उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के काम – अद्भुत किंतु सत्य!

Updated: Feb 14



क्या होता है जब आप सफर पर हों और रेलवे फाटक बंद मिले ?


वो दौर भूले तो नहीं जब नदी को पार करने के लिए स्टीमर या बोट का सहारा लेते थे! नदी के दोनों तरफ बस स्टैंड होते थे।


वो वक्त भी याद होगा जब आपने कहा होगा कि सड़क के ऊपर सड़क बनेगी...नीचे भी लोग चलेंगें और ऊपर से भी...अरे! आपके शहर का पहला फ्लाईओवर।


उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर ने जब ऐसे निर्माण पहली बार देखे होंगे वो अब भी यादों में ताजा ही होगा।

तरक्की पसंद जमाने की रफ्तार पर ब्रेक ना लगे इसलिए नदियों पर पुल बनाए गए...आबादी बढ़ी, गाड़ियां बढ़ीं, रास्ते संकरे हुए तो फ्लाइओवर बनाए गए...रेल रुकती नहीं तो सड़क मार्ग पर गाड़ियां भी चलती रहे तो रेल पटरियों के ऊपर पुल बनाए गए।


ये सब कुछ एक दिन में नहीं हुआ और ना ही इसे करना इतना आसान था। इस काम को करने के लिए तकनीकी रुप से सक्षम ऐसे लोगों की पूरी फौज की जरुरत थी जो उत्तर प्रदेश के मार्गों को मिसाल बना दें।



उत्तर प्रदेश का एक ऐसा विभाग जिसने अपनी दक्षता और क्षमता के दम पर सिर्फ उत्तर प्रदेश या देश के अन्य राज्यों में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में नदी पुल, रेलपुल, बैराज और विविध प्रकार के निर्माण कार्यों से विशेष स्थान बनाया और कई राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त किये।


वर्तमान में सेतु निगम उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग की एक इकाई है। विभाग के मंत्री उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य हैं। सेतु निगम के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में प्रतिदिन नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं।


आज हम आपको बताने जा रहे हैं उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की वो कहानियां जो उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद बेमिसाल बन गईं।


बेमिसाल ! लाजवाब ! उत्तर प्रदेश सेतु निगम



उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार बनने के बाद 1 अप्रैल 2017 से अब तक राज्य सेतु निगम 124 नदी पुल, 54 रेलवे ओवर ब्रिज और 8 फ्लाईओवर बना चुका है। बीते तीन वर्ष में 186 परियोजनाओं को पूर्ण कर सेतु निगम ने एक कीर्तिमान स्थापित किया है। ध्यान रहे कि इस बीच कोरोनाकाल के दौरान पूर्ण रुप से लॉकडाउन और फिर चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया अपनाई गई। इस लिहाज से सेतु निगम ने बेहतरीन मैनेजमेंट और हाई-प्रोफेशनलिज्म का उदाहरण प्रस्तुत किया है।


इस लक्ष्यों को पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्यमंत्री के द्वारा विभागीय अनुशंसाओं पर त्वरित निर्णय लिए गए।


सेतु निगम के वर्तमान प्रोजेक्ट्स



वर्तमान समय में सेतु निगम कुल 283 प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जिसमें 170 पुल नदियों पर, 9 फ्लाईओवर और 96 रेलवे फ्लाईओवर शामिल हैं।


मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए सेतु निगम को सरकार की तरफ से पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है जिससे प्रदेश के विकास को गति मिल रही है।


भारत सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरता सेतु निगम


भारत सरकार की महात्वाकांक्षी योजना डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर कार्पोरेशन के कुल 54 प्रोजेक्ट वर्तमान समय में प्रदेश में चल रहे हैं। जिसमें 9 रेल उपरिगामी सेतु पूर्व मध्य रेलवे, 33 उत्तर मध्य रेलवे और 12 उत्तर रेलवे के हैं। कुल 54 प्रोजेक्ट्स में सेतु निगम ने अब तक 15 लक्ष्यों को पूर्ण कर लिया है जबकि शेष 39 में दस प्रोजेक्ट्स चालू वित्तीय वर्ष में मार्च 2022 तक जबकि शेष आगामी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।


नदियां जहां सेतु निगम जोड़ रहा है दिलों को



उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस समय प्रदेश में कुल 66 नदी सेतु परियोजनाओं पर काम कर रहा है। जिसमें यमुना नदी पर 12, घाघरा नदी पर छ, गोमती नदी पर 18, गंगा नदी पर 12, राप्ती नदी पर तीन, चंबल नदी पर एक, वरुणा नदी पर तीन, सोन नदी पर पांच, बेतवा नदी पर दो और रामगंगा नदी पर 4 बड़े पुल बना रहा है। प्रदेश में इन 66 नदी सेतुओं के निर्माण से ना सिर्फ लोगों को आवागमन में सुगमता होगी बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।


अन्य राज्यों में भी निगम ने गाड़े झंडे



सेतु निगम ने उत्तराखंड, महाराष्ट्र, सिक्किम जैसे राज्यों में भी अपनी दक्षता का परिचय दिया है। प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार श्रीवास्तव की सूझबूझ एवं विषय विशेषज्ञता के दम पर टेंडर प्रक्रिया में भी सेतु निगम ने बाजी मारी है।


यूपी स्टेट ब्रिज कार्पोरेशन लिमिटेड उत्तराखंड के हरिद्वार-देहरादून में एन.एच -58 पर करीब 15 किलोमीटर में सड़क और 10 सेतुओं का निर्माण कर रहा है।



इसी प्रकार जे.एन.पी.टी. मुंबई के अंतर्गत रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कार्य सेतु निगम करा रहा है।

पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में अत्यंत विषम परिस्थितियों में यूपी सेतु निगम एन.एच.आई.डी.सी. के अन्तर्गत 30 किलोमीटर में रोड और सेतु का निर्माण कार्य करा रहा है। टेंडर प्रक्रिया से निगम ने कुल 2116.55 करोड़ के काम अर्जित किए हैं।


सरकार की प्राथमिकताओं का ख्याल



उत्तर प्रदेश में कुछ कार्य ऐसे भी हैं जिस पर उप मुख