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योगी सरकार को बदनाम करने का अभियान चलाने वाले बर्खास्त सहायक आयुक्त के पीछे सपा नेता तो नहीं !



- नेता और बर्खास्त आयुक्त एक दूसरे के कंधे पर रखकर चला रहे बंदूक
- सपा नेता को लेकर पार्टीजनों में भी गहरी नाराजगी

बांदा। सोशल मीडिया पर प्रदेश सरकार और जन प्रतिनिधियो की अनावश्यक छवि बिगाड़ने का काम कर रहे बर्खास्त उद्योग विभाग के सहायक आयुक्त सर्वेश कुमार के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का काम और कोई नही छात्र संघ का पूर्व पदाधिकारी और सपा नेता ही कर रहा है। कहा जाए कि दोनों एक दूसरे को झांसे में रखकर अपने अपने तीर चला रहे हैं तो गलत नही होगा। विधायकी का सपना संजोए यह सपा नेता बर्खास्त अधिकारी को फर्जी सूचनाओ का आदान प्रदान कर बरगला रहा है तो दूसरी ओर सर्वेश कुमार भी इसे विधान सभा चुनाव लड़ने के लिए मोटी रकम दिलाए जाने का झांसा दिए है।


गौरतलब है कि तीन साल पहले सहायक आयुक्त के रूप में सर्वेश कुमार की बांदा उधोग केन्द्र में तैनाती के दौरान सपा का यह नेता इस अधिकारी से पींगे बढ़ाकर तमाम तरह की अनियमितताओ और दलाली के जरिए न केवल खुद लाखो के वारे न्यारे करता रहा है बल्कि सर्वेश कुमार की जेब भी भरता रहा है। यही वजह है कि दोनों के बीच रहा गहरा याराना किसी से छिपा नही रहा। उधर, जब राजस्व संबंधी गंभीर वित्तीय अनियमितताएं करने पर सर्वेश कुमार का सीतापुर तबादला, रिपोर्ट और बर्खास्तगी हो गई तो वह इसके लिए स्थानीय जन प्रतिनिधि को जिम्मेदार मानने लगा।


सपा के टिकट से आगामी विधान सभा का चुनाव लड़कर विधायक बनने का सपना संजोए सपा नेता ने फिर सर्वेश कुमार से संपर्क साधा। सूत्रों की माने तो यह सपाई स्थानीय जनप्रतिनिधि के खिलाफ उसके कान भरने लगा। इसके बाद पहले से ही खार खाए बर्खास्त अधिकारी ने सोशल मीड़िया का सहारा लेकर अर्नगल पोस्ट डालनी शुरू कर दीं। मीडिया कर्मियों से भी संपर्क साधा लेकिन कोई तवज्जो नहीं मिली। बतातें है कि सर्वेश कुमार ने इसी को लेकर सपा नेता पर डोरे डाले। कहा कि विधान सभा चुनाव लड़ने के लिए वह उस पर मोटी रकम खर्च करेगा। फिर क्या था यह सपा नेता उसका मुखबिर बन गया।


खुद का उल्लू सीधा करने के लिए यह सपाई बर्खास्त अधिकारी को भ्रामक सूचनाए देकर जनप्रतिनिधि की छवि बिगाडने लगा। इस बात की जानकारी स्थानीय सपा नेताओ को भी है जिसकी शिकायत पार्टी हाईकमान को भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। वैसे भी यह सपा नेता कभी भी पार्टी के कार्यक्रमों में नजर नहीं आता। इस बात से भी पार्टीजनो में नाराजगी है। छात्र संघ चुनाव से राजनीति की शुरूआत करने वाला यह सपा नेता अक्सर सरकारी विभागों में बैठकर अधिकारियों पर रौब झाड़ता नजर आता है।




संदीप तिवारी, बांदा (संवाददाता)
संदीप तिवारी, बांदा (संवाददाता)

रिपोर्ट - संदीप तिवारी (बांदा)

टीम स्टेट टुडे


















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