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इंजीनियर और दलाल गठजोड़ की वसूली बर्दाश्त नहीं


लखनऊ, 7 सितंबर 2023 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछले दिनों तहसीलों और थानों में दलालों की सक्रियता पर कड़ा रुख दिखाने के बाद मंगलवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली महकमे में इंजीनियरों (अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता) द्वारा अपने आदमियों, एजेंसियों व दलालों के माध्यम से की जा रही अवैध वसूली की शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोले, काफी समय से समझा रहे हैं कि ऊर्जा निगमों के सभी कार्मिक कार्य संस्कृति एवं चाल-चरित्र में बदलाव लाएं और कार्यों के प्रति ईमानदार हों, लेकिन अब वह समझाएंगे नहीं बल्कि गड़बड़ियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे क्योंकि उनका धैर्य जवाब दे चुका है।

बिजली उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने के बजाय उनको राहत पहुंचाने पर हो फोकस

मंत्री ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिया कि पहले बिजली की चोरी कराओ और फिर कार्रवाई की प्रवृत्ति पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाए। बिजली उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने के बजाय उनको राहत पहुंचाने के लिए व्यवस्था को सुधारा जाए। नगरीय निकाय निदेशालय के सभागार में ऊर्जा निगमों के कार्यकलापों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के साथ ही कार्मिकों को अपने कार्यों के प्रति ईमानदार होना होगा।

फीडरों की ट्रिपिंग में कमी लाने की रणनीति तथा बिजली दुर्घटनाओं पर लगे लगाम

उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने के बजाय उनकी शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए समाधान करना होगा। निगमों के बिजनेस प्लान से संबंधित कार्यों, राजस्व वसूली, नगरीय निकायों के विस्तारित व नवसृजित क्षेत्रों में किए जा रहे बिजली के कार्यों, फीडरों की ट्रिपिंग में कमी लाने की रणनीति तथा बिजली दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 60 वर्षों में जो न हुआ अब वह हम कर रहे हैं। अब बिजली जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन गई है।

बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यवस्था एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार जरूरी

सबकुछ बिजली पर निर्भर हो गया है। एक मिनट के लिए बिजली का जाना अब बर्दाश्त नहीं होता। ऐसे में बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यवस्था एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना होगा। आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर इस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।मंत्री ने कहा कि कोई भी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। उपभोक्ताओं के गलत व अर्नगल बिलिंग को रोकना होगा। मिलीभगत करके बिलिंग में सुधार की जाने वाली गड़बड़ियों को बंद करना होगा।

शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में बदलें खराब ट्रांसफार्मर

ग्रामीण उपभोक्ताओं के बीच ट्रस्ट बिलिंग को बढ़ाया जाए। बिजली कनेक्शन सीधे या बाईपास करने के बजाय खराब मीटर को ही समय पर बदलें। ट्रांसफार्मर की समय से मरम्मत की जाए। शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में जरूर खराब ट्रांसफार्मर बदले जाएं। जर्जर व लटकते तारों व पोल को ठीक करने के साथ फ्यूज व जंफर उड़ने की घटनाओं का तत्काल संज्ञान लें। फीडरों की ट्रिपिंग घटाने की रणनीति पर कार्य करते हुए एक निश्चित समय पर ही शटडाउन लिया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से ज्यादा देर न जूझना पड़े। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था की निगरानी और मानीटरिंग करें।

बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया को बनायें आसान

बिजली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्ण सावधानी बरतने के साथ ही अप्रशिक्षित लोगों को खतरनाक कार्यों से दूर रखें। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ही उसमें किसी भी तरह के दुरुपयोग की गुंजाइश को रोका जाए। समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर, अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष कुमार गोयल, प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, प्रबंध निदेशक उत्पादन एवं पारेषण पी. गुरु प्रसाद के साथ ही सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंताओं ने भाग लिया।

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