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“दिव्य काशी - भव्य काशी” में जो होने जा रहा है वो “भूतो ना भविष्यते” - विहंगम है नजारा!



काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण महोत्सव में शंकराचार्य समेत देश भर के 251 संत शामिल होंगे।


काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण कार्यक्रम को एतिहासिक बनाने के लिए काशी के सात लाख घरों में लड्डू बांटने की तैयारी है।



इसे बनाने में 14 हजार किलो बेसन, सात हजार किलो चीनी और सात हजार किलो घी का इंतजाम किया गया है। लड्डू बनाने के लिए दस लोगों को लगाया गया है। 600 श्रमिक दिन रात काम कर रहे हैं।



पैकिंग करने के लिए महिलाओं और पुरुष दोनों को लगाया गया है। हर पैकेट में दो-दो लड्डू रखे जाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से वाराणसी के हर घर तक प्रसाद पहुंचाया जाएगा।


जहां लड्डू बनाए जा रहे हैं वहां साफ सफाई और शुद्धता का खास ध्यान रखा जा रहा है. देशी घी में बन रहे हज़ारों लड्डुओं की तस्वीरें सामने आईं हैं. कोविड प्रोटोकॉल का तहत यहां पर तैयारी हो रही है। सैकड़ों की संख्या में लोग लड्डू बनाने, पैक करने सहित अन्य काम में लगे हुए हैं।



वाराणसी में पहली बार पूरे शहर में इतने व्यापक स्तर पर घर घर प्रसाद भेजा जाएगा। लगभग 15 हज़ार टोलियों के ज़रिए ये 16 लाख लड्डू बांटे जाएंगे।



प्रसाद के साथ एक पुस्तक भी लोगों को भेंट की जाएगी. ऐसी उम्मीद है कि पुस्तक काशी विश्वनाथ मंदिर के आध्यात्मिक महत्व से ही जुड़ी होगी. बनारस में सात से आठ लाख घर हैं, जहां प्रसाद पहुंचाया जाना है. इतने परिवारों तक डोर-टू-डोर पहुंचने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ेगी।


काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन अवसर पर वाराणसी के अलावा देश विदेश के विद्वान और साधु - संतों को काशी में आने का न्योता भेजा गया है।



इस दौरान पीएम मोदी के साथ कुल 4000 लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन के लाइव प्रसारण के लिए चैनलों के अलावा धार्मिक स्थलों, चौराहों पर टीवी स्क्रीन के माध्यम से कराया जाएगा। जिससे जो लोग मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें ।


पुरस्कार के रूप में मिलेगी धनराशि



लोगों से अपने घरों पर लाइटिंग करने और लोकार्पण के दिन दीप जलाने की अपील की गई है. इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान को क्रमशः 51, 21 और 11 हज़ार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. हर वार्ड में मंडली ने सुबह कीर्तन भजन शुरू कर दिया है. लोकार्पण के बाद काशी के हर घर में 13 से 16 दिसंबर के बीच श्री काशी विश्वनाथ न्यास की तरफ से बाबा का प्रसाद और बुकलेट भी बांटी जाएगी.



श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सालाना 70 लाख से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, जबकि 10,000 से ज्यादा श्रद्धालु, जिनमें से ज्यादातर वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना मंदिर में आते हैं।


काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 2,000 से अधिक प्रमुख महंतों, संतों को आमंत्रित किया है।



इससे पहले राम जन्मभूमि शिलान्यास समारोह, केदारनाथ पुनर्विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके पर कोरोना महामारी के प्रोटोकॉल के चलते अधिक संख्या में संतों को न्यौता नहीं दिया गया था। ऐसे में अब काशी में भाजपा ने संतों और हिंदू धर्मगुरुओं से शामिल होने का अनुरोध किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और बाबा रामदेव को भी उद्घाटन कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है।


आमंत्रित किये गये संत: इस उद्घाटन कार्यक्रम में गोविंद देव गिरि, जगद्गुरु शंकराचार्य करवीर पीठ, ज्ञानेश्वर मठ के शंकरानंद सरस्वती, महाराष्ट्र के पंच दिगंबर अखाड़े के महंत राम किशोर दास जी महाराज, मोरारी बापू, साध्वी ऋतंभरा आमंत्रित किये गए हैं।



इसके अलावा रमेश भाई ओझा, अवधेशानंद जी महाराज, दयानंद सरस्वती जी महाराज, महंत बालकनाथ, महंत शिवशंकर दास जी महाराज, गुजरात से श्री महंत दिगंबर अनी अखाड़ा, केरल से स्वामी सत्यानंद सरस्वती जी महाराज को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।



केरल से माता अमृतानंदमयी , श्री स्वर्णवल्ली महासंस्थान मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य, कर्नाटक के श्री सिद्धगंगा मठ के श्री सिद्धलिंग महास्वामीजी, श्री दत्ता पीठम के साई दत्ता नागानंद सरस्वती, मंत्रालय के सुबुधेंद्र तीर्थ स्वामीजी, श्री राघवेंद्र स्वामी मठ, और आंध्र के गोपालनंद कृष्ण मातम भी शामिल हैं।



काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण को लेकर जिलाधिकारी की ओर से निमंत्रण कार्ड वितरण की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारी को सौंपी गई है। कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को वाहन पार्किंग व रहने की व्यवस्था देने की जिम्मेदारी जिला आबकारी अधिकारी को दी गई है।


टीम स्टेट टुडे

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