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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कश्मीर में तेवर सख्त – मुफ्ती, अब्दुल्ला, कांग्रेस को दो टूक



कश्मीर के श्रीनगर में गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में अमन, युवा और विकास को मुख्य स्थान दिया। युवाओं से उन्होंने विकास का भागीदार बनने की अपील की। विकास परियोजनाओं को गिनाते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में विकास तभी संभव है जब युवा अपने हितों का ध्यान रखेंगे।



पांच अगस्त 2019 को सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों पर उन्होंने कहा कि जब बीमारी होती है तो दवा और परहेज करना होता है। लेकिन इससे कश्मीर के कुछ गिने-चुने लोगों को ही दिक्कत हुई, आम जनता सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्रसन्न है। कहा कि लोगों को भ्रमित और अपनी राजनीति चमकाने के लिए इंटरनेट क्यों बंद है, कर्फ्यू क्यों लगाया गया जैसे सवाल किए गए। शाह ने कहा कि मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपके शासन में हुए खूनखराबे का जिम्मेदार कौन था। हमने जो कदम उठाए वो लोगों की भलाई के लिए थे। अब आपको बताते हैं अमित शाह के दस बड़े बयान...


युवाओँ से अपील: शाह ने कश्मीर के युवाओं से कहा कि आप बड़े सपने देखें। सरकार आपके सपनों को साकार करेगी। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मैं किसी विधायक या मुख्यमंत्री का बेटा नहीं हूं। भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जिसमें लोकतंत्र है। जिसके बल पर ही मैं आज आपके सामने हूं। इसी लोकतंत्र के दम पर आप जम्मू-कश्मीर के सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं।


देश के दुश्मनों का होगा खात्मा: मैं बताना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर की शांति और विकास को जो लोग नुकसान पहुंचाने की कोशिश और साजिश रचेंगे, उनसे सख्ती से निपटने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। विकास की पहली शर्त ही कि कश्मीर में शांति हो। कश्मीर में दहशतगर्दी को समाप्त करने का काम हमारे जवान करेंगे।

पाकिस्तान को टूक: शाह ने कहा कि मैं पाकिस्तान को जवाब दे सकता हूं, लेकिन मैं यहां आप से बात करने आया हूं।


विकास के लिए सरकार ने खोला खजानाः पीएम ने जम्मू-कश्मीर और यहां के लोगों के लिए दिल खोलकर खर्च किया है। अन्य राज्यों की अपेक्षा कश्मीर के लिए सरकार ने अधिक धन खर्च किया है, जोकि आगे भी जारी रहेगा। जब प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तो रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सेब और केसर की खेती को बढ़ावा मिलेगा।


पढ़ाई और रोजगार पर फोकसः जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेहत से लेकर युवाओं की पढ़ाई और रोजगार के लिए सरकार ने कई योजनाओं को यहां प्राथमिकता से लागू किया है।

पर्यटन पर जोरः पर्यटन के लिए भी सरकार ने नए कदम उठाए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में पर्यटन को भारी बढ़ावा मिला है।


मुफ्ती-अब्दुल्ला और कांग्रेस से सवालः शाह ने कहा कि 2019 के बाद यहां के कुछ गिने-चुने लोग सवाल करते थे कि इंटरनेट क्यों बंद है, कर्फ्यू क्यों लगाया गया है। मैं उनसे एक सवाल पूछना चाहता हूं कि सत्तर साल में लोगों की हत्याओं का जिम्मेदार कौन था। इंटरनेट सेवा को लोगों की भलाई के लिए बंद किया गया था। उस वक्त सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसे सवाल किए जा रहे थे। स्थिति सामान्य होने पर हमने सब कुछ खोल दिया। बीमारी होने पर परहेज और इलाज किया जाता है। हमने जो कदम उठाए वो कश्मीर की भलाई के लिए उठाए।


परिसीमन के बाद होंगे चुनावः शाह ने कहा कि प्रदेश में परिसीमन के बाद चुनाव होंगे।

संसद में किया गया वादा पूरा होगाः समय आने पर प्रदेश को राज्य का दर्जा भी मिलेगा। मैंने गृहमंत्री के नाते जो वादा कश्मीर और देश के लोगों से किया था वो पूरा होगा।


टीम स्टेट टुडे



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