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सीएम योगी का MSME उद्यमियों से आह्वान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए शुरू करें तैयारी


लखनऊ, 03 नवम्बर 2022 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथगुरुवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान मेंआयोजित उद्यमी महासम्मेलन 2022 मेंशामिल हुए। कृषिआधारित एमएसएमई उद्योगों केउत्थान के लिएआयोजित इस महासम्मेलनमें प्रदर्शनी भीलगायी गयी है, जिसका मुख्यमंत्री नेअवलोकन भी किया।सम्मेलन के दौरानअपने उद्बोधन मेंसीएम योगी नेइस बात कीघोषणा की किप्रदेश सरकार की ओरजल्द लायी जानेवाली खाद्य प्रसंस्करणनीति में एमएसएमईक्षेत्र के उद्यमियोंकी ओर सेउठाये गये मुद्दोंपर विशेष ध्यानदिया जाएगा। उन्होंनेसम्मेलन में आयेउद्यमियों का आह्वानकिया कि उत्तरप्रदेश में फरवरीमें होने जारहे ग्लोबल इन्वेस्टर्ससमिट को लेकरअभी से अपनीतैयारियां शुरू करदें।

बीज सेबाजार के अभियानको सफल बनाएंउद्यमी

सीएम योगीने इंडियन इंडस्ट्रीएसोसिएशन की ओरसे आयोजित इससम्मेलन में पधारेप्रदेश के सभीउद्यमीगण, स्टेक होल्डर एवंप्रगतिशील किसान बंधुओं काअभिनंदन करते हुएकहा कि यूपीआज असीम संभावनाओंवाला प्रदेश है।यूपी देश कीसबसे बड़ी आबादीवाला राज्य है।देश की 12 फीसदकृषि योग्य भूमियूपी में है।हमारे अन्नदाता देशके खाद्यान का 20 फीसदी उत्पादन करते हैं।जरूरत इस बातकी है किहमारे अन्नदाताओं केपुरुषार्थ से उपजीफसलों को सहीबाजार उपलब्ध हो, इसके लिए प्रधानमंत्रीके 'बीज सेबाजार' तक केअभियान को सफलबनाने के लिएखाद्य प्रसंस्करण सेजुड़े उद्यमियों कोअपने स्तर परप्रयास करना होगा।यही एक मात्रजरिया है, जिससेरोजगार सृजन केसाथ ही अन्नदाताओंकी आमदनी बढ़ानेका संकल्प पूराहोगा।

निवेश मित्र पोर्टलसबसे बड़ा सिंगलविंडो प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री ने बतायाकि उत्तर प्रदेशगेहूं, गन्ना, आम, आलू, मटर, मशरूम, तरबूज, दूध और शहदमें देश मेंप्रथम स्थान परहै। इस खाद्यान्नोंमें उत्तर प्रदेशन सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्किसरप्लस की स्थितिमें है। इनक्षेत्रों में एक्सपोर्टकी अनंत संभावनाएंहैं। उन्होंने बतायाकि प्रदेश सरकारउद्योगों के विभिन्नसेक्टरों को गतिदेने के लिएहर क्षेत्र केलिए अलग सेनयी पालिसी लेकरआ रही है।इसके माध्यम सेढेर सारे प्रोत्साहनसरकार की ओरसे दिये जारहे हैं। आजयूपी का निवेशमित्र पोर्टल देशमें सर्वाधिक सेवाएंदेने वाला सिंगलविंडो प्लेटफार्म है।

बंद होनेकी कगार परपहुंच गया थाएमएसएमई उद्योग

मुख्यमंत्री ने कहाकि 2017 से पहलेप्रदेश में एमएसएमईउद्योग लगभग बंदहोने की कगारपर पहुंच गयाथा। उद्योगपति अपनेउद्यम को यहांसे बंद करकेदूसरे राज्यों मेंनिवेश की संभावनातलाश रहे थे।मगर आज प्रदेशके अंदर कानूनव्यवस्था की स्थितिसबके सामने है।अपराध और अपराधियोंके प्रति इससरकार की जीरोटालरेंस की नीतिहै। हमें निवेशको आगे बढ़ानाहै तो सुरक्षाके साथ-साथमूलभूत सुविधाओं को भीध्यान में रखनाहै। इसके लिएहमने प्रदेश केअंदर बुनियादी व्यवस्थापर काम कियाहै। कभी इसीप्रदेश में तीनसे चार घंटेबमुश्किल बिजली मिल पातीथी। आज बिजलीआपूर्ति व्यवस्था में आमूलचूलपरिवर्तन किया गयाहै।

विशिष्ट हैं यूपीके अलग-अलगजिलों के खाद्यउत्पाद

मुख्यमंत्री ने कहाकि हमारी उद्योगनीति देश कीसर्वोत्तम नीतियों में सेएक होगी। कृषिक्षेत्र में हमनेबहुत से कार्यकिये हैं। बहुतसे जनपदों मेंकृषि से जुड़ेउत्पादों को हीहमने वन डिस्टिक्टवन प्रोडक्ट बनायाहै। जैसे सिद्धार्थनगरका काला नमकचावल, जिसे दुनियाके सबसे अच्छेचावल के रूपमें देखा जाताहै। इसके अलावाऔरैया का देशीघी, अयोध्या औरमुजफ्फरनगर का गुड़, गाजीपुर का जूट, कौशांबी का केला, कुशीनगर का केलाफाइबर, प्रतापगढ़ का आंवला, सुल्तानपुर का मूंज, लखनऊ का दशहरीआम, प्रयागराज काअमरूद ये सभीचीजें दिखाती हैंकि किस प्रकारयूपी के अलगअलग जनपदों केखाद्य उत्पाद अपनेआप में विशिष्टहैं।

मंडी शुल्कसे छूट दियेजाने के प्रस्तावपर सरकार गंभीर

मुख्यमंत्री ने कहाकि आने वालेदिनों में खाद्यप्रसंस्करण नीति 2022 में हमप्रसंस्करण को बढ़ावादेने के लिएकुछ नये कदमउठाने जा रहेहैं। इसमें प्रसंस्करणउद्योग को सीधेअपना उत्पाद बेचनेवाले किसानों कोबेहतर मूल्य प्राप्तकरने में सुविधाहोगी। ऐसी उपजको मंडी शुल्कऔर उपकर सेछूट दिये जानेके आपके प्रस्तावपर हम गंभीरतासे विचार करेंगे।नयी प्रसंस्करण नीतिमें सरकार खाद्यप्रसंस्करण उद्योग से जुड़ेउद्यमों के हितोंका पूरा ध्यानरखेगी। इसके अलावानिर्यात सब्सिडी देने काप्रस्ताव भी प्रदेशसरकार के पासविचाराधीन है।

उद्यमियों को बारबार परेशान करनेकी शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहाकिमुख्यमंत्री ने कहाकि श्रम औरपर्यावरण विभाग के द्वाराउद्यमियों को बारबार परेशान करनेकी बात सामनेआयी है। इसमेंसरकार की ओरसे समिति कागठन किया जाएगा, जिसके अनुमोदन केउपरांत कार्रवाई की जाएगी।किसी भी उद्यमी, वो चाहे किसीभी सेक्टर काहो, उसे कोईपरेशानी नहीं आनेदी जाएगी। मुख्यमंत्रीने कहा किनिजी भूमि क्रयकरने और भूपरिवर्तन को लेकरभी तमाम बाधाएंबतायी गयी हैं।उनके सरलीकरण करनेके लिए शासनस्तर पर प्रयासकिये जाएं, इसबात के निर्देशदिये जा चुकेहैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिटके लिए अपनीतैयारियां शुरू करदें

फरवरी में उत्तरप्रदेश में ग्लोबलइन्वेस्टर्स समिट काआयोजन होने जारहा है, जिसमेंभारत और दुनियाके बड़े बड़ेउद्यमी यहां आरहे हैं। हमनेसभी क्षेत्र केलिए पॉलिसी बनायीहै। मुख्यमंत्री नेप्रदेश के सभीउद्यमियों का आह्वानकिया कि वोअभी से ग्लोबलइन्वेस्टर्स समिट केलिए अपनी अपनीतैयारियां शुरू करदें। ये देखेंकि उनकी ओरसे इसमें क्यायोगदान प्रदान किया जासकता है। इसमौके पर एमएसएमईमंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्रीस्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रतापसिंह, कृषि उत्पादनआयुक्त, अपर सचिव, आईआईए के राष्ट्रीयअध्यक्ष अशोक कुमारअग्रवाल आदि मौजूदरहे।

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