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अंधविश्वास की भी हद्द पार है ! अब ‘कोरोना वायरस’ बन गया ‘कोरोना माई’ और होने लगी पूजा-अर्चना



कोई मरे कोई मंगल गावै। उत्तर प्रदेश की ये प्रचलित कहावत कोरोनाकाल में बिल्कुल सटीक बैठी है। कोरोना की दूसरी लहर ने लगभग हर घर में दस्तक दी। कई लोग संक्रमण का शिकार हुए। हजारों लोगों की जान गई। अब इसी कोरोना की पूजा पाठ का सिलसिला शुरु हो गया है।


मामला प्रतापगढ़ का है। जहां लोगों ने मंदिर में मूर्ति की स्थापना कर 'कोरोना माई की पूजा भी शुरू कर दी। मामले के तूल पकडऩे जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने शुक्रवार देर रात कोरोना माई के मंदिर को ढहा दिया।


प्रतापगढ़ जिले में सांगीपुर बाजार से दो किलोमीटर दूर दीवानगंज रोड पर जूही शुकुलपुर गांव में कोरोना माई के नाम से मंदिर बना दिया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो सांगीपुर पुलिस देर रात यहां पहुंची और निर्माण ध्वस्त कर मूर्ति का अवशेष ट्रैक्टर ट्राली में रखकर बाहर कर दिया।



मंदिर में मूर्ति स्थापना कराने वाले नागेश कुमार को हिरासत में ले लिया गया


जानकारी के मुताबिक सात जून को गांव की ही दीपमाला ने नीम के पेड़ तले मंदिर की स्थापना कराई थी। चार दिन पहले कुछ लोगों ने कोरोना माता का मंदिर बनवाया जहां अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए लोग पूजा अर्चना करने लगे थे।


ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग पॉजिटिव हो गए थे। इलाज के बाद वो सभी ठीक हो गए थे। ऐसे में ग्रामीणों ने पूजा-पाठ का सहारा लिया और कोरोना माई का मंदिर बना दिया।


टीम स्टेट टुडे


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