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मंदिरों को अपवित्र करने वाले रहीम और तौफीक क्यों घबराए नवाज़ की मौत से!



कर्नाटक के मंगलुरु में दो व्यक्तियों को एक मंदिर के दान पात्र में आपत्तिजनक वस्तुएं गिराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


यह मंदिर स्थानीय मंगलुरु देवता भगवान कोरगाजा का है जिन्हें भगवान शिव के अवतार के रूप में देखा जाता है।


आरोपियों की पहचान जोकत्ते के निवासी अब्दुल रहीम और तौफीक के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों ने मंदिर के पुजारी के समक्ष अपना अपराध कबूल कर लिया और खुद को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।


कर्नाटक के मंगलुरू में स्वामी कोरगज्जा को लेकर स्थानीयों के मन में असीम आस्था है। पिछले दिनों कोरगज्जा के मंदिर में कई अभद्र घटनाएँ हुईं। मंदिर की दानपेटी में कंडोम तक डाल दिया गया।



ऐसे घृणित वाकये के बावजूद पुलिस आरोपितों को ढूँढने में असमर्थ थी। निराश श्रद्धालु लगातार कोरगज्जा भगवान से ऐसे विधर्मियों को सजा देने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। कुछ दिन पहले भगवान ने अपने श्रद्धालुओं की सुनी और ऐसी स्थिति पैदा हो गई कि विधर्मियों ने स्वयं मंदिर आकर सरेंडर कर दिया।


ये बिलकुल वास्तविक घटना है। इसी साल जनवरी में मंदिर की दानपेटी से एक कंडोम निकला था, जिसके बाद से वहाँ हड़कंप था। लेकिन तीन दिन पहले अचानक दूसरे समुदाय के दो लड़के मंदिर में आए और पुजारी के सामने माफी के लिए गिड़गिड़ाने लगे।


उन दोनों ने पुजारी को बताया कि अपने साथी नवाज के साथ मिल कर उन्होंने ही कुछ दिन पहले मंदिर की दानपेटी में कंडोम डाला था।



खून की उल्टियां करते मरा नवाज़


नवाज माफी माँगने के लिए जिंदा नहीं था। दानपेटी में कंडोम डालने के बाद उसे एक दिन खून की उल्टियाँ हुईं और फिर पेचिश से उसके मल से खून निकला। अंत में वह अपने घर की दीवारों पर सिर मारते हुए मर गया। मरते समय उसने उन्हें बताया कि कोरगज्जा उन सब पर नाराज हैं।


अब सिर्फ़ वही दोनों यानी अब्दुल रहीम और अब्दुल तौफीक ही जिंदा हैं। लेकिन वक्त बीतने के साथ रहीम को भी खून की उल्टियाँ शुरू हो गई हैं। बिलकुल वैसे ही जैसे नवाज को हुई थी। उसके बाद दोनों अपनी जान जाने के डर से घबराकर पुजारी की शरण में जाकर माफी की भीख माँग करने लगे।



रहीम और तौफीक हिरासत में


पुलिस ने तौफीक और रहीम को हिरासत में ले लिया है। दोनों अब भी डरे हुए हैं। आरोपितों के जुर्म कबूलने के बाद सबूत जुटाने की कोशिश हो रही है। जाँच चल रही है। अभी तक की जाँच में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने 3 जगह ऐसा किया था। पुलिस आयुक्त ने कहा हमें रजिस्टर्ड रिपोर्ट की भी अच्छे से जांच करनी होगी, दोनों आरोपियों ने स्वेच्छा से पुजारी से कबूल करने के लिए संपर्क किया, ” आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना के सबूत और सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करना शुरू कर दिया है।


टीम स्टेट टुडे


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