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जनरल बिपिन रावत का वो मिशन जो पूरा करेंगे अगले सीडीएस, चीन और पाकिस्तान से निपटने का पूरा इंतजाम



देश के वास्तविक नायक की अंतिम विदाई में पूरा भारत उमड़ पड़ा। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के दिल्ली आवास 3 कामराज मार्ग से जब बरार स्क्वायर जाने के लिए अंतिम यात्रा शुरु हुई तो करीब दस किलोमीटर लंबे रास्ते पर लोग जहां थे वहीं खड़े हो गए। गर्व के साथ देशवासियों ने अपने असली हीरो को विदाई दी। सेना की परंपराओं के साथ साथ देश के सेनापति की अंतिम यात्रा में नौजवान हाथों में तिरंगा लेकर पूरे रास्ते दौड़ते रहे, दिल्ली का ट्रैफिक थम गया, फ्लाईओवर के ऊपर और सड़क के दोनों तरफ खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा की।

दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अंतिम यात्रा में जिस तरह आम भारतीय ने सम्मान दिया वो ना सिर्फ पूरे देश को भावुक कर गया बल्कि भारतीय सेना के सभी अंगो के सभी जवानों और अधिकारियों को भी भाव विव्हल कर गया।



अब भारतीय वायुसेना ने तमिलनाडु में कुन्नूर के पास बुधवार को हुई हेलीकाप्टर दुर्घटना के बारे में लोगों से अटकलबाजी से बचने का आह्वान किया। इस हादसे में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की मृत्यु हो गई थी। इस मामले की छानबीन शुरू हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में कहा था कि इस दुर्घटना की ट्राई-सर्विस जांच के आदेश दे दिए गए हैं और एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह इसकी अगुआई कर रहे हैं।


वायुसेना ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'जांच जल्द से जल्द पूरी की जाएगी और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। तब तक दिवंगतों की गरिमा का सम्मान करें और अटकलबाजी से बचें।' वायुसेना का यह बयान हेलीकाप्टर दुर्घटना के कारणों को लेकर कुछ वर्गों द्वारा लगाई जा रहीं अटकलों के मद्देनजर आया है जिनमें तोड़फोड़ की आशंका भी जताई जा रही है।



लोगों के मन में दुर्घटना को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं वो तो हैं ही इसके साथ साथ सीडीएस जनरल रावत के काम को लेकर भी लोगों के मन में कौतुहल है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर भारतीय सेना की एकीकृत कमान का मतलब क्या है। जनरल रावत किस तरह सेना के तीनों अंगो के बीच समन्वय बना रहे थे और अब आगे इस काम को कैसे पूरा किया जाएगा। ऐसे हर सवाल का जवाब दिया है विंग कमांडर सुभाष चंद्रा ने। पूरी बातचीत सुनने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए



भारतीय सेना का सर्वोच्च अधिकारी एक हादसे का शिकार हुआ और दुनिया से अचानक चला गया। चीन और पाकिस्तान, भारत के ना सिर्फ परंपरागत दुश्मन हैं बल्कि भारत पर आक्रमण और नुकसान पहुंचाने का कोई मौका दोनों देश छोड़ना नहीं चाहते। ऐसे में देश के सेनापति का अचानक निधन अक्सर दुश्मनों को बड़े मौके की तरह लग सकता है। क्या चीन औऱ पाकिस्तान कोई हरकत करेंगे और अगर करेंगे तो उसका जवाब किस तरह दिया जाएगा इस पूरी प्रक्रिया की नींव सीडीएस जनरल बिपिन रावत रख गए हैं। भारत ना सिर्फ पूरी तरह सुरक्षित है बल्कि वर्तमान सरकार की दूरदृष्टि और एक साहसिक निर्णय के चलते भविष्य की जंग के लिए भी तैयार है। दिवंगत सीडीएस बिपिन रावत चीन और पाकिस्तान के इलाज का पूरा इंतजाम कर गए हैं। ये कहना है मेजर जनरल ए.के. चतुर्वेदी का। पूरी बातचीत सुने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए



इस बीच सरकार ने जनरल बिपिन रावत की जगह देश के नए चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति प्रकिया शुरू कर है। सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने अंदरूनी सलाह मशविरे के साथ इस दिशा में शुक्रवार को अनिवार्य कागजी प्रकिया की पहल को आगे बढ़ा दिया। इस प्रक्रिया के अगले चरण में नए सीडीएस के लिए संभावित नामों का पैनल तैयार किए जाने के संकेत हैं।


समझा जाता है कि संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति नए सीडीएस के चयन पर अंतिम फैसला करेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों सेनाओं के प्रमुखों में से ही नया सीडीएस चुना जाएगा या हाल में रिटायर हुए किसी सैन्य प्रमुख को जनरल रावत का उत्तराधिकारी बनाया जाएगा। लेकिन तीनों सेनाओं के बीच गहरे समन्वय के लिए सीडीएस के अधीन जिस तरह सरकार ने अलग से मिलिट्री अफेयर्स का विभाग बनाया है उसे देखते हुए रिटायर सैन्य प्रमुख को यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना कम ही नजर आ रही है। सीडीएस ही इस नवगठित मिलिट्री अफेयर्स विभाग के सचिव भी होते हैं।


टीम स्टेट टुडे

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