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एमएसएमई के लिए सह-ऋण हेतु बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने यू-ग्रो कैपिटल के साथ भागीदारी की




संपूर्ण भारत में सह-ऋण भागीदारी 200+ टचपॉइंट्स में रु. 1000 करोड़ के ऋण पेश करेगी 


देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में से एक बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने यू ग्रो कैपिटल (U-GRO Capital) के साथ सह-ऋण (को-लेंडिग) भागीदारी की घोषणा की है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को ऋण उपलब्ध कराने वाली बीएसई में सूचीबद्ध गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा के 114वे स्थापना दिवस के अवसर पर 20 जुलाई, 2021 को इस कार्यक्रम के अंतर्गत पहले ऋण के संवितरण की शुरुआत की गई। यू ग्रो के साथ भागीदारी में सह-ऋण की शुरुआत करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में यह पहली बैंक है।


इस कार्यक्रम को संशोधित किए गए सह-ऋण दिशानिर्देशों के अंतर्गत शुरु किया गया है जिसमें बैंक ऑफ़ बड़ौदा के साथ मिलकर यू ग्रो उनके “प्रथम” नामक उत्पाद के तहत ऋण उपलब्ध कराएगी। कायापलट अवधि में उल्लेखनीय कमी के साथ इससे एक प्रतिस्पर्धात्मक ब्याज दर पर एमएसएमई को आवश्यकता के अनुसार तैयार किए गए ऋण समाधान का लाभ उठाने में सहायता मिलेगी। ऋण राशि ₹ 50 लाख से लेकर ₹250 लाख तक होगी जिसे 120 महीनों की अधिकतम अवधि के साथ 8% की एक शुरुआती ब्याज दर से पेश किया जाएगा।


इस सह-ऋण कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ़ बड़ौदा के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर श्री विक्रमादित्य सिंह खिची ने कहा, “इस सह-ऋण कार्यक्रम के ज़रिए यू ग्रो कैपिटल के साथ हमें भागीदारी करते हुए खुशी हो रही है, जो ज़्यादा से ज़्यादा एमएसएमई के लिए सहायता प्रदान करने के हमारे इरादे के साथ गूंजायमान होती है। हमारा मानना है कि इस तरह की भागीदारी आगे बढ़ने का तरीका है और एमएसएमई सेगमेंट के लिए सह-ऋण को अगले स्तर पर ले जाने के लिए स्वतंत्र संस्थाओं की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए सहयोगात्मक प्रयास बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यह उसी दिशा में की गई एक उल्लेखनीय प्रगति है।”


भागीदारी के अंतर्गत, बैंक ऑफ़ बड़ौदाऔर यू ग्रो कैपिटल दोनों ही बैंक की अल्प लागत निधि और एनबीएफसी की उच्चतर पहुँच का लाभ उठाते हुएसेवा से वंचित और अल्प सेवा प्राप्त एमएसएमई को सेवाएं प्रदान करेंगे। पूरे देश के नौ बड़े केंद्रों में 200+ टच पॉइंट्स पर इस कार्यक्रम तक पहुँच प्राप्त की जा सकती है जिसमें शामिल है अहमदाबाद, बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, जयपूर, कोलकाता, मुंबई और पुणे। तेज़ी से लोन की डिलीवरी करने के लिए बैंक ने गांधी नगर, गुजरात में एक केंद्रीकृत प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की है।


टीम स्टेट टुडे


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