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UP GIS- 23 के जरिए ट्विटर पर दुनिया भर में छाए योगी, जानिए मास्टकर प्लानिंग


लखनऊ, 11 फरवरी 2023 : यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए आए निवेश के भारी भरकम आंकड़े ने देश-दुनिया को भी चौका दिया है। शुक्रवार को इसकी गूंज इंटरनेट मीडिया में भी सुनाई दी। ट्विटर पर योगी का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पूरा दिन छाया रहा। सुबह से ही हैशटैग यूपी इन्वेस्टर्स समिट वर्ल्डवाइड टाप टेन ट्रेंड में बना रहा। वहीं, भारत में यह नंबर वन पर ट्रेंड करता दिखा। इस दौरान 210 करोड़ यूजर्स तक इन्वेस्टर्स समिट का संदेश पहुंचा। दुनियाभर में 47 हजार से भी ज्यादा यूजर्स ने हैशटैग के जरिए बदलते यूपी की इस उपलब्धि को सराहा। वहीं, लगभग एक लाख यूजर्स ने लाइक, रिप्लाई और री-ट्वीट के जरिए अपनी भावनाओं को प्रकट किया।

टीम योगी ने ढृढ़ इच्छा शक्ति और टीम वर्क की पेश की मिसाल

उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) से डेढ़ गुणा यानी 33.92 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जुटाकर टीम योगी ने ढृढ़ इच्छा शक्ति और टीम वर्क की मिसाल पेश की है। पिछले साल उप्र में दोबारा सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब वर्ष 2023 की शुरुआत में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को आयोजित करने की मंशा जताने के साथ इसके माध्यम से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य तय किया था तो किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि सरकार इसके तीन गुणा से अधिक निवेश जुटाने में सफल होगी।

सीएम और सभी मंत्रियों ने मिलकर जुटाया 33.92 लाख करोड़ का निवेश

निवेश जुटाने के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपने सभी मंत्रियों को लगाया बल्कि शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी। अर्थव्यवस्था के लिए निवेश की बूस्टर डोज का इंतजाम करने के लिए योगी सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने 16 देशों के 21 शहरों में रोड शो किए। योगी सरकार के पिछले कार्यकाल में औद्योगिक विकास मंत्री का दायित्व निभाने वाले विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी विदेश से निवेश जुटाने की मुहिम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

सरकार ने विदेश से प्राप्‍त क‍िया 7.12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

विदेश में की गई मशक्कत की बदौलत सरकार 7.12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव बटोरने में कामयाब रही। इससे उत्साहित होकर सरकार ने निवेश का लक्ष्य बढ़ाकर 17 लाख करोड़ रुपये कर दिया। घरेलू मोर्चे पर देश के 10 महानगरों में भी रोड शो आयोजित किये गए। व्यस्तता के कारण विदेश न जा सके मुख्यमंत्री ने घरेलू मोर्चे पर यह जिम्मेदारी निभाई। निवेश जुटाने के लिए वह देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई गए और पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल करने में सफल रहे।

नियमित मानिटरिंग से भी अभियान को मिली रफ्तार, रंग लाई विभागों की मेहनत

मुख्यमंत्री के निर्देशन में निवेश जुटाने का खाका तैयार करने में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार जी-जान से जुटे रहे तो योगी के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र इसकी नियमित मानिटरिंग करते रहे। निवेश जुटाने की प्रक्रिया को क्रियान्वित करने में राज्य सरकार की संस्था इन्वेस्ट यूपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ के तौर पर सचिव औद्योगिक विकास अभिषेक प्रकाश और उनकी टीम ने भी खूब मेहनत की। निवेश जुटाने की इस मुहिम के पीछे यूं तो ड्राइविंग फोर्स औद्योगिक विकास विभाग रहा लेकिन सरकार के सभी विभागों ने इस महाकुंभ को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाने में योगदान दिया।

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