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1 अक्टूबर से शुरू हो रही यूपी में धान की सरकारी खरीद


लखनऊ, 25 सितंबर 2023 : उत्तर प्रदेश में किसानों की धान समेत मक्का, बाजरा, ज्वार की फसल पककर तैयार होने लगी है। अब किसानों को इसे मंडी तक पहुंचाने की जुगत में लगेंगे। ऐसे में किसानों को यह जानना जरूरी है कि मंडी में उनकी फसल कैसे पहुंचे और इसके लिए जरूरी नियम क्या हैं, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके।

चलिए जानते हैं कि फसल बेचने से से पहले कौन-कौन सा जरूरी काम करना है, जिससे किसानों को एमएसपी का लाभ मिले। बता दें कि योगी सरकार के अनुसार, धान की सरकारी खरीद केवल ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिसके लिए किसानों को अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। अन्यथा, धान बेचने पर मिलने वाला समर्थन मूल्य यानी कि एमएसपी का लाभ किसानों को नहीं मिल पाएगा।

किसानों को फसल का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए सबसे पहले पंजीकरण फार्म भरना होगा।

किसान रजिस्ट्रेशन करवाते समय यह भी जानकारी देनी होगी कि फसल कितनी जमीन पर बोई गई थी। धान के अलावा, दूसरी फसलों के रकबे की भी जानकारी देनी होगी।

भूमि विवरण के साथ खतौनी/खाता संख्या, प्लाट/खसरा संख्या, भूमि का रकबा (हेक्टेयर में) एवं फसल (धान/अन्य) का रकबा (हेक्टेयर में) भरना जरूरी है।

आधार कार्ड व राजस्व अभिलेखों की सही जानकारी दर्ज करवानी होगी।

रजिस्ट्रेशन करवाते समय किसान को परिवार के एक अन्य सदस्य की जानकारी देनी होगी, जिससे किसान की गैरमौजूदगी क्रय केंद्र पर फसल बेच सकें।

रजिस्ट्रेशन के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर नोट करना जरूरी और ड्राफ्ट आवेदन पत्र भी प्रिंट करवा लें।

रजिस्ट्रेशन के समय अगर कोई गलत जानकारी भरी गई हाे तो आधार नंबर अथवा रजिस्ट्रेशन नंबर देकर इसे सही कराया जा सकता है।

इसके बाद रजिस्ट्रेशन लॉक करना होगा, जिसे मोबाइल ओटापी के माध्यम से पूरा किया जाएगा। ध्यान रहे कि एक बार रजिस्ट्रेशन लॉक होने पर किसी भी तरीके का संशोधन नहीं किया जा सकता, इसलिए जो भी जानकारी भरें, उसे ठीक प्रकार से जांच परख लें।

रजिस्ट्रेशन लॉक होने के बाद फाइनल प्रिंट जरूर निकलवा लें।

किसान अपना आधार संख्या, आधार कार्ड में अंकित अपना नाम, लिंग सही-सही अंकित करें। किसानों को विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे खरीद, भुगतान आदि मोबाइल नम्बर पर ही प्राप्त होगा, इसलिए मोबाइल नंबर सही से भरें।

किसानों को उनकी फसल का एमएसपी भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा, इसलिए बैंक खाते को आधार से लिंक करवायें।

बैंक खाते में धान की बिक्री से मिलने वाले मूल्य जितनी रकम जमा करने की लिमिट होनी चाहिए।

धान विक्रय के समय पंजीयन प्रपत्र के साथ आधार कार्ड एवं खतौनी की छायाप्रति साथ होनी चाहिए। धान विक्रय के बाद केन्द्र प्रभारी से पावती पत्र अवश्य प्राप्त कर लें।

यूपी में धान खरीद कब शुरू होगी?

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के दौरान हरदोई, लखीमपुर, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी में धान क्रय की अवधि एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक होगी। वहीं, लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, चित्रकूट, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर एवं प्रयागराज मंडल में एक नवंबर से 29 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी।

70 लाख टन धान की होगी खरीद

चालू वित्तीय वर्ष में खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, मंडी परिषद, यूपीएसएम और भारतीय खाद्य निगम की छह क्रय एजेंसियों के चार हजार क्रय केंद्रों के माध्यम से 70 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया है।

यूपी में धान पर कितनी एमएसपी मिलेगी?

योगी कैबिनेट की बैठक में यह तय गया है कि सामान्य धान की खरीद 2183 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और ग्रेड ए धान पर 2203 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी दिया जाएगा।

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