बीजेपी और सपा की सियासी जंग में सेना का फायदा और आमजन को रफ्तार



दिल्ली का रास्ता अगर यूपी से होकर पूरा होता है तो जाहिर है यूपी के रास्ते भी जंग के मैदान से कम नहीं। बड़ी बात ये है विकास के रास्ते नहले पर दहला डालने के इस खेल में आम आदमी को रफ्तार मिल रही है और सेना का बहुत फायदा हो रहा है।


वैसे तो ये खबर सीधे सीधे भी लिखी जा सकती है लेकिन दिलचस्पी बढ़ जाती है जब इसे समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार बनाम भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार के चश्मे से देखा जाए।


उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) पर भी एयर स्ट्रिप (Air Strip) बनकर तैयार हो गई है। 3300 मीटर लंबी एयर स्ट्रिप के साथ ही यूपी एक्सप्रेसवे पर दो हवाई पट्टियां बनाने वाला देश का पहला प्रदेश हो गया है। इससे पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एयर स्ट्रिप पहले से ही तैयार है।


उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा, 'हम वायुसेना से अनुरोध करेंगे कि वो जल्द एयर स्ट्रिप पर जहाज उतारकर इसे टेस्ट करें। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पूरे होने पर प्रदेश के पूर्वी छोर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, मध्य में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पश्चिम में यमुना एक्सप्रेसवे से पूरा UP एक्सप्रेसवे से पार कर सकेंगे।



उन्होंने कहा, 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की 3,300 मीटर लंबी एयर स्ट्रिप का काम पूरा हो गया है। ये दूसरी एयर स्ट्रिप है, जो प्रदेश में एक्सप्रेसवे पर बनाई गई है। इस पर हर श्रेणी का जहाज उतारा जा सकता है।' पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यह एयर स्ट्रिप सुलतानपुर जिले के कूरेभार के पास बनी है।


भारतीय वायुसेना इससे पहले आगरा एक्सप्रेसवे पर मिराज 2000, जैगुआर, सुखोई 30 और सुपर हरक्यूलस जैसे जहाज उतारकर टेस्ट कर चुकी है। उत्तर प्रदेश की इन दोनों हवाई पट्टियों से वायु सेना पाकिस्तान और चीन के खिलाफ जंग की सूरत में प्रतिक्रिया दे सकती हैं।


आपको याद होगा लखनऊ आगरा एक्सप्रेस में अखिलेश सरकार के दौरान रिकार्ड समय में तैयार हुआ। एक्सप्रेस वे पर सेना के विमानों का टच डाउन देखने के लिए शानदार कार्यक्रम हुआ। योगी सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे ताबड़तोड़ तरीके से तैयार कराया गया। अब इस एक्सप्रेस वे पर भी सेना के विमान लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगें।


वैसे एक्सप्रेस वे की सियासत ने मायावती के शासनकाल में यमुना एक्सप्रेस से रफ्तार पकड़ी थी लेकिन इस पर सेना का ख्याल नहीं रखा गया था।


बढ़िया है, सियासी रास्तों पर ऐसी विकासशील जंग का जनता स्वागत भी करती है और सेना सम्मान भी।


टीम स्टेट टुडे