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अब गोआश्रय पोर्टल से होगी गोवंश की आनलाइन निगरानी, पशुधन मंत्री ने किया शुभारंभ


लखनऊ, 29 सितंबर 2022 : गोआश्रय में रहनेवाले गोवंश कीअब आनलाइन मानीटरिंगभी हो सकेगी।पशुधन व दुग्धविकास मंत्री धर्मपालसिंह ने गुरुवारको गोआश्रय पोर्टलतथा गोआश्रय मोबाइलएप का शुभारंभकिया। इनके जरिएअब गोआश्रय कीसभी व्यवस्थाओं वकठिनाइयों का आनलाइनमूल्यांकन संभव होगा।मंत्री ने सार्वजनिकवित्तय प्रबंधन प्रणाली केमाध्यम से 56 जिलों मेंगोवंश के भरण-पोषण सेसंबंधित 34.21 करोड़ रुपये कीधनराशि का भुगतानभी किया।

दो रुपयेकिलो गाय कागोबर खरीदेगी सरकार

पशुधन व दुग्धविकास मंत्री धर्मपालसिंह ने लोगोंको दीपावली परघरों में गायके गोबर सेबने दीये प्रज्जवलितकरने के लिएप्रोत्साहित किया। अयोध्या मेंदीपोत्सव पर गायके गोबर सेबने एक लाखदीपक जलाए जाएंगे।उन्होंने कहा किसरकार जल्द पशुपालकोंसे दो रुपयेप्रति किलो कीदर से गायका गोबर खरीदेगी।उन्होंने पशुधन के अलावाअल्पसंख्यक कल्याण, राजनैतिक पेंशनतथा नागरिक सुरक्षाविभाग की छहमाह के कार्यकालकी उपलब्धियां भीगिनाईं।

6384 गोआश्रय स्थलों परनौ लाख गोवंशसंरक्षित

मंत्री धर्मपाल सिंहने बताया किप्रदेश में 78695 निराश्रित गोवंशको संरक्षित कियाजा चुका है।गोवंश की सुरक्षासरकार की प्राथमिकताहै। इसके तहत 6384 गोआश्रय स्थलों पर लगभगनौ लाख गोवंशको संरक्षित किएजाने के साथही 1.47 लाख गोवंशको किसानों कीसुपुर्दगी में दियागया है। लंपीरोग से बचावके लिए 5678400 गोवंशका टीकाकरण कियाजा चुका है।इसके लिए 2055 टीमेंलगातार काम कररही हैं। दुग्धविकास के लिएदो सौ समितियोंका गठन तथातीन सौ समितियोंका पुनर्गठन भीकिया गया है।

ई-कामर्सपोर्टल से चारकरोड़ रुपये काव्यवसाय

धर्मपाल सिंह नेकहा कि तरलदुग्ध व दुग्धउत्पादों की बिक्रीके लिए विकसितई-कामर्स पोर्टलके माध्यम सेचार करोड़ रुपयेका व्यवसाय कियागया है। अनुदानितमदरसों में कार्यरतमहिला कार्मिकों कोभी मातृत्व अवकाशतथा बाल देखभालअवकाश की सुविधाका लाभ दियागया है। राजनैतिकपेंशन विभाग कीओर से स्वतंत्रतासंग्राम सेनानी व लोकतंत्रसेनानियों को नियमितरूप से पेंशनप्रदान की जारही है।

520 मोबाइल वेटेरिनरी वाहनभी खरीदे गएहैं। वाहनों केसंचालन के लिएसेवा प्रदाता संस्थाके चयन कीकार्यवाही चल रहीहै। इस कार्यको एक वर्षमें पूर्ण किएजाने वाले लक्ष्यमें सम्मिलित करानेका प्रयास भीकिया जा रहाहै। प्रदेश में 45965 (114.91 प्रतिशत) पशुओं का बीमाकराया गया।

अब वृहदगो-संरक्षण केंद्रोंकी स्थापना कीतैयारी है। इनमेंदो से तीनहजार गोवंश कोसंरक्षित किया जासकेगा। वृहद गोआश्रयस्थलों के निर्माणके लिए लेआउटतैयार कर लियागया है। दोहजार गोवंश क्षमताके आश्रय स्थलके लिए 27 एकड़भूमि की आवश्यकताहोगी और उसकेनिर्माण पर 8.33 करोड़ रुपयेकी लागत अनुमानितहै। तीन हजारगोवंश क्षमता केआश्रय स्थल केलिए 40 एकड़ भूमिकी आवश्यकता होगीऔर उसके निर्माणपर लगभग 12.08 करोड़रुपये का खर्चआएगा। इनके निर्माणके लिए 20 जिलोंसे प्रस्ताव भीप्राप्त हो चुकेहैं।

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