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यूपी बोर्ड 12वीं और 10वीं की परीक्षा पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दी बड़ी जानकारी



कोरोना की दूसरी लहर से निपटने और भविष्य की रुपरेखा तैयार कर रही यूपी सरकार ने बच्चों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।


प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने जानकारी दी है कि सरकार में मंथन के बाद 2021 की हाईस्कूल की परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले से 29,94,312 बच्चों को बड़े संकट में फंसने से मुक्ति मिलेगी। कक्षा 10 के बच्चों के कक्षा 11 में प्रोन्नति के विस्तृत दिशा निर्देश तैयार करने का निर्देश भी उत्तर प्रदेश मध्यमिक शिक्षा परिषद को दिया गया है।


प्रदेश के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री ने बताया कि कक्षा-12 की परीक्षा को कराने की योजना भी बना ली है। डॉ. दिनेश शर्मा के अनुसार कोरोना वायरस के कहर के कारण आगे की परिस्थितियां सामान्य होने पर 2021 की कक्षा 12 की परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है और जुलाई के दूसरे हफ्ते में परीक्षा का आयोजन प्रस्तावित है।


परिवर्तन के साथ होगी परीक्षा

  • यूपी बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा में परीक्षा का समय तीन के बजाय डेढ़ घंटा रहेगा।

  • छात्रों को प्रश्नपत्र के किन्ही दस में से सिर्फ तीन का ही उत्तर देना होगा।

  • कक्षा 12 की परीक्षा के महत्व और छात्रों के भविष्य पर इंटरमीडिएट परीक्षा के अंकों की भूमिका के कारण ही परीक्षा का आयोजन होगा।

  • परीक्षाकाल में सभी सावधानियों को बरतते हुए तथा कोविड-19 महामारी से बचाव के सभी नियमों तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

  • जल्द ही परीक्षा की विस्तृत समय सारणी शीघ्र ही साझा की जाएगी।

  • इस वर्ष भी 15 कार्य दिवसों में परीक्षा संपादित होगी।

  • बच्चों के मध्य फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्र बढ़ाए जाएंगे।

  • सभी परीक्षा केंद्रों को लगातार सैनिटाइज भी किया जाएगा।

  • उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 26,10,316 छात्रों का पंजीकरण हुआ है।


दूरदृष्टि रखकर हो रहा है काम


उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग, निरंतर छात्र-छात्राओं हित में कार्य कर रहा है।


यूपी देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने 2020 के जुलाई माह में ही करोना महामारी के चलते पढ़ाई लिखाई में आ रही दिक्कतों को देखते हुए पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कमी कर दी थी।


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष के लॉकडाउन से ही ऑनलाइन शिक्षण के साथ-साथ दूरदर्शन, स्वयं प्रभा चैनल, ई- विद्या चैनल, वर्चुअल स्कूल तथा यूट्यूब पर माध्यमिक शिक्षा परिषद के ई-ज्ञान गंगा चैनल के माध्यम से बच्चों का पठन-पाठन सुनिश्चित किया।


इसके साथ ही 29 लाख से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्रों के बनाए। जिससे प्रदेश में पठन-पाठन का माहौल बना रहा।


उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा 6, 7 ,8 के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति देने का निर्णय का शासनादेश पूर्व में जारी कर दिया गया है। अब यह निर्णय लिया गया है कि यदि किसी बोर्ड विशेष का अन्यथा आदेश न हो तो प्रदेश के समस्त बोर्ड के समस्त विद्यालयों की कक्षा 6, 7, 8 के छात्रों को अगली कक्षा में सामान्य प्रोन्नति दी जाए।


कक्षा 9 एवं 11 के छात्रों को उनकी वार्षिक परीक्षा के परीक्षाफल के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाए। यदि किसी विद्यालय में वार्षिक परीक्षा नहीं हो पाई है तो तो छात्र के वर्ष भर किए गए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाएगी। अगर कोई आंतरिक मूल्यांकन उपलब्ध नहीं है तो सामान्य रूप से छात्र को प्रोन्नति दी जाए।


टीम स्टेट टुडे


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