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चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर एक लाख की छूट, 5 साल रोड टैक्स माफ


लखनऊ, 12 अक्टूबर 2022 : उत्तर प्रदेश की योगीआदित्यनाथ कैबिनेट ने गुरुवारको नई इलेक्ट्रिकवाहन नीति-2022 कोमंजूरी दी है।लोक भवन मेंआज 30 प्रस्ताव परमुहर लगी, लेकिनसर्वाधिक चर्चा नई इलेक्ट्रिकवाहन नीति-2022 कोलेकर है।

सरकार प्रदेश मेंनई इलेक्ट्रिक वाहनसंचालन को लेकरबेहद गंभीर है।इसके लिए सरकारने इसके निर्माणके लिए उद्यमियोंको आकर्षित करनेके साथ हीइसका उपयोग करनेवालों के लिएबड़े प्रोत्साहन काप्रस्ताव तैयार कर लियाहै। प्रदेश मेंइलेक्ट्रिक वाहन चलानेवालों को पांचवर्ष तक रोडटैक्स नहीं देनापड़ेगा। इनके सामनेभी एक शर्तयह रखी गईहै कि इनकोउत्तर प्रदेश मेंनिर्मित इलेक्ट्रिक वाहन हीखरीदने होंगे। लोगों कोइलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदपर फैक्ट्री मूल्यपर 15 प्रतिशत सब्सिडीभी मिलेगी। इसकेसाथ ही पहलेदो हजार चार्जिंगस्टेशन के लिए 10 लाख तक पूंजीगतिसब्सिडी भी दीजाएगी।

नई प्रभावीइलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 तैयार

प्रदेश सरकार नेपर्यावरण संरक्षण के लिएइलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) केप्रति लोगों कारुझान बढ़ाने तथानिर्माताओं कंपनियों को आकर्षितकरने के लिएराज्य सरकार नेप्रभावी नीति तैयारकी है। नईइलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 में उपभोक्ताओं, निर्माताओंतथा चार्जिंग वबैट्री स्वैपिंग सेवा प्रदाताओंसभी के हितोंका ध्यान रखागया है।

निवेश बढ़ाने भाभी ध्यान

प्रदेश में निवेशबढ़ाने के लिएईवी निर्माता कंपनियोंतथा बैट्री वसंबंधित उपकरणों के निर्माताओंके साथ उपभोक्ताओंके लिए नईनीति में 500 करोड़के बजट कीव्यवस्था भी कीगई है। वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्नाने बताया किनीति का लक्ष्य 30 हजार करोड़ रुपये कानिवेश आकर्षित करनेके साथ ही 10 लाख से अधिकलोगों के लिएरोजगार का सृजनहै।

प्रदेश में बनेईवी खरीदने परलाभ ही लाभ

प्रदेश में बनेसभी श्रेणी केईवी खरीदने परनई नीति केप्रभावी होने कीतिथि से पांचवर्षों तक उपभोक्ताओंको रोड शुल्कव पंजीकरण शुल्कनहीं देना होगा।जबकि प्रदेश मेंखरीदे व पंजीकृतसभी इलेक्ट्रिक वाहनोंपर नीति केलागू होने कीतिथि से तीनवर्षों तक रोडटैक्स व पंजीकरणशुल्क में सौप्रतिशत छूट मिलेगी।

यूपी मेंखरीदे गए ईवीको फैक्ट्री मूल्यपर 15 प्रतिशत कीसब्सिडी

प्रदेश में एकगीगावाट की न्यूनतमक्षमता वाले बैट्रीनिर्माण संयंत्र स्थापित करनेके लिए 1500 करोड़या उससे अधिकनिवेश करने वालीपहली दो अल्ट्रामेगा बैट्री परियोजनाओंके लिए अधिकतमएक हजार करोड़रुपये प्रति परियोजनाके निवेश पर 30 प्रतिशत की दरसे पूंजीगत सब्सिडी

प्रदेश में रिसर्चएंड डेवलपमेंट तथापरीक्षण सुविधाओं समेत ईवी, ईवी बैट्री, वउनसे जुड़े उपकरणोंकी एकीकृत निर्माणसुविधा स्थापित करने केलिए तीन हजारकरोड़ रुपये याउससे अधिक कानिवेश करने वालीपहली दो एकीकृतईवी परियोजनाओं कोअधिकतम एक हजाररुपये प्रति योजनाके तहत 30 प्रतिशतकी दर सेपूंजीगत सब्सिडी प्रदान कीजाएगी

500 करोड़ रुपये याउससे अधिक निवेशकरने वाली पहलीपांच मेगा ईवीपरियोजनाओं तथा तीनसौ करोड़ रुपयेया उससे अधिकनिवेश करने वालीपहली पांच मेगाईवी बैट्री परियोजनाओंको निवेश के 20 प्रतिशत की दरसे पूंजीगत सब्सिडीप्रदान की जाएगी

एमएसएमई परियोजनाओं कोप्रति परियोजना अधिकतमपांच करोड़ रुपयेतक की पूंजीगतसब्सिडी तथा वृहदपरियोजनाओं को प्रतिपरियोजना अधिकतम 90 करोड़ रुपयेतक की पंजीगृतसब्सिडी प्रदान की जाएगी

सब्सिडी के लिएदो से 20 वर्षतक की अवधितय की गईहै

ऐसे कियाजाएगा उत्पदान कोप्रोत्साहित

नई नीतिके तहत उच्चउत्पादन को प्रोत्साहितकरने के लिएपूंजीगत सब्सिडी को उत्पादनक्षमता के उपयोगके गुणक सेजोड़ा गया है।उत्पादन क्षमता का 75 प्रतिशतसे अधिक उपयोगकरने पर एकका गुणक प्रदानकिया जाएगा। जबकि 40 से 75 प्रतिशत के मध्यउत्पादन क्षमता का उपयोगकरने के लिएएक का गुणकआनुपातिक रूप सेप्रदान किया जाएगा।

स्टांप शुल्क प्रतिपूर्तिभी

नई नीतिके तहत इलेक्ट्रिकवाहन ट्रक निर्माताओंको स्टांप शुल्कप्रतिपूर्ति प्रदान की गईहै। प्रदेश मेंएकीकृत ईवी परियोजनाओंतथा अल्ट्रा मेगाबैट्री परियोजना स्थापित करनेके लिए 100 प्रतिशतकी दर सेतथा मेगा, वृहदव एमएसएमई परियाजनाओंके लिए पूर्वांचलव बुंदेलखंड में 100 प्रतिशत की दरसे स्टांप शुल्कप्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।मध्यांचल व पश्चिमांचल (गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगरको छोड़कर) में 75 प्रतिशत तथा गाजियाबादव गौतमबुद्धनगर में 50 प्रतिशत की स्टांपशुल्क प्रतिपूर्ति प्रदानकी जाएगी।

गुणवत्ता प्रमाणन शुल्ककी प्रतिपूर्ति भी

नई नीतिमें प्रति परियोजनाअधिकतम दस लाखरुपये तक गुणवत्ताप्रमाणन शुल्क की प्रतिपूर्तिकी व्यवस्था भीकी गई है।पेटेंट पंजीकरण शुल्क कीप्रतिपूर्ति की व्यवस्थाके तहत घरेलूपेटेंट प्राप्त करने केलिए प्रति परियोजनाअधिकतम 50 हजार रुपयेतथा अंतरराष्ट्रीय पेटेंटप्राप्त करने केलिए प्रति परियोजनाअधिकतम दो लाखरुपये का प्रोत्साहनप्रदान किया गयाहै। इसके अलावाएक वर्ष मेंअधिकतम पहले 50 कर्मचारियों कोप्रति कर्मचारी पांचहजार रुपये प्रतिवर्ष कौशल विकाससब्सिडी के रूपमें वजीफा प्रदानकिया जाएगा।

उत्कृष्टता केंद्र स्थापितकरने पर भीमिलेगी छूट

ईवी सेक्टरमें सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमोंया निजी कंपनियोंके उत्कृष्टता केन्द्र (सेंटर आफ एक्सीलेंस) स्थापित करने केलिए अधिकतम पांचपरियोजनाओं को 50 प्रतिशत अनुदानके रूप मेंहर परियोजना कोअधिकतम दस करोड़रुपये प्रदान कियाजाएगा।

पूंजीगत सब्सिडी

प्रदेश में चार्जिंगव बैट्री स्वैपिंगसुविधाओं को विकसितकरने के लिएवाले सेवा प्रदाताओंको अधिकतम दोहजार चार्जिंग स्टेशनोंके लिए प्रतिपरियोजना 10 लाख रुपयेतक तथा अधिकतमएक हजार स्वैपिंगस्टेशनों के लिएपांच लाख रुपयेतक पूंजीगत सब्सिडीप्रदान की जाएगी।

पट्टे पर सरकारीभूमि

राज्य सरकार सार्वजनिकचार्जिंग के बुनियादीढांचे की स्थापनाके लिए एकरुपये प्रति किलोवाट आवर कीदर से मामूलीराजस्व बंटवारे के माडलपर दस वर्षके लिए पट्टेपर सरकारी भूमिउपलब्ध कराई जाएगी।

इतने वाहनोंपर मिलेगी 15 प्रतिशतसब्सिडी

  • प्रदेश में खरीदेगए पहले दोलाख दो पहियाईवी पर पांचहजार रुपये प्रतिवाहन तक सब्सिडी

  • पहले 50 हजार तीनपहिया ईवी परप्रति वाहन अधिकतम 12 हजार रुपये तक सब्सिडी

  • पहले 25 हजार चारपहिया ईवी परप्रति वाहन एकलाख रुपये तकसब्सिडी

  • पहली चारसौ ई-बस (गैर सरकारी) पर 20 लाख रुपये तक सब्सिडी

पहले एकहजार इलेक्ट्रिक गुड्सकैरियर्स पर प्रतिवाहन एक लाखरुपये तक फैक्ट्रीमूल्य पर 10 प्रतिशतसब्सिडी

प्रदेश की योगीआदित्यनाथ सरकार की पर्यावरणके प्रति बेहदगंभीर होने कीइस योजना कोशीघ्र ही मूर्तरूप प्रदान करदिया जाएगा।

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