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बुंदेलखंड से लोकसभा चुनाव 2024 का एजेंडा सेट कर गए पीएम, दो मुद्दों पर शुरू की तैयारी


लखनऊ, 24 जुलाई 2022 : दिल्ली की राह उत्तर प्रदेश से ही होकर जाती है। भारतीय राजनीति का यह एक शाश्वत सत्य है। यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का फोकस भी सर्वाधिक 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश पर ही होता है। चूंकि 2014 से ही उत्तर प्रदेश की लोकसभा की सर्वाधिक सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में हैं, लिहाजा इस स्थिति को बरकरार रखने या इससे आगे निकलना, भाजपा की कोशिश होगी।

भाजपा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के बाद से ही एक टीम के रूप में इसके लिए पूरी शिद्दत से जुड़ गई है। पिछले दिनों बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र कर यह संकेत दे दिया कि लोकसभा चुनाव में भी उत्तर प्रदेश के लिए यही दो मुद्दे होंगे।

कानून-व्यवस्था ही होगा प्रमुख मुद्दा : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सितंबर 2021 से दिसंबर 2021 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई अवसरों पर अपने संबोधनों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और इसके असर का जिक्र किया। बड़े नेताओं द्वारा इन मुद्दों को स्थापित करने के बाद चुनावी रैलियों के दौरान ये मुद्दे पूरी तरह छाए रहे और चुनाव परिणाम में इसका असर भी दिखा।

माफिया पर सख्ती और विकास के मुद्दे मुफीद : पहले ही कार्यकाल से माफिया के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती और विकास का मुद्दा भाजपा के लिए लगातार मुफीद साबित होता दिखा है। 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव के परिणाम इसकी तस्दीक भी करते हैं। यही वजह है कि हर सार्वजनिक कार्यक्रम में पार्टी के शीर्ष पंक्ति नेता इन दोनों मुद्दों को अपने अंदाज में जनता के बीच रखते हैं। कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री ने इन दोनों मुद्दों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि 2017 के पूर्व की सरकार में माफिया को लूट की खुली छूट थी। पर, अब योगी जी के नेतृत्व में ऐसी सरकार है जिससे माफिया माफी मांगता फिर रहा है। इसका दर्द उनको से संरक्षण देने वालों को हो रहा है। समय-समय पर पार्टी के बाकी शीर्ष नेताओं ने भी इस पर मुहर लगाई।

लोकसभा चुनाव के लिए भी माहौल बनना शुरू : विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जो माहौल बना था, वही लोकसभा चुनाव के लिए बनाने की पहल शुरू हो चुकी है। बुंदेलखंड से प्रधानमंत्री ने इसकी शुरुआत कर दी है। उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी की कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी को सुधार दिया जाय तो इस प्रदेश में चुनौतियों को चुनौती देने का माद्दा है। योगी जी की अगुवाई में इन दोनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। सरकार के साथ उसका मिजाज भी बदला है। हमने पक्के इरादे से जो काम शुरू किए उसे पूरा करने में समय की मर्यादा का भी पूरा ख्याल रखा। आगे-पीछे नहीं सब मिलकर साथ चलें। आगे बढ़े। इसके जरिए हम सबके साथ,सब के विकास के नारे को लगातार काम करके साकार कर रहे हैं। साथ ही ये मोदी है, ये योगी कहकर प्रधानमंत्री बाकी लोगों के लिए बड़ा संदेश भी दे गए।

10 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के संदेश की सार्थकता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार साबित भी कर रहे हैं। जीबीसी-3 के जरिए 8024 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव लाकर उन्होंने साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों का पसंदीदा मंजिल बन चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश की इस छवि को और विस्तार दिया जाएगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है। निवेश का यह माहौल भी बेहतरीन कानून व्यवस्था से बना है। अब तो हालात यह हैं कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फिलहाल सपा के गठबंधन के मुख्य किरदार ओमप्रकाश राजभर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था के कसीदे पढ़ रहे हैं।

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