google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
 

लोकसभा अध्यक्ष ने विधानभवन में किया ई-विधान प्रणाली का उद्घाटन


लखनऊ, 20 मई 2022 : उत्तर प्रदेश में विधानमंडल की कार्यवाही आज से पेपरलेस होगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस कार्य को भी मिशन के रूप में लिया और इस बार विधानमंडल का बजट सत्र ई-विधान प्रणाली से होगा। आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विधान भवन पहुंच ई-विधान प्रणाली का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में मौजूद रहे।

उन्‍होंने ई-विधान प्रणाली के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों से कहा कि विधानमंडल का मूल काम कानून बनाना है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कानून बनाने में विधानमंडल सदनों में चर्चा और संवाद में कमी आ रही है। उन्होंने विधानसभा सदस्यों को सलाह दी कि कानून बनाते समय सदन में व्यापक चर्चा और संवाद तो करें ही लेकिन इससे पहले जनता से भी व्यापक और विस्तृत संवाद करें। जितना सार्थक संवाद होगा, सरकार को भी उतनी मदद मिलेगी और जनता का भी कल्याण होगा।

ओम बिरला शुक्रवार को 18वीं विधानसभा के सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम और ई - विधान व्यवस्था के शुभारंभ समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई की नारेबाजी, हंगामे के कारण सदनों की गरिमा दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है। कहा कि सदनों की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी सदस्यों पर है। सदस्यों के आचरण, व्यवहार के आधार पर सदन की गरिमा और मर्यादा तय होती है। देश के बड़े नेता विधान मंडलों से निकले हैं और वे तर्कों के जरिये ही अपनी बात रखते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से 25 करोड़ जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। विधानसभा में ई-विधान लागू किए जाने के संदर्भ में उन्होंने सरकार के मंत्रियों और विधानसभा सदस्यों से पूर्ण मनोयोग से इसका प्रशिक्षण लेने और तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने का सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि हम तकनीक से भागे नहीं, उसे अंगीकार करें लेकिन उसके पिछलग्गू भी न बनें। जनप्रतिनिधि के रूप में फील्ड में जाकर जनता से संवाद करना हमारा प्रथम कर्तव्य है।

यदि हम लोगों से वर्चुअली जुड़ने लगेंगे तो चुनाव के समय जनता कहेगी कि हम आपको वर्चुअली वोट भी देंगे। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी का सरकार के कामकाज में जितना इस्तेमाल होगा काम में उतनी आसानी होगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, भ्रष्टाचार भी दूर होगा। जनता को भी इसका लाभ मिलेगा। हमारी सरकार ने जब डायल 100 कार्यक्रम शुरू किया था तो उसका भी बहुत विरोध हुआ था लेकिन इन विरोधों को दरकिनार करते हुए हमने तकनीक पर आधारित इस व्यवस्था को लागू किया। मुझे गर्व है कि आज यह देश की सबसे बेहतरीन व्यवस्था है।

बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार सुबह लखनऊ पहुंचे। चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अमौसी पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने उनका स्वागत किया। विधानसभा में आज से ई- विधान प्रणाली आरम्भ होगी।

उत्तर प्रदेश में अठारहवीं विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को सदन की कार्यवाही, नियमों और परंपराओं के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा मंडप में शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बतौर मुख्य अतिथि इसका शुभारंभ किया, जबकि शनिवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का उद्बोधन होगा। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विपक्ष के दिग्गज और पूर्व जनप्रतिनिधि भी विधायकों को सदन की कार्यवाही, संसदीय परंपराओं आदि का पाठ पढ़ाएंगे।

2 views0 comments
 
google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0