रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(RBI) ने कोरोनाकाल में खोला राहत का पिटारा-KYC से लेकर LOAN चुकाने तक उठाए कदम



कोरोना की दूसरी लहर में आम आदमी की जिंदगी को जितनी ऑक्सीजन की जरुरत महसूस हो रही है उतनी ही ऑक्सीजन की जरुरत आर्थिक गतिविधियों को भी लगने लगी है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने इस तकलीफ को समझा है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोविड से लड़ने के लिए देश को बूस्‍टर डोज दिया है।


आरबीआई की तरफ से ना सिर्फ कोविड की दवाई और वैक्‍सीन के इंतजाम के लिए फंड दिया जाएगा बल्कि लोन ना दे पाने वालों के लिए रिस्ट्रक्चरिंग-2 का बंदोबस्त किया है।


ऐसे लोग जो एक बार फिर लोन ना दे पाने की स्थिति में आ गए हैं उन्हें एक बार फिर बैंक के साथ बैठ कर अपना Loan restructure करा सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात कि जो कस्‍टमर KYC से चूक गए हैं उनके लिए भी RBI ने खास इंतजाम किए हैं।


KYC कराने को लेकर बड़ा ऐलान


RBI गवर्नर ने कहा कि बैंक या दूसरे खाताधारकों के लिए KYC कराना जरूरी है। फिलहाल इसमें Covid को देखते हुए थोड़ी ढील दी जाएगी। सभी को KYC updation के लिए पर्याप्‍त समय मिलेगा। रिजर्व बैंक video Kyc को बढ़ावा देगा, ताकि कस्‍टमर घर बैठे ही अपना ब्‍योरा अपडेट कर सकें।


तीन तरह से केवाईसी


RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि KYC प्रक्रिया को तीन तरीकों में बांटा गया है। Customer Convenience बढ़ाने के लिए RBI कई और उपाय लाया है। इनमें KYC शामिल है।


Video बेस्‍ड KYC


RBI गवर्नर के मुताबिक Video Based customer identification process को इसीलिए डेवलप किया गया है ताकि कस्‍टमर आसानी से अपना KYC अपडेट करा सकें। यह पहला प्रोसेस है। इनमें प्रॉपराइटर फर्म्स, ऑथराइज्‍ड सिग्‍नेचरी और दूसरे कस्‍टमर को अपना KYC अपडेट कराने का मौका मिलेगा। इन लोगों को यह सुविधा इसलिए दी गई है क्‍योंकि इन्‍हें KYC अपडेट कराना अनिवार्य है।


Aadhaar E Kyc अकाउंट बदलेगा


RBI गवर्नर ने कहा कि जो खाते aadhaar E Kyc ऑथेन्टिकेशन पर खुले थे, उन्‍हें अब Full Kyc कम्‍प्‍लायंस में बदला जाएगा।


DIGI Locker को मान्‍यता


RBI गवर्नर ने कहा कि DIGI Locker जैसे सेंट्रेलाइज्‍ड KYC रजिस्‍ट्री की पहचान की जाएगी, ताकि कस्‍टमर इलेक्‍ट्रॉनिक तरीके से अपने डॉक्‍युमेंट दे सके। KYC को डिजिटली अपडेट करने के मोड बढ़ाए जाएंगे।


31 दिसंबर तक KYC कराएं अपडेट


RBI गवर्नर ने कहा कि जो फाइनेंशियल संस्‍थान अपने कस्‍टमर का KYC अपडेट नहीं कर पाए हैं, वे उन्‍हें 31 दिसंबर 2021 तक छूट देंगे। खाताधारकों को इस दरम्‍यान अपना KYC अपडेट करा लेना चाहिए।


आरबीआई गवर्नर की अन्य प्रमुख बातें-


  • उन्होंने कहा कि आरबीआई कोरोना की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कोरोना की पहली लहर के बाद अर्थव्यवस्था में अच्छी रिकवरी दिखी थी। कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रसार को देखते हुए व्यापक और त्वरित कार्रवाइयों की आवश्यकता है। दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत में तेज रिकवरी हुई है। मौसम विभाग ने इस साल सामान्य मानसून रहने का अनुमान जताया है। अच्छे मानसून से ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में तेजी रहने की संभावना है।

  • जनवरी से मार्च के दौरान खपत बढ़ी है। बिजली की खपत में भी तेजी आई है। भारतीय रेलवे के माल भाड़े में बढ़ोतरी की गई है। अप्रैल में पीएमआई 55.5 पर पहुंच गया। सीपीआई भी बढ़ा है। यह मार्च में 5.5 फीसदी था। भारत का निर्यात मार्च में काफी बढ़ा है। भारत सरकार के आंकड़ों की मानें तो अप्रैल में यह तेजी से बढ़ा है। दाल-दलहन, तिलहन और दूसरे जरूरी सामान के दाम में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ऐसा कोरोना के कारण सप्लाई चेन की सीरीज टूटने से हुआ है।

  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने दौरान महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आरबीआई विशेष रूप से नागरिकों, व्यापारिक संस्थाओं और दूसरी लहर से प्रभावित संस्थानों के लिए अपने सभी संसाधनों और उपकरणों को तैनात करेगा।

  • आरबीआई ने इंडिविजुअल, छोटे कर्जदारों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग की दूसरी विंडो खोली है। 25 करोड़ रुपये तक के ऐसे कर्जदार, जिन्होंने पहले लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा नहीं ली थी, वह इस बार लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा ले सकते हैं।

  • RBI ने मार्च 2022 तक कोविड-19 से संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 50,000 करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की। इसके जरिए बैंक रेपो रेट पर वैक्सीन मैन्युफैक्चर्स, वैक्सीन ट्रांसपोर्ट, निर्यातकों को आसान किस्तों पर लोन उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त अस्पतालों, हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इसका लाभ मिलेगा।

  • उन्होंने यह भी कहा कि 35000 करोड़ रुपये की सरकारी सिक्योरिटीज की खरीद का दूसरा चरण 20 मई को शुरू किया जाएगा।

  • राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी। ओवरड्राफ्ट में राज्यों को रियायत मिलेगी। ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाकर 50 दिन कर दी गई है। पहले इसकी अवधि 36 दिन थी।

  • आरबीआई गवर्नर ने कहा कि प्रायोरिटी सेक्टर के लिए कोविड लोन बुक बनाए जाएंगे। बैंक अपनी कोविड बुक के बराबर ही रकम रिजर्व बैंक के पास पार्क कर सकते हैं। इसके बदले बैंकों को रेपो रेट से 40 आधार अंक ज्यादा ब्याज मिलेगा।

  • केंद्रीय बैंक ने 10,000 करोड़ रुपये तक के स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFB) के लिए लंबी अवधि के रेपो ऑपरेशन (TLTRO) की घोषणा की है। इसका उपयोग प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए किया जाएगा।

  • गवर्नर ने साथ ही यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवाईसी नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। विडियो के जरिए KYC को मंजूरी दी गई है। आरबीआई ने एक दिसंबर 2021 तक लिमिटेड केवाईसी के उपयोग की अनुमति दी है।


टीम स्टेट टुडे


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