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दिल्ली में योगी सरकार का बड़ा एक्शन – खदेड़े गए रोहिंग्या, ध्वस्त की गई कॉलोनी



भारत में रोहिंग्या मुसलमान ना सिर्फ घुसपैठिए हैं बल्कि जगह जगह उत्पात मचाना अब इनकी फितरत बनती जा रही है। अवैध बिजली कनेक्शन, लूटमार, चोरी-डकैती, सरकारी संपत्तियों पर कब्जा, अराजकता,कत्लोगारद रोहिंग्या मुसलमानों की विश्वव्यापी पहचान है। शांति प्रिय बौद्ध देश म्यामांर ने भयंकर नरसंहार के बाद इन्हें खदेड़ा गया तो ये बांग्लादेश होते हुए भारत में घुस आए। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना से लेकर जम्मू कश्मीर, देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश हर जगह इन्होंने अपनी बस्तियां बसा ली हैं।


भारत में पैदा हुआ, पला बढ़ा मुसलमान हमेशा शक के दायरे में होता है क्योंकि उसे लिए भारत से पहले इस्लाम की चिंता होती है और किसी भी तरह अपना संख्याबल बढ़ाना उसकी प्रथम प्राथमिकता है। इसलिए सांसद ओवैसी से लेकर केजरीवाल तक और ममता से लेकर ठाकरे तक रोहिंग्याओं के मामले में हर उस अनैतिक काम से मुंह मोड़े हुए हैं जो भारत की सुरक्षा के लिए घातक है।


संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक रोहिंग्याओं को लेकर अपनी चिंता देश के सामने जाहिर कर चुका है। इन्हें भारत से खदेड़ने के स्पष्ट आदेश हैं। बावजूद इसके अलग अलग राज्यों में ना सिर्फ इनके जाली दस्तावेज बने हैं बल्कि ये सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करके अपनी बस्तियां बसा रहे हैं।



उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की काफी बड़ी जमीन उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे दिल्ली प्रदेश में भी आती है। यहां पर करीब 2 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर रोहिंग्याओं ने अपनी बस्ती बसा ली। इस जमीन की कीमत 150 करोड़ रुपए से ज्यादा है।


उत्तर प्रदेश की योगी सरकार रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर ना सिर्फ सतर्क है बल्कि अवैध रुप से रह रहे रोहिंग्याओं की अक्सर गिरफ्तारियां भी होती रहती हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर भी योगी सरकार बेहद सख्त है।


प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिल्ली के मदनपुर खादर में उत्तर प्रदेश की सिंचाईं विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन पर बने रोहिंग्या कैंप तोड़कर उसको खाली करा लिया है। इस जमीन की कीमत 150 करोड़ रुपया है।


दिल्‍ली के मदनपुर खादर श्मशान घाट के सामने रोहिंग्या मुसलमान लंबे समय से अवैध रूप से रह रहे थे। रोहिंग्या मुसलमानों ने यूपी सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध बस्ती बसा रखी थी। बाकायदा दिल्ली से यहां सभी सरकारी सुविधाएं दी जा रही थी। लॉकडाउन में इन कैंपों में दिल्ली सरकार और ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान की ओर से राशन सामग्री भी मुहैया करवाई जा रही थी। इससे पहले खुद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि रोहिंग्या मुसलमान भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, और इन्हें सरकार देश से बाहर करना चाहती है।


आरडब्ल्यूए दिल्ली पुलिस से रोहिंग्या मुसलमानों की अवैध बस्ती को हटाने के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दिल्‍ली के मदनपुर खादर श्मशान घाट के सामने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है।



योगी आदित्यनाथ सरकार में जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी अपनी सरकार के इस एक्शन का वीडियो ट्वीट किया है। मंत्री ने लिखा, दिल्ली में फिर से चला योगी का बुलडोजर, योगी सरकार की दिल्ली में बड़ी कार्रवाई। जानकारी के मुताबिक, आने वाले वक्त में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शीघ्र ही और बड़े एक्शन लिए जाएंगे।


मदनपुर खादर में सुबह 4 बजे ही कार्यवाही कर सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे से रोहंगिया कैम्पों को हटाया गया एवं अवैध कब्जे तोड़े गए।


दिल्ली में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओखला, जसोला, मदनपुर खादर, आली, सैदाबाद, जैतपुर, मोलरवंद व खुरेजी खास में जमीनें हैं।



इसमें कोई दोराय नहीं है कि रोहिंग्या देश और समाज के लिए खतरा है। भारत में रहने वाले मुसलमान अगर इनका समर्थन करते हैं या इनके लिए आवाज उठाते हैं तो ये भारत के साथ देशद्रोह की श्रेणी में ही आएगा। रोहिंग्या स्वभाव से आतंकी हैं। ये हर वो गतिविधि करते हैं जिसकी इजाजत कानून नहीं देता। दिल्ली का विधायक अमानतुल्लाह हो या सांसद ओवैसी इन सबका एजेंडा देश के सामने स्पष्ट है। भारत में मुसलमानों की बढ़ती संख्या के सहारे ये संवैधानिक चोला पहनकर वही कर रहे हैं जो किसी समय मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था।


अक्सर इनके बयानों से देश की एकता अखंडता को चोट पहुंचती है। अमानतुल्लाह का नाम तो दिल्ली दंगों में भी आ चुका है। रोहिंग्या और अवैध रुप से भारत में घुसे बांग्लादेशियों मुसलमानों के लिए ही सीएए-एनआरसी का विरोध हुआ। भारत में रहने वाले मुसलमानों को विदेशी फंडिंग के आधार पर दिहाड़ी मजदूर की तरह धरने प्रदर्शन में इस्तेमाल किया गया। अब स्थिति ये है कि इन्हीं रोहिंग्या मुसलमानों के सहारे देश विरोधी कई आंदोलनजीवी हिंसक वारदातें करा रहे हैं। फिर चाहें वो सीएए-एनआरसी के विरोध में लखनऊ में हुई हिंसा और आगजनी हो या गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन के नाम पर हुई अराजकता।


दिल्ली में योगी सरकार ने जिस तरह बुलडोजर चला कर रोहिंग्याओं और दिल्ली सरकार के इरादों को नेस्तनाबूद किया है वो सबक है उन सभी राज्य सरकारों के लिए जिनकी नाक के नीचे भारत विरोधियों को पनपने का मौका दिया जा रहा है।


टीम स्टेट टुडे


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