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डरिए मत! देश में नहीं रहेगी वैक्सीन की कमी, बढ़ रहा है उत्पादन, विपक्ष की अफवाहों पर सत्तापक्ष का कर




कोविड वैक्सीन को लेकर मचे घमासान के बीच राहत भरी खबर है।


पहले और दूसरे चरण में कोरोना वैक्सीन लाखों डोज़ बर्बाद करने वाले दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल जैसे राज्य अब वैक्सीन सप्लाई पर सवाल उठा रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अगर वैक्सीन निर्माताओं से कमीशन चाहिए तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वैक्सीन का फार्मूला ही सार्वजनिक करने की मांग कर डाली।


सिर्फ इतना ही नहीं भारत में वैक्सीन निर्माण पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर समाजवादी वैक्सीन लाने तक की बात की थी। इन्हीं नेताओं के बयानों में फंसकर देश की बड़ी आबादी गुमराह हुई। अब यही नेता वैक्सीन की किल्लत और सबके टीकाकरण की मांग कर रहे हैं।



नहीं होगी देश में वैक्सीन की कमी – केंद्र सरकार ने दिया भरोसा

देश में वैक्सीन की कमी के आरोपों के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश को भरोसा दिया है कि वैक्सीन की कमी नहीं होगी। देश में कोवैक्सिन वैक्सीन की वर्तमान उत्पादन क्षमता मई-जून 2021 तक दोगुनी हो जाएगी और फिर जुलाई-अगस्त 2021 तक लगभग 6-7 गुना बढ़ जाएगी। यह 2021 तक प्रति माह लगभग 10 करोड़ खुराक तक पहुंचने की उम्मीद है।


मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार की ओर से भारत बायोटेक की बेंगलुरु स्थित नई फैक्लिटी को 65 करोड़ रुपये के अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। वैक्सीन उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए 3 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं।


दिल्ली को भारत बायोटेक ने वैक्सीन ने देने से किया मना


इससे पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने कोवैक्सीन से 67 लाख और कोविशील्ड से भी 67 लाख वैक्सीन का ऑर्डर दिया था। कंपनी ने मंगलवार को हमें पत्र भेजा है कि हम कोवैक्सीन नहीं दे सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि केंद्र सरकार जितना बताएगी। हम उतना ही दे सकते हैं। अब दिल्ली सरकार टीका पाने के लिए वैश्विक टेंडर जारी करेगी,, क्योंकि आने वाले दिनों में वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।


18 राज्यों को वैक्सीन की सीधी आपूर्ति कर रही भारत बायोटेक


भारत बायोटेक ने मंगलवार को एलान किया था कि वह कोरोना के खिलाफ अपनी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' की तेजी से आपूर्ति जारी रखेगी। इसने कहा कि एक मई से 18 राज्यों को 'कोवैक्सीन' की सीधी आपूर्ति की जा रही है। भारत बायोटेक ने ट्वीट किया, एक मई से 18 राज्यों को 'कोवैक्सीन' की सीधी आपूर्ति की जा रही है। अपने प्रयासों के तहत हम अपनी वैक्सीन की तेजी से आपूर्ति जारी रखेंगे। जिन राज्यों को कंपनी वैक्सीन की आपूर्ति कर रही है, उनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बंगाल शामिल हैं।



देश को वैक्सीन और वैक्सीनेशन पर गुमराह कर रहा है विपक्ष


आपको ये तो बताया ही है कि किस तरह राज्य सरकारें जनता के वैक्सीनेशन के नाम पर निर्माता कंपनियों से दलाली चाहती हैं। कोविशील्ड के उत्पादक अदार पूनावाला तो धमकियों और वसूली से परेशान होकर परिवार समेत लंदन चले गए।


अब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भारत के टीकाकरण कार्यक्रम पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया गया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि विदेशों में भेजी गई 1.07 करोड़ वैक्सीन की खुराक विभिन्न देशों के लिए भारत की मदद थी और उन में से, 78.5 लाख को सात पड़ोसी देशों में भेजा।

इसी तरह संयुक्त राष्ट्र शांति सेना को दो लाख से अधिक खुराक दी गई, जिसमें 6,600 से अधिक भारतीय सैनिक तैनात हैं।


कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AAP पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गलत सूचना फैलाई जा रही है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 6.63 करोड़ वैक्सीन की खुराक विदेशों में निर्यात की है, जबकि उनका भारतीयों के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।


पात्रा ने कहा कि विदेश में 5.50 करोड़ वैक्सीन की खुराक भेजना दो भारतीय निर्माताओं की मजबूरी थी क्योंकि यह उनकी व्यावसायिक और लाइसेंस देनदारियों का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा देश में निर्मित Covishield पर अधिकार, एक विदेशी फर्म, Astrazeneca का है। सीरम इंस्टीट्यूट विदेश में उत्पादित टीकों की कुछ खेप भेजने के लिए बाध्य था।


इसी तरह कोवैक्सिन का निर्माण करने वाली भारत बायोटेक ने भी वैक्सीन की खुराक विदेश में भी भेजी, क्योंकि उन्होंने समझौते के तहत कच्चे माल की खरीद के लिए इसपर हस्ताक्षर किए थे।


नहीं दिया जा सकता फार्मूला


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फार्मूला सार्वजनिक करने की मांग पर पात्रा ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि इसे केवल उप-लाइसेंस दिया गया है Astrazeneca की तरफ से, जिसका वैक्सीन पर पहला अधिकार है।


वहीं, कोवैक्सिन पर उन्होंने कहा, 'भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से तैयार किए गए वैक्सीन के लिए उच्च स्तर की जैव-सुरक्षा की आवश्यकता होती है, जिसे कुछ ही कंपनियां तैयार करने में सक्षम होती हैं और केंद्र उनके साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) शामिल हैं, जो अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए काम कर रहें हैं।


नड्डा ने कांग्रेस नेताओं की शिकायत स