विलुप्त हो रही पारंपरिक लोक विधाओं पर हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम



तराई खादी ग्रामोद्योग संस्थान लखनऊ द्वारा कल्चर फंक्शन एवं प्रोडक्शन ग्रांट स्कीम के तहत न्यू पब्लिक एकेडमी इंटर कॉलेज कल्याणपुर लखनऊ में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से विलुप्त हो रही पारंपरिक लोक विधाओं पर आधारित तीन दिवसीय सेमिनार एवं नृत्य उत्सव के अंतर्गत भव्य पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया गया।



कार्यक्रम का शुभारंभ दीपा नागरकोटी के निर्देशन में मां सुनंदा की वंदना और नंदा सुनंदा तू दैणी है जैये से हुई। जिसमें दीपा नागरकोटी, नंदिता सिंह, मोनिका सिंह, ईशा बोरा, निशा बोरा ने नृत्य किया।



उसके उपरांत निधि तिवारी के निर्देशन में रासलीला नृत्य, अवधि नृत्य, मयूर नृत्य, फूलों की होली, चारकुला का सुंदर प्रदर्शन हुआ। जिसमें अंशिका शर्मा, वंशिका शर्मा, पंकज श्रीवास्तव, वर्षा श्रीवास्तव, अंशु लोधी ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया।



ज्योति पांडे के निर्देशन में अवधी नृत्य सैया मिले लरकईंया मैं क्या करूं तथा अंगना में कुइयां में क्या करूं, काहे करे तू गुमान गोरी सावन में नाजुक नरम कलाई, श्याम बंसी बजाते हो क्या मुझे बुलाते हो क्या, के बाद एकल गायन के रूप में भातखंडे की शिक्षिका गरिमा श्रीवास्तव द्वारा काहे करे लू गुमान गोरी सावन में सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।



एकल नृत्य की प्रस्तुति में आद्या बिष्ट द्वारा भगवान शिव के सावन में मनमोहक रूप का एक उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।



वहीं तान्या मेहरा ने उत्तराखंड के लोक नृत्य की प्रस्तुति से माहौल को उत्तराखंडी रंग में रंग दिया।



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लक्ष्मण सिंह (उप सचिव,आयुष, उत्तर प्रदेश शासन) तथा विशिष्ट अतिथि श्री रघुवर दयाल शुक्ला (वरिष्ठ समाजसेवी), अंकुर उपाध्याय (प्रबंधक न्यू पब्लिक एकेडमी इंटर कॉलेज) तथा राहुल उपाध्याय (निदेशक न्यू पब्लिक एकेडमी इंटर कॉलेज) द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कोविड-19 के सभी नियमों का भी ध्यान रखते हुए सभी से कोविड-19 के नियमों का पालन करने का अनुरोध किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर संस्था के सचिव अखिलेश चंद्र तिवारी द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और पुष्प गुच्छ भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन चंदन सिंह मेहरा ने किया।



कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी रमेश चंद्र रेखाड़ी, लखनऊ भातखंडे की शिक्षिका गरिमा श्रीवास्तव, लोक कलाकार रश्मि रावत, भूतपूर्व सेनानी रतन सिंह रावत, समाजसेवी विनीता प्रसाद, प्रमिला श्रीवास्तव, नृत्यगुरु निधि तिवारी, संजीव श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।



इस अवसर पर मुख्य अतिथि लक्ष्मण सिंह द्वारा कहा गया कि समाज में जन चेतना लाने और लोक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। मैं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और तराई खादी ग्रामोद्योग संस्थान को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देता हूं।



कार्यक्रम में साहित्यकार के.एन.चंदोला, फिटनेस ट्रेनर रजा आबदी, आ.जे. तरुन, राहुल बोरा, राधा बोरा, रूपा रावत, भूपाल सिंह बिष्ट, मीना बिष्ट, सुष्मिता बिष्ट, वीरपाल, संजीव तिवारी, संजीव श्रीवास्तव, जिया उमर, डॉक्टर सत्य प्रकाश सिंह, जगदीश रावत, अरु भट्ट, ज्योति मिश्रा समेत कई वरिष्ठ समाजसेवी व कला प्रेमी उपस्थित रहे।


टीम स्टेट टुडे


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