ़ते आर्थिक सामर्थ्य, बढ़ते तकनीकी सामर्थ्य और भारत पर विश्व के बढ़ते भरोसे के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे वक्‍त में जब भारत अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब आधुनिक होते नए संस्थान और नई व्यवस्थाएं भारत का गौरव बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी ने परोक्ष रूप से पूर्व की यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि साल 2008 में वैश्विक आर्थिक मंदी का दौर था। भारत में भी दुर्भाग्य से उस समय पालिसी पैरालिसिस का माहौल था। उस समय गुजरात, फिनटेक के संदर्भ में नए और बड़े कदम उठा रहा था। मुझे खुशी है कि वो आइडिया अब काफी आगे बढ़ गया है। हमें यह भी याद रखना होगा कि एक वाइब्रेंट फिनटेक सेक्टर का मतलब केवल आसान बिजनेस परिवेश, रिफार्म और नियमन तक ही सीमित नहीं होता। ये अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे प्रोफेशनल को एक बेहतर जीवन और नए अवसर देने का माध्यम भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक है। इसलिए भविष्य में जब हमारी इकानमी कहीं ज्यादा बड़ी होगी, हमें उसके लिए अभी से तैयार होना होगा। हमें इसके लिए ऐसे संस्‍थान चाहिए, जो ग्‍लोबल इकॉनमी में हमारे भविष्य की भूमिका तय करे। आज भारत में रिकॉर्ड एफडीआइ आ रहा है। यह निवेश देश में नए अवसर पैदा कर रहा है। साथ ही युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा कर रहा है। यह हमारी इंडस्‍ट्री को ऊर्जा दे रहा है, हमारी प्रोडक्‍टिविटी को बढ़ा रहा है।

PM Narendra Modi ने कहा कि भारत के लिए सफलता और सेवा एक दूसरे के पर्याय हैं। जन कल्याण से जग कल्याण, यह हमारी भावना है। इसलिए आज भारत सतत विकास (sustainable development) के क्षेत्र में वैश्विक संभावनाओं का नेतृत्व कर रहा है। हमने अपने लिए नेट जीरो कार्बन उत्‍सर्जन (net zero carbon emissions) का लक्ष्य तय किया है। राष्ट्रीय स्तर पर हम गतिशक्ति मास्टर प्लान को आगे बढा रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी और ई-मोबिलिटी के नए रिकार्ड्स बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेशनल सोलर अलायंस (International Solar Alliance) को दिशा दे रहा है। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसमें हमारा समर्पण असीम संभावनाओं को खोलेगा। पिछले 8 वर्षों में देश ने वित्तीय समावेशन (financial inclusion) की एक नई तरंग देखी है। यहां तक कि गरीब से गरीब भी अब फार्मल फाइनेंसियल इंसीच्‍यूशन से जुड़ रहा है। आज जब हमारी एक बड़ी आबादी फाइनेंस से जुड़ गई है तो समय की मांग है कि सरकारी संस्थाएं और प्राइवेट प्लेयर्स, मिलकर कदम आगे बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम स्‍थानीय आकांक्षा को भी महत्व देते हैं और वैश्विक सहयोग का महत्व भी समझते हैं। हम एक ओर, ग्लोबल कैपिटल को वेलफेयर के लिए ला रहे हैं, दूसरी ओर लोकल उत्पादों को ग्लोबल वेलफेयल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आज 21वीं सदी में फाइनेंस और तकनीक एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बात जब तकनीक की हो, बात विज्ञान और साफ्टवेयर की हो, तो भारत के पास एज भी है, और एक्‍सपीरियंस भी। मौजूदा वक्‍त में रियल टाइम डिजिटन पेमेंट (real time digital payments) के मामले में दुनिया भर में 40 फीसद हिस्सेदारी अकेले भारत की है।

PM Modi ने कहा कि आज गिफ्ट सिटी में, इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर्स अथॉरिटी (International Financial Services Centres Authority, IFSCA) के मुख्‍यालय भवन का शिलान्यास किया गया है। मुझे विश्वास है, यह भवन अपने आर्किटैक्चर में जितना भव्य होगा, उतना ही भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के असीमित अवसर भी पैदा करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब अमेरिका, ब्रिटेन और सिंगापुर (Singapore) जैसे दुनिया के उन देशों की कतार में खड़ा हो रहा है जहां से ग्लोबल फाइनेंस को दिशा दी जाती है। मैं इस अवसर पर आप सभी को और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं।

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