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त्रेतायुग की धरोहरों से साक्षात्कार कराएंगे स्वागत द्वार, रेत पर जीवंत होंगे रामायण कालीन प्रसंग


अयोध्या, 22 अक्टूबर 2022 : दिव्य दीपोत्सव को ऐतिहासिकबनाने की कवायदजोरों पर चलरही है। रामायणकालीन 15 स्वागत द्वार दीपोत्सव कीआभा में चार-चांद लगाएंगे।राम परिवार, निषादराजव अहिल्या आदिके नाम परद्वार बनाए गएहैं। ये द्वारकलियुग में त्रेतायुगकी धरोहरों सेसाक्षात्कार कराएंगे। द्वारों कानिर्माण लगभग पूर्णहो चुका है।द्वारों को सजानेकी जिम्मेदारी पर्यटनविभाग को सौंपीगई है। सभीद्वार रोशनी सेसराबोर होंगे।

पर्यटन विभाग नेसनबोर्ड तैयार किया है।इसमें लाइटिंग कीव्यवस्था की गईहै। क्षेत्रीय पर्यटनअधिकारी आरपी यादवने बताया कियोगी सरकार अयोध्याकी अलग पहचानबना रही है।सरकार के निर्देशपर रामायण कालीनप्रसंगों की याददिलाने वाले द्वारभी बनाए जारहे हैं, जिससेलोग अयोध्या मेंप्रवेश करें तोउन्हें त्रेतायुग वाली दीपावलीका अहसास हो।

दीपोत्सव 2022 में स्वागतद्वारःनिषादराज द्वार, अहिल्या द्वार, राम द्वार, दशरथद्वार, लक्ष्मण द्वार, सीताद्वार, रामसेतु द्वार, शबरी द्वार, हनुमान द्वार, भरत द्वार, लव कुश द्वार, सुग्रीव द्वार, जटायु द्वार, तुलसी द्वार, गुरुकुलद्वार।

दीपोत्सव में रेतपर जीवंत होंगेरामायण कालीन प्रसंग: सरयूतट पर रेतपर रामायण कालीनसुंदर आकृतियां भीउकेरी जा रहीहैं। रामायण कालीनचरित्रों का रेतके माध्यम सेचित्रण सरयू अतिथिगृह के सामनेकाशी विद्यापीठ वाराणसीके ललित कलासंकाय के छात्रोंने किया है।छात्र रूपेश सिंहके नेतृत्व में 20 छात्रों का दलदो दिनों सेकृतियों को उकेरनेमें जुटा है।रूपेश सिंह नेबताया कि दीपोत्सवमें सैंड आर्टस्कल्पचर के प्रदर्शनका तीसरा अवसरहै।

सबसे पहलेप्रधानमंत्री मोदी, फिर मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ कीकृति उकेरी जाएगी।इसके बाद भगवानराम के लंकाविजय के बादअयोध्या आगमन केसमय के विभिन्नप्रसंगों को दिखायाजाएगा। उकेरी जा रहीकलाकृतियों में भगवानराम का पुष्पकविमान से आगमन, केवट अनुराग, भरतमिलाप से चरित्रोंको कृति केमाध्यम से जीवंतकिया जाएगा।

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