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क्या योगी सरकार के संभावित एक्शन से घबराए टिकैत ने जानकर खेला भावुक आंसुओं का खेल ?



क्यों पड़े अकेले टिकैत


दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के ज्यादातर तथाकथित नेताओं का ठिकाना पंजाब, दिल्ली या देश के अन्य राज्य थे। उत्तर प्रदेश से राकेश टिकैत, वीएन सिंह और भानू प्रताप सिंह आंदोलन का चेहरा बने हुए थे। जिसमें गणतंत्र दिवस की हिंसा और उपद्रव के बाद वीएन सिंह और भानू प्रताप सिंह ने आंदोलन समाप्ति की घोषणा करते हुए सरक लेने में भी अपनी भलाई समझी। फंस गए टिकैत। राकेश टिकैत को भी उत्तर प्रदेश ही लौटना है। मुजफ्फरनगर उनका गृहजनपद है। प्रदेश में योगी की सरकार है। सीएए एनआरसी आंदोलन के उपद्रवियों का हश्र योगी सरकार ने क्या किया सबको पता है। अब ऐसे में राकेश टिकैत की बिसात क्या।

शायद इसी डर से राकेश टिकैत ने आंदोलनस्थल पर आसूं बहा कर भावनात्मक कार्ड खेला है। ताकि कुछ तो समर्थक डटे रहें दूसरा छावनी बन चुके यूपी गेट से निकलने से पहले कुछ सरकार के साथ सेफ पैसेज मिल जाए तो बेहतर।

भविष्य में योगी सरकार की तरफ से अपने ऊपर होने वाली कार्रवाई से घबराए राकेश टिकैत और उनके भाई नरेश टिकैत ने अपनी सल्तनत को बचाने का आखिरी दांव चल दिया है। फिलहाल गाजियाबाद जिला प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट से धरना स्थल खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। हाइवे खाली करने के नोटिस मिलने के बाद भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरना स्थल से हटने से इनकार कर दिया है। राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा कि कुछ लोग प्रशासन के साथ मिलकर साजिश कर रहे हैं। अब किसी भी हालत में ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा।


गुरुवार शाम को जिलाधिकारी अजयशंकर पांडेय ने राकेश टिकैत व अन्य किसान नेताओं को नोटिस जारी कर हाईवे खाली करने को कहा था। इसके बाद राकेश टिकैत गिरफ्तारी देने को तैयार थे। हालांकि एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह उनसे बात करने मंच पर पहुंचे ही थे कि राकेश टिकैत को पता चला कि आंदोलन स्थल से कुछ दूरी पर भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी कर रहे हैं। इसके बाद टिकैत ने गिरफ्तारी देने से इनकार कर दिया और अनशन पर बैठ गए।


जारी है संदिग्धों की धरपकड़


यूपी गेट पर मंच के पास पहुंचे एक संदिग्ध को प्रदर्शनकारियों ने पकड़ा है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है। वह अपना नाम देवेंद्र प्रताप सिंह बताया है। अक्षरधाम के पास दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त किया है। थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। वह मीडियाकर्मियों से बदसलूकी कर रहा था।



यूपी गेट पर धारा-144 लागू


यूपी गेट पर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है। कानून व्यवस्था खराब न हो इसके लिए गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की तरफ से अल्टीमेटम के बाद कुछ लोग वहां से जाने लगे। ट्रैक्टर से जाने वाले लोगों ने कहा कि अब वे अपने गृह जिले से आंदोलन करेंगे। धरना स्थल पर अब वहां पर काफी कम संख्या में लोग हैं।


देशद्रोही और खालिस्तानी गो बैक के नारे लगे


यूपी गेट पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब स्थानीय लोग खुलकर सामने आ गए हैं। कौशम्बी और वैशाली से आए लोगों ने खालिस्तानी गो बैक के नारे लगाए। इसके अलावा देशद्रोही वापस जाओ के भी नारे लगाए गए। इस दौरान यहां मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि अगर शुक्रवार सुबह तक यहां से इन्हें नहीं हटाया जाता तो हजारों की संख्या में पहुंचकर इन्हें हटाएंगे।


बिजली, पानी व शौचालय हटाकर मूलभूत सुविधाएं बंद


कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर 28 नवंबर 2020 से चल रहे किसान आंदोलन में 27 जनवरी को बिजली काट दी गई और गुरुवार सुबह पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। इसके अलावा निगम की ओर से आंदोलन स्थल पर लगाए गए शौचालय को प्रशासन की ओर से हटा लिया गया। इससे साफ जाहिर था कि अब शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस-प्रशासन आंदोलन को ज्यादा टिकने नहीं देंगे। बिजली, पानी व शौचालय की सुविधा न मिलने से दिन भर आंदोलनरत किसान परेशान रहे।


छावनी में तब्दील हुआ धरना स्थल


धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। लिंक रोड पर तैनात सुरक्षा बल मुस्तैदी से तैनात हैं। वहीं यूपी गेट पर कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर घूमते देखे गए। पुलिस की इन पर तीखी नजर है। प्रदर्शनकारियों को अंदेशा है कि रात में धरना स्थल खाली कराया जा सकता है। इसलिए उपद्रव के लिए लाठी डंडे साथ में लिए हैं।


गाजीपुर बॉर्डर पर डटे आंदोलनकारियों पर पुलिस एक्शन की तैयारी में दिखाई दे रही है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए। टिकैत पुलिस-प्रशासन पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाते हुए रो पड़े. जिसको लेकर मुजफ्फरनगर में उनके समर्थकों में नाराजगी है। उनके बड़े भाई नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में उनके समर्थकों में नाराजगी है. उनके बड़े भाई नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में महापंचायत बुलाई है। किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थक बड़ी संख्या में सिसौली गांव स्थित उनके घर पहुंच गए हैं। यहां उनके समर्थन में नारेबाजी की जा रही है। ये समर्थक टिकैत के भावुक होने पर गुस्से में हैं। यहां किसान नेता नरेश टिकैत ने पंचायत को संबोधित किया। पंचायत के बाद नरेश टिकैत ने ऐलान किया है कि कल सुबह 11 बजे तक मुज़फ्फरनगर सिटी के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाई जाएगी। यहां बड़ी तादाद में किसान जमा होंगे। इस पंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी. कहा जा रहा कि कल कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। बलियान खाप पश्चिम यूपी में जाटों की सबसे बड़ी खाप पंचायत है और उसके अध्यक्ष भी नरेश टिकैत ही हैं।


ऐसा लगता है कि टिकैत परिवार को ये समझ आ गया है कि किसानों के नाम पर राजनीति करते हुए जो अकूत धन दौलत और कारोबार व्यापार खड़ा किया गया है अब उसका हिसाब किताब योगी सरकार को देना होगा और नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी सो अलग।


टीम स्टेट टुडे