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दिव्यता और भव्यता के साथ Devendra Mohan Bhaiya Ji के सानिध्य में मनाया गया संत कृपाल सिंह जी महाराज का जन्मदिवस एवं भंडारा



संत कृपाल सिंह जी महाराज का पावन जन्मदिवस 6 फरवरी 2026 को भोजीपुरा, बरेली स्थित स्वामी दिव्यानंद नगर आश्रम (नैनीताल रोड) में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दिव्यानंद योग साधना समिति द्वारा भव्य सत्संग एवं विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।


कार्यक्रम में स्वामी दिव्यानंद जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम पूज्य देवेंद्र मोहन (भैयाजी) ने सत्संग के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक सूत्रों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि “आज के समय को सही तरीके से जीना समझ लिया, तो जीवन सार्थक हो जाता है।”


उन्होंने वर्तमान में जीने की प्रेरणा देते हुए कहा कि चिंताएँ केवल समय की बर्बादी हैं और संत हमें अपने ‘आज’ को सँभालना सिखाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है, समय-समय पर उपवास रखने से शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि प्रकृति की रक्षा करना भी सच्ची सेवा है।


परम पूज्य भैयाजी ने बताया कि जानबूझकर किसी के जीवन को कष्ट पहुँचाना ही पाप कर्म है, जबकि चेतना के अभाव में किया गया कर्म दोषपूर्ण नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि जब हमारा आचरण ऐसा हो कि गुरु प्रसन्न हों, तभी सच्ची भक्ति सफल होती है। गुरु को सर्वस्व समर्पित कर भयमुक्त होने पर जीवन में चमत्कार प्रारंभ हो जाते हैं।


उन्होंने विश्वास, प्रेम और गुरु-स्मरण पर बल देते हुए कहा कि मन से भय और धारणाओं को निकालकर जब गुरु पर पूर्ण विश्वास किया जाता है, तब जीवन सहज हो जाता है। सत्संग को उन्होंने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली दिव्य धारा बताया।


उन्होंने मौन को ज्ञान की सबसे सशक्त कड़ी बताते हुए कहा कि ध्यान उत्सव है, अपने मालिक से जुड़ने का माध्यम है, भय का विषय नहीं।


युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने शिक्षा के प्रति जागरूक रहने, विवाह में जल्दबाजी न करने और बेटियों-बेटों को योग्य बनाने पर बल दिया। सत्संग, सेवा और गुरु-स्मरण के माध्यम से जीवन को सफल बनाने की प्रेरणा दी।

सत्संग के उपरांत विशाल लंगर की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इसके साथ ही परम पूज्य देवेंद्र मोहन (भैयाजी) की माताजी को समर्पित संस्था ‘राजनी केयर फाउंडेशन’ द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।


इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में दिव्यानंद योग साधना समिति के साथ-साथ गेन्दन लाल (बाबूजी), प्रेम शंकर, मोहन स्वरूप, शंकर लाल, संजीव शर्मा, पंकज, संजय एवं अजय श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। लंगर व्यवस्था की जिम्मेदारी महेश भैया द्वारा संभाली गई।


कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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