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लखीमपुर कांड के बाद दो लोगों की सूझबूझ ने झुलसने से बचाया बहराइच जिला

Updated: Oct 14, 2021



उत्तर प्रदेश में जब लखीमपुर कांड से हड़कंप मचा था,हर ओर सिस्टम और सरकार जल्द माहौल को नियंत्रित करने के लिये विभिन्न प्रकार की बंदिशों से प्रदेश में अमन चैन कायम करने की दिशा में कार्य कर रहे थे तो बहराइच ज़िले में DM और कप्तान की जुगलबंदी बार्डर के ज़िले बहराइच में माहौल को कंट्रोल करने के लिये अपने अपने अंदाज से आवाम के बीच अमन चैन कायम रखने का पैगाम दे रहे थे।



इसके लिये बहराइच के जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने सिक्ख समाज से जिला प्रशासन को सहयोग करने के लिये अपने हाथों गुरुमुखी भाषा में अमन का पैगाम लिखकर वायरल किया,तो पुलिस अधिकारियों के साथ ADG गोरखपुर अखिल कुमार व SP बहराइच सुजाता सिंह ने पीड़ित परिवारों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ने के लिये हाथ जोड़कर एक दूसरे के निरंतर सहयोग की मांग करती नज़र आयीं ।



मामला लखीमपुर में हुई घटना में बहराइच के तहसील नानपारा अन्तर्गत 2 अलग-अलग ग्रामों बंजारन टांडा निवासी दलजीत सिंह पुत्र स्व. हरी सिंह तथा ग्राम मोहर्निया निवासी गुरविन्दर सिंह पुत्र सुखविन्दर सिंह की मृत्यु हो जाने से उपजे माहौल से जुड़ी थी। उक्त घटना में जनपद के 2 व्यक्तियों की मृत्यु की जानकारी होते ही जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने एक पल गवांये बिना पूरे प्रशासनिक अमले के साथ सम्बन्धित ग्रामों में पहुॅच कर परिस्थितियों को देखते हुए विधि व्यवस्था एवं लोक परिशान्ति सहित लोक व्यवस्था व जनसुरक्षा कायम रखने के उद्देश्य से यथा स्थान मजिस्ट्रेटों व समकक्ष पुलिस अधिकारियों की तैनाती ही नहीं की बल्कि निरन्तर शोकाकुल परिवार के सम्पर्क में रहकर उन्हें ढ़ाढस भी बंधाते रहे। उक्त घटना से स्वयं जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने गुरमुखी भाषा में शोक सन्देश भी लिखा, साथ ही अमन का पैगाम भी जिसका प्रभाव भी कही न कही उपजे माहौल में भावनाओं को जोड़ने के क्रम में कारगर रहा। एक कलेक्टर द्वारा गुरुमुखी में लगातार की गई भावनात्मक अपील ने सिक्ख समाज के लोगों के जहन में प्रभावित कर गई। अहेतुक सहायता देने के दौरान कलेक्टर द्वारा लिखी गई गुरुमुखी के संदेश को ज्यों ही पीड़ित परिजनों ने पढ़ा एक लोक सेवक के प्रति मौजूद लोगों में समर्पित भाव कलेक्टर के प्रति बढ़ गया।



आपको बता दें कि जिलाधिकारी द्वारा अमन चैन को बनाये रखने के लिये गुरुमुखी भाषा में लिखे गये शोक संवेदना व अमन चैन से लबरेज भावनात्क पत्र को पढ़कर पीड़ित परिजनों के साथ ही आंदोलित सिक्ख समाज के लोगों ने काफी सराहना की, जिसका असर ये रहा कि आक्रोशित सिक्ख समाज का आक्रोश DM के भावनात्क संदेश को पढ़कर अति शीघ्र सामान्य हो गया। इस तरह बहराइच का जिला प्रशासन महज 24 घण्टे के भीतर अमन चैन कायम करनें में सफल रहा।

ये है पूरा मामला।



लखीमपुर घटना में मृतकों के शव उनके पैतृक आवास पहुंचने पर गुरविंदर सिंह के परिवार जनों के द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम की बात पर भी जिला प्रशासन द्वारा समन्वय एवं परिस्थितियों के अनुरूप संयम एवं धैर्य के साथ कुछ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर मौके की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए परिजनों की सहमति से त्वरित निर्णय लेते हुए पोस्टमार्टम कराये जाने का अनुकरणीय कार्य ही नहीं किया अपितु मेडिकल टीम की व्यवस्था कराते हुए स्वयं भी पूरे समय मर्चरी में डीएम डॉ चन्द्र पीड़ित परिवार के प्रति भी एक अभिभावक स्वरूप मौजूद रहे।घटना के संज्ञान में आने के बाद से मृतकों के अन्तिम संस्कार की रस्म तक जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र हर स्थान पर मौजूद नज़र आये। घटना के सम्बन्ध में शासन और किसान समूह के बीच हुई वार्ता में तय मुआवज़े के भुगतान में भी जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने बड़ी संजीदगी और तत्परता दिखाते हुए 05 अक्टूबर 2021 को ही प्रति मृतक रू. 45-45 लाख धनराशि के चेक लेकर पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मृतकों के आवास पहुॅच कर उनके परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामवासियों के समक्ष उनके हिताधिकारियों को सौंप दिया।


जनपद लखीमपुर खीरी में घटित घटना में जनपद बहराइच के 02 व्यक्तियों की मृत्यु हो जाने के कारण मृतकों के आवासों पर विभिन्न राजनैतिक दलों/संगठनों के आवागमन के कारण जनपद में संवेदनशीलता की गतिविधियों के दृष्टिगत शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के निमित्त जहॉ प्रत्येक स्तर पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गयी वहीं मृतकों के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने हेतु 05 व्यक्तियों के समूह को नियत/अनुमन्य सुरक्षा के साथ अनुमति भी प्रदान की जा रही है।घटना को लेकर कहीं पर कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए मृतकों के पैतृक आवास से लेकर सम्पूर्ण जनपद के सीमा क्षेत्र में मजिस्ट्रेटों व जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर सम्पूर्ण जनपद में कानून व्यवस्था बनाये रखने के हर संभव प्रयास लगातार किये गये।



यही नही लखीमपुर की घटना के उपरान्त जनपद में कैम्प कर रहे ए.डी.जी. गोरखपुर ज़ोन अखिल कुमार, आई.जी. डॉ. राकेश कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह के साथ जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने स्वयं भी निरन्तर भ्रमणशील रहकर हालात पर सतर्क दृष्टि बनाये रहे और सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। परिस्थितियों में कानून एवं शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र जहॉ एक ओर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, कृषि के डॉ. देवेश चतुर्वेदी तथा सूचना के नवनीत सहगल से सम्पर्क में रहकर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करते रहे वहीं दूसरी ओर किसान नेता राकेश टिकैत को भी हालात से अवगत कराते हुए सदभावपूर्ण महौल बनाये रखने की अपील कीे। लखीमपुर की घटना के उपरान्त जनपद में उत्पन्न परिस्थितियों में संयम एवं सहयोग प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने सिख समुदाय, जनपदवासियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।


टीम स्टेट टुडे




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