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HC के फैसले के बाद वरिष्‍ठ वकील हरिशंकर जैन ने दिया बड़ा बयान


लखनऊ, 3 अगस्त 2023 : ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के ASI सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन का बयान सामने आया है। हरिशंकर जैन ने कहा, वहां ऐसे अनगिनत साक्ष्य मौजूद हैं जो बताते हैं कि यह एक हिंदू मंदिर था। ASI सर्वे से तथ्य सामने आएंगे।

'मुझे यकीन है क‍ि असली 'शि‍वल‍िंग' मुख्‍य गुंबद के नीचे छुपाया हुआ है'

उन्‍होंने कहा, मुझे यकीन है कि असली 'शिवलिंग' वहां मुख्य गुंबद के नीचे छुपाया गया है। इस सच्चाई को छुपाने के लिए वे (मुस्लिम पक्ष) बार-बार आपत्ति जता रहे हैं। वे जानते हैं कि इसके बाद यह मस्जिद नहीं रहेगी और वहां भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।

कोर्ट ने कहा- न्‍याय ह‍ित में सर्वे कराया जाना उच‍ित है

बता दें क‍ि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी पर‍िसर में एएसआई से साइंटिफिक सर्वे कराए जाने संबंधी वाराणसी जिला जज के फैसले को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतजामिया मस्‍ज‍िद कमेटी की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि न्याय हित में सर्वे कराया जाना उचित है।

सर्वे पर लगी रोक समाप्‍त

चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि सर्वे पर लगी रोक समाप्त की जाती है। कोर्ट ने एएसआई सर्वे को लेकर एएसआई की तरफ से दिए हलफनामे को लेकर कहा कि उस पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं है।

हलफनामा में एएसआई ने कहा था कि उनके सर्वे से ज्ञानवापी परिसर में किसी भी प्रकार का इंच भर भी नुकसान नहीं होगा। हाईकोर्ट ने वाराणसी लोवर कोर्ट के सर्वे कराने के आदेश को भी सही माना है। आगे की कार्रवाई करने को कोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया है।


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